
पलूशन ऐसा है कि घर से ही दलीलें दीजिए; चीफ जस्टिस सूर्यकांत की वकीलों को सलाह
इससे पहले 26 नवंबर को अत्यधिक प्रदूषण के कारण सीजेआई ने अस्वस्थ महसूस करने की बात कहते हुए ‘वर्चुअल’ सुनवाई पर विचार किया था। वर्तमान में शीर्ष अदालत प्रत्यक्ष और ‘वर्चुअल’ दोनों तरीकों से ‘हाइब्रिड मोड’ में कार्य कर रही है।
राजधानी दिल्ली में बिगड़ती हवा का असर न्यायपालिका पर भी पड़ रहा है। खबर है कि CJI यानी भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने खराब मौसम की स्थिति के मद्देनजर वकीलों और वादियों को सुप्रीम कोर्ट में सूचीबद्ध मामलों के लिए ‘हाइब्रिड मोड’ के माध्यम से पेश होने की सलाह दी है। सुप्रीम कोर्ट प्रशासन द्वारा रविवार को जारी एक परिपत्र में यह जानकारी दी गई।
यह सलाह ऐसे समय में आई है जब दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 461 तक पहुंच गया, जो इस सर्दी का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने खतरनाक हवा से गंभीर स्वास्थ्य खतरों की चेतावनी दी है। इसमें कहा गया है, 'मौसम की स्थिति के मद्देनजर भारत के प्रधान न्यायाधीश ने सलाह दी है कि अगर सुविधाजनक हो तो, बार के सदस्य/पार्टी अपने मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हाइब्रिड मोड का इस्तेमाल करें।'
इससे पहले 26 नवंबर को अत्यधिक प्रदूषण के कारण सीजेआई ने अस्वस्थ महसूस करने की बात कहते हुए ‘वर्चुअल’ सुनवाई पर विचार किया था। वर्तमान में शीर्ष अदालत प्रत्यक्ष और ‘वर्चुअल’ दोनों तरीकों से ‘हाइब्रिड मोड’ में कार्य कर रही है।
17 दिसंबर को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बिगड़ते वायु प्रदूषण के स्तर से संबंधित याचिका पर 17 दिसंबर को सुनवाई करेगा।
CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम पामचोली की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह की दलीलों पर गौर किया, जो न्याय मित्र के रूप में न्यायालय की सहायता कर रही हैं। सिंह ने कहा कि यद्यपि निवारक उपाय मौजूद हैं, लेकिन मुख्य मुद्दा अधिकारियों द्वारा उपायों का खराब कार्यान्वयन है।
सिंह ने कहा कि जब तक यह अदालत कोई निर्देश नहीं देती, अधिकारी पहले से मौजूद प्रोटोकॉल का पालन नहीं करते हैं। इस पर सीजेआई ने कहा, 'यह मामला बुधवार को तीन न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष आएगा। इस पर सुनवाई होगी।'
दिल्ली का मौसम
सोमवार को दिल्ली घनी धुंध की चादर में लिपटी रही, जिससे AQI 498 पर पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। वायु गुणवत्ता 38 केंद्रों पर ‘गंभीर’ थी, जबकि दो केंद्रों पर यह ‘बेहद खराब’ थी। जहांगीरपुरी में एक्यूआई 498 दर्ज किया गया, जो सभी 40 केंद्रों में सबसे खराब वायु गुणवत्ता वाला केंद्र रहा।





