
स्पेशल ऑल-वुमन कमांडो टीम बनाने का फैसला, आतंकवाद को मिलेगा मुंहतोड़ जवाब
संक्षेप: फिलहाल सीआईएसएफ में 12491 महिलाएं हैं, जो इसकी कुल ताकत का 8 प्रतिशत हैं। साल 2026 में 2,400 और महिलाओं की भर्ती होगी और आने वाले समय में भर्ती इस तरह की जाएगी कि बल में कम से कम 10 प्रतिशत महिलाएं हों।
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने आतंकवाद से लड़ने के लिए स्पेशल ऑल-वुमन कमांडो टीम बनाने का फैसला किया है। इस टीम में पहली बार 100 महिला कर्मियों को चुना गया है, जो देशभर के हवाई अड्डों की सुरक्षा करने वाली विमानन सुरक्षा समूह (ASG) का हिस्सा हैं। सीआईएसएफ 1.70 लाख कर्मियों का बल है और 69 हवाई अड्डों, दिल्ली मेट्रो और कई अहम सरकारी व निजी इमारतों की सुरक्षा करता है।

इन महिला कर्मियों को मध्य प्रदेश के बड़वाह में ट्रेनिंग सेंटर में 8 सप्ताह की स्पेशल कमांडो ट्रेनिंग दी जा रही है। इस कोर्स में फिजिकल फिटनेस, हथियार चलाने की ट्रेनिंग, तनाव में गोलीबारी, दौड़, रस्सी से उतरना, जंगल में जीवित रहने का प्रशिक्षण और 48 घंटे का खास व्यायाम शामिल है। यह कसरत मुश्किल हालात में फैसले लेने और टीमवर्क की क्षमता को परखेगा, ताकि ये महिलाएं त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT) और विशेष कार्य बल (STF) के लिए तैयार हो सकें।
2400 और महिलाओं की होगी भर्ती
फिलहाल सीआईएसएफ में 12491 महिलाएं हैं, जो इसकी कुल ताकत का 8 प्रतिशत हैं। साल 2026 में 2,400 और महिलाओं की भर्ती होगी और आने वाले समय में भर्ती इस तरह की जाएगी कि बल में कम से कम 10 प्रतिशत महिलाएं हों। यह निर्देश गृह मंत्रालय ने दिया है, ताकि महिलाओं की भागीदारी बढ़े और वे सुरक्षा बल में अहम भूमिका निभा सकें।





