
जूता फेंकने वाले वकील को माफ क्यों कर दिया? रिटायर होने से ठीक पहले CJI गवई ने बताई वजह
जब पूछा गया कि आखिर सीजेआई गवई ने उस वकील को क्यों माफ कर दिया, जिसने उन पर जूता फेंका था। इस पर सीजेआई ने जवाब दिया कि यह फैसला उसी समय लिया गया था।
भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) बीआर गवई आज रिटायर हो रहे हैं। रिटारमेंट से ठीक पहले उन्होंने कुछ समय पहले वकील रहे राकेश किशोर द्वारा सुप्रीम कोर्ट में फेंके गए जूते के मामले को लेकर बात की। उन्होंने यह भी बताया कि आखिर क्यों उन्होंने जूता फेंकने वाले वकील को माफ कर दिया था। सीजेआई गवई ने कहा कि यह फैसला उसी समय लिया गया था।
बार एंड बेंच के अनुसार, सीजेआई गवई ने अपने आधिकारिक आवास पर रविवार को पत्रकारों से बात की। इस दौरान, जब पत्रकार ने पूछा कि आखिर उन्होंने उस वकील को क्यों माफ कर दिया, जिसने उन पर जूता फेंका था। इस पर सीजेआई ने जवाब दिया, ''यह फैसला उसी समय लिया गया था।''
वहीं, सोशल मीडिया को लेकर उन्होंने कहा कि जो आप कोर्ट में नहीं कहते, वह आपके मुंह में डाल दिया जाता है। कुछ एआई क्लिप्स में दिखाया गया था कि जूता जस्टिस विनोद चंद्रन से मिस होकर मुझे लगा। टेक्नोलॉजी के फायदे और नुकसान दोनों हैं। बता दें कि सोशल मीडिया पर जूता उछाले जाने के मामले के बाद एक एआई क्लिप वायरल हुई थी, जिसको लेकर काफी अलाचेना भी हुई।
पिछले महीने की शुरुआत में बुजुर्ग वकील राकेश किशोर ने सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के दौरान सीजेआई बीआर गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की थी। यह घटना एक मंदिर परिसर में भगवान विष्णु की मूर्ति के पुनर्निर्माण से संबंधित एक मामले में सीजेआई की टिप्पणी पर वकील के गुस्से के कारण हुई थी। इसके बाद राकेश किशोर ने सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेंगे के भी नारे लगाए थे। बार काउंसिल ने राकेश किशोर की वकालत का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। हालांकि, सीजेआई गवई ने किशोर को माफ कर दिया।

लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन को डिजिटल मीडिया में आठ साल से अधिक का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में यह दूसरी पारी है। राजनीतिक विषयों पर लिखने में अधिक रुचि है। नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स, यूटीलिटी, एजुकेशन समेत विभिन्न बीट्स में काम किया है। लगभग सभी प्रमुख अखबारों के संपादकीय पृष्ठ पर 200 से अधिक आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं। खाली समय में लॉन टेनिस खेलना पसंद है।
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