लंदन में CJI सूर्यकांत से पूछा ऐसा सवाल, मच गया बवाल; भड़का भारतीय उच्चायोग

लाइव हिन्दुस्तान, लंदन
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लंदन में CJI सूर्यकांत के कार्यक्रम में एक महिला द्वारा असहमति पर सवाल उठाने और आयोजक द्वारा रोके जाने का वीडियो वायरल होने पर भारतीय उच्चायोग ने कड़ी आपत्ति जताई है।

लंदन में CJI सूर्यकांत से पूछा ऐसा सवाल, मच गया बवाल; भड़का भारतीय उच्चायोग

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के ब्रिटेन दौरे से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। लंदन में सीजेआई के एक लेक्चर के बाद हुए सवाल-जवाब सत्र के दौरान एक महिला ने भारत में 'असहमति के प्रति बढ़ती शत्रुता' को लेकर सवाल पूछना चाहा, लेकिन स्टेज पर मौजूद एंकर ने उन्हें बीच में ही रोक दिया। अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अब इस घटना के तूल पकड़ने के बाद लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने एक आधिकारिक बयान जारी कर दर्शक के 'अशोभनीय व्यवहार' की कड़ी निंदा की है।

क्या है पूरा मामला?

सीजेआई सूर्यकांत इन दिनों ब्रिटेन के दौरे पर हैं। इसी दौरान उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के बिर्कबेक कॉलेज में 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेशनल लॉ' विषय पर लेक्चर दिया था। कार्यक्रम के बाद हुए इंटरैक्टिव सेशन में दर्शकों के बीच बैठी एक महिला ने एआई पर सीजेआई की बातों का हवाला देते हुए असहमति का मुद्दा उठा दिया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर वायरल क्लिप के अनुसार, महिला ने कहा, "अब हम देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई लीगल ऑब्जर्वर से सुन रहे हैं कि भारत में असहमति के प्रति बढ़ती शत्रुता को लेकर काफी चिंता है।" महिला ने आगे कहा कि ऐसा लगता है कि यह शत्रुता सीजेआई के हालिया भाषणों में भी झलकती है।

एंकर ने बीच में ही काट दी बात

महिला अपना सवाल पूरा भी नहीं कर पाई थी कि स्टेज पर मौजूद एंकर ने उन्हें रोक दिया। एंकर ने कहा, "पूरे सम्मान के साथ, मुझे बहुत खेद है, मैं यह सवाल नहीं ले पाऊंगा क्योंकि हमारा विषय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेशनल लॉ से जुड़ा है। बहुत खेद है... मुझे आपको रोकना होगा।" वायरल वीडियो क्लिप यहीं खत्म हो जाती है। वहीं, एक अन्य वीडियो क्लिप में दर्शकों में से किसी को इस बात पर विरोध जताते और यह कहते हुए सुना जा सकता है- "कृपया हमें थोड़ा सम्मान दें!"

भारतीय उच्चायोग ने क्या कहा?

वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। बयान में बताया गया कि 4 जून 2026 को सीजेआई सूर्यकांत आयोजकों के निमंत्रण पर यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के बिर्कबेक कॉलेज में 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेशनल लॉ' पर लेक्चर देने पहुंचे थे।

उच्चायोग ने कहा, "संबोधन के बाद एक शानदार चर्चा हुई। उसके बाद, एक विशेष व्यक्ति ने कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश की। दर्शकों का ऐसा अशोभनीय व्यवहार अस्वीकार्य है और यह सार्वजनिक संवाद के दौरान होने वाले सम्मानजनक जुड़ाव के अनुरूप नहीं है।" बयान में आगे कहा गया है, "एक लोकतांत्रिक समाज में विचारों में मतभेद होना स्वाभाविक हिस्सा है। हालांकि, उन्हें सभ्य और सम्मानजनक तरीके से व्यक्त किया जाना चाहिए।"

CJP और सीजेआई के पुराने बयान का क्या है कनेक्शन?

इस घटना की वीडियो क्लिप 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और अन्य यूजर्स द्वारा शेयर की गई है। दरअसल, CJP का नाम सीजेआई के उस बयान से जुड़ा है जो उन्होंने 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में दिया था। एक मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा था, "समाज में पहले से ही ऐसे परजीवी हैं जो सिस्टम पर हमला करते हैं, और आप उनसे हाथ मिलाना चाहते हैं?" उन्होंने आगे कहा था कि कुछ ऐसे युवा हैं जो कॉकरोच की तरह हैं, जिन्हें कोई रोजगार नहीं मिलता... उनमें से कुछ मीडिया, सोशल मीडिया, आरटीआई या अन्य एक्टिविस्ट बन जाते हैं और हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।

हालांकि, 16 मई को सीजेआई ने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि उनके बयान को मीडिया के एक हिस्से ने गलत तरीके से पेश किया। उनका निशाना उन लोगों पर था जो 'फर्जी और बोगस डिग्री' के साथ कानूनी पेशे में आ रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है मामला

सीजेआई के इसी बयान के बाद 'कॉकक्रोच जनता पार्टी' चर्चा में आई थी। 25 मई को सुप्रीम कोर्ट में एक वकील ने याचिका दायर कर CJP और अन्य सोशल मीडिया संस्थाओं पर कोर्ट रूम रिकॉर्डिंग के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, तब सीजेआई ने इस पर तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा था, "इसे इतना भावुक होकर न लें... कोई बड़ी इमरजेंसी नहीं है। हम इस पर विचार करेंगे।" इस बीच, रिपोर्ट के अनुसार CJP 6 जून को दिल्ली में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक बड़े विरोध प्रदर्शन की योजना बना रही है।

पीएम मोदी के नॉर्वे दौरे का भी जिक्र

इस घटना की तुलना मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे से भी की जा रही है। ओस्लो में पीएम मोदी और नॉर्वे के पीएम की संयुक्त प्रेस वार्ता के बाद जब सवाल-जवाब का सेशन नहीं हुआ, तो पत्रकार हेले लिंग ने पीएम मोदी से सवाल लेने का आग्रह किया था। तब भारतीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि वह पहले से तय एक संयुक्त बयान था, कोई ओपन प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं थी जिसमें नेताओं को सवाल लेने हों।

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Amit Kumar

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डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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