Hindi NewsIndia NewsCJI B R Gavai said judicial activism should not turn into judicial adventurism or judicial terrorism
न्यायिक आतंकवाद में ना बदल जाए न्यायिक सक्रियता, रिटायरमेंट से पहले ऐसा क्यों बोले CJI गवई?

न्यायिक आतंकवाद में ना बदल जाए न्यायिक सक्रियता, रिटायरमेंट से पहले ऐसा क्यों बोले CJI गवई?

संक्षेप:

CJI एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में SC के वरिष्ठ न्यायाधीश विक्रम नाथ और कई अन्य न्यायाधीश व वरिष्ठ वकील भी मौजूद थे। CJI का कार्यकाल 23 नवंबर, 2025 को खत्म होने वाला है।

Nov 17, 2025 11:43 pm ISTJagriti Kumari भाषा
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देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई ने सोमवार को एक कार्यक्रम में कहा है कि न्यायिक सक्रियता को “न्यायिक आतंकवाद” में नहीं बदलना चाहिए। जस्टिस गवई ने कहा कि भारत में न्यायिक सक्रियता बनी रहेगी और जहां कहीं भी विधायिका या कार्यपालिका नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने में विफल रहती हैं, वहां देश की संवैधानिक अदालतों, चाहे वे उच्च न्यायालय हों या सर्वोच्च न्यायालय, को हस्तक्षेप करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “लेकिन साथ ही, न्यायिक सक्रियता को न्यायिक दुस्साहस या न्यायिक आतंकवाद में नहीं बदलना चाहिए।”

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जस्टिस गवई इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एफआई रेबेलो की किताब ‘आवर राइट्स: एसेज ऑन लॉ, जस्टिस एंड द कॉन्स्टिट्यूशन’ के विमोचन समारोह में बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश विक्रम नाथ और कई अन्य न्यायाधीश व वरिष्ठ वकील भी मौजूद थे। कार्यक्रम में जस्टिस गवई ने कहा, “मुझे लगता है कि उन्होंने (जस्टिस रेबेलो ने) बहुत स्पष्ट रूप से बताया है कि न्यायाधीशों को किस सीमा के भीतर न्यायिक सक्रियता का सहारा लेना चाहिए।”

CJI गवई ने कहा कि जस्टिस रेबेलो ने बताया है कि किस तरह कानून और संविधान ने भारत जैसे विविधतापूर्ण देश को एकजुट रखने का मार्ग प्रशस्त किया है। जस्टिस गवई ने कहा, “न्यायमूर्ति रेबेलो आज न्यायपालिका के समक्ष मौजूद समकालीन चुनौतियों का समाधान करने में संकोच महसूस नहीं करते।”

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उन्होंने आगे कहा कि पिछले 75 वर्षों में विधानमंडल, संसद, कार्यपालिका और न्यायपालिका ने हमेशा व्यावहारिक तरीके से काम किया है। जस्टिस गवई ने कहा, “मुझे विश्वास है कि यह किताब, जो जजों, वकीलों और मेरे जैसे लॉ के छात्रों के लिए एक खजाना साबित होगी, हम सभी को सामाजिक और आर्थिक समानता की यात्रा पर चलने में मदद करने के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगी।”

Jagriti Kumari

लेखक के बारे में

Jagriti Kumari
जागृति ने 2024 में हिंदुस्तान टाइम्स डिजिटल सर्विसेज के साथ अपने करियर की शुरुआत की है। संत जेवियर कॉलेज रांची से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन करने बाद, 2023-24 में उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा हासिल किया। खबरें लिखने के साथ साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय संबंध, खेल और अर्थव्यवस्था की खबरों को पढ़ना पसंद है। मूल रूप से रांची, झारखंड की जागृति को खाली समय में सिनेमा देखना और सिनेमा के बारे में पढ़ना पसंद है। और पढ़ें
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