
आधी रात तक भी कोर्ट में बैठ सकता हूं, नए सीजेआई सूर्यकांत ने ऐसा क्यों कहा?
इससे पहले हरियाणा के हिसार जिले के एक मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले जस्टिस सूर्यकांत ने 24 नवंबर को भारत के 53वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी। वह लगभग 15 महीने तक इस पद पर रहेंगे और 9 फरवरी 2027 को सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
CJI Surya Kant: पिछले सप्ताह देश के मुख्य न्यायधीश के रूप में शपथ लेने वाले जस्टिस सूर्यकांत ने शुक्रवार को कहा है कि गरीब लोगों के लिए न्याय सुनिश्चित करना उनकी शीर्ष प्राथमिकता है और वह उनके लिए अदालत में आधी रात तक भी बैठ सकते हैं। CJI सूर्यकांत ने तिलक सिंह डांगी नाम के व्यक्ति द्वारा केंद्र के खिलाफ दायर याचिका को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। सुनवाई के दौरान सीजेआई के साथ जस्टिस जॉयमाल्य बागची भी थे।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा, ‘‘मेरी अदालत में, कोई भी मुकदमा अनावश्यक या न्यायालय का समय बर्बाद करने वाला नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि इस तरह के मामले अमीर वादी ही लड़ते हैं। उन्होंने अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता गिनाते हुए कहा, ‘‘मैं आपको बता दूं, मैं यहां सबसे छोटे, सबसे गरीब पक्षकार के लिए हूं। अगर जरूरत पड़ी तो मैं उनके लिए मध्य रात्रि तक यहां बैठूंगा।’’
इससे पहले हरियाणा के हिसार जिले के एक मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले जस्टिस सूर्यकांत ने 24 नवंबर को भारत के 53वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी। वह लगभग 15 महीने तक इस पद पर रहेंगे और 9 फरवरी 2027 को सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
जस्टिस सूर्यकांत हरियाणा से इस सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने वाले वह पहले व्यक्ति बने हैं। मुख्य न्यायाधीश बनने से ठीक पहले जस्टिस सूर्यकांत ने दिवाली पर बिना किसी औपचारिकता के हिसार के अपने पैतृक गांव पेटवाड़ का भी दौरा किया था। वह अपने पुराने घर में ठहरे और परिवार के सदस्यों तथा बचपन के पुराने परिचितों से मुलाकात की।





