
पूरे साल के लिए नहीं तय कर सकते विमानों का किराया, इंडिगो संकट के बीच बोली केंद्र सरकार
इससे पहले इंडिगो एयरलाइंस के परिचालन में व्यवधान से यात्रियों को हो रही परेशानियों पर सरकार की तरफ से कदम उठाए जाने का आश्वासन देते हुए नागर विमानन मंत्री ने कहा कि किसी भी एयरलाइन को यात्रियों के लिए परेशानियां खड़ी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इंडिगो संकट के बीच केंद्र सरकार ने लोकसभा में कहा है कि सरकार पूरे साल के लिए विमानों के किराए पर कैप नहीं लगा सकती। शुक्रवार को नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने लोकसभा में इस मामले पर जानकारी देते हुए यह बातें कही हैं। उन्होंने कहा है कि मौसमी उतार-चढ़ाव और मांग में आने वाले बदलावों को देखते हुए सरकार पूरे साल के लिए कीमतें तय नहीं कर सकती।
गौरतलब है कि दिसंबर के पहले सप्ताह में हजारों की संख्या में इंडिगो की उड़ानें रद्द होने के बाद लोगों को भारी परेशानी का समाना करना पड़ा है। इसका असर अब तक देखा जा रहा है जहां सरकार के दूरी के हिसाब से अधिकतम हवाई किराया तय करने के बाद भी टिकट के दाम आसमान छू रहे हैं। सरकार ने इस संकट की जांच के लिए एक चार सदस्यीय समिति बनायी है। इसके अलावा इंडिगो को अपने विंटर शिड्यूल की उड़ानों में 10 प्रतिशत की कटौती करने का आदेश दिया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने क्या बताया?
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री नायडू ने कहा कि ज्यादा डिमांड के समय हवाई किराए पारंपरिक रूप से बढ़ जाते हैं और मंत्रालय के लिए सालाना कैप लागू करना संभव नहीं होगा। उन्होंने लोकसभा में कहा, “हम पूरे साल किराए पर कैप नहीं लगा सकते। त्योहारी सीजन के दौरान डिमांड बढ़ जाती है और किराए बढ़ जाते हैं। हमने एयरलाइंस से इन व्यस्त समय के दौरान अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए कहा है।”
नायडू ने किराए को एक समायोज्य और उचित सीमा के भीतर रखने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की रूपरेखा भी बताई है। इसमें एयरलाइंस को सीट क्षमता बढ़ाने, भीड़-भाड़ वाले रूट पर नई फ्लाइट्स जोड़ने और यात्री-सुरक्षा के दिशानिर्देशों का पालन करने का आदेश देना शामिल है।
उन्होंने कहा, "एयरलाइंस को पीक सीजन के दौरान क्षमता बढ़ाने की सलाह दी गई है। अधिक फ्लाइट्स शुरू की गई हैं और फ्लाइट रूट का विस्तार किया गया है।" नायडू ने आगे कहा कि मंत्रालय ने फ्लाइट रूट का विस्तार किया है और सिस्टम में और अधिक फ्लाइट्स लाई गई हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जब डिमांड बढ़े तो यात्रियों के पास यात्रा के कई विकल्प हों।





