'मैं छात्रों की आवाज दबाने के पक्ष में नहीं', चिराग पासवान की दो टूक; पुलिस ऐक्शन पर क्या बोले?
NEET-UG 2026 पेपर लीक और CJP प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि वह छात्रों की आवाज दबाने के पक्ष में नहीं हैं और संवाद ही समाधान का सबसे अच्छा माध्यम है।

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों की भावनाओं का समर्थन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह छात्रों की आवाज को दबाने के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं और बातचीत के जरिए ही इस मुद्दे का समाधान निकाला जाना चाहिए। उनका यह बयान CJP के प्रदर्शन और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से उनके डेलिगेशन की मुलाकात के संदर्भ में आया है।
'बातचीत एक अच्छा माध्यम है'
छात्रों के प्रदर्शन पर अपनी राय रखते हुए चिराग पासवान ने कहा, "मैं छात्रों की भावनाओं का पूरा सम्मान करता हूं। जाहिर सी बात है, अलग-अलग मुद्दों को लेकर छात्रों के मन में आक्रोश और चिंता रही होगी, जिसके कारण उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा। लेकिन मैं छात्रों की आवाज को दबाने के पक्ष में नहीं हूं।"
उन्होंने आगे कहा, "समस्याओं को सुलझाने के लिए बातचीत एक बेहतरीन माध्यम है। जिस तरह से कल CJP के प्रतिनिधिमंडल ने जेपी नड्डा जी से मुलाकात की है, उससे साफ है कि सरकार ने बातचीत के लिए हमेशा अपने दरवाजे खुले रखे हैं। कभी-कभी गुस्सा इतना बढ़ जाता है कि लोग सड़कों पर आ जाते हैं। हालांकि, अगर सीमाएं पार की जाती हैं और कानून-व्यवस्था में बाधा उत्पन्न होती है, तो कुछ कड़ी कार्रवाई करनी पड़ती है, जिसका मैं समर्थन नहीं करता।" पासवान ने यह भी कहा कि छात्र और युवा हमारे देश का भविष्य हैं और सरकार उनकी भावनाओं का सम्मान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
जेपी नड्डा से CJP डेलिगेशन की हुई थी मुलाकात
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और NEET-UG पेपर लीक को लेकर तेज हुए विरोध-प्रदर्शनों के बीच सोमवार को CJP के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की थी।
जेपी नड्डा ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर बताया कि CJP डेलिगेशन के साथ यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। उन्होंने बताया, "शाम करीब 4 बजे उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तार से मौखिक चर्चा हुई और उन्होंने मुझे एक लिखित ज्ञापन भी सौंपा है। मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अपना धरना खत्म करने और शांति बहाल करने में प्रशासन की मदद करने का अनुरोध किया है।"
क्या हैं CJP की मुख्य मांगें?
CJP नेताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या उन्हें पद से बर्खास्त किया जाना।
- जान गंवाने वाले NEET उम्मीदवारों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा।
- सफदरजंग अस्पताल में इलाज करा रहे क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई।
संसद मार्च के दौरान हुई थी भारी हिंसा
गौरतलब है कि सोमवार को संसद की ओर निकाला गया CJP का विरोध मार्च हिंसक हो गया था। दिल्ली पुलिस ने छात्रों प्रदर्शनकारियों को खूब लाठी से मारा। कई पुलिसकर्मी बिना नेम बैज और सादा वर्दी में लाठी भांजते दिखे। सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को भारी चोटें आई हैं।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की, पत्थरबाजी की और पुलिस व सरकारी वाहनों के साथ-साथ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट में हुई पत्थरबाजी और तोड़फोड़ के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
दूसरी ओर, CJP एक्टिविस्ट अभिजीत डिपके ने दिल्ली पुलिस पर 'क्रूरता और बर्बरता' का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ मारपीट की। वांगचुक के बारे में डिपके ने बताया कि उन्हें भूख हड़ताल खत्म करने के लिए मना लिया गया था, लेकिन पुलिस की कार्रवाई देखने के बाद उन्होंने अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है।
NDA की बैठक में युवाओं पर पीएम मोदी का फोकस
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की संसदीय दल की बैठक का जिक्र करते हुए चिराग पासवान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश के युवाओं के भविष्य और उन्हें सही मार्गदर्शन देने पर चर्चा की। पीएम मोदी ने उन युवाओं के अनुभव भी साझा किए, जिन्होंने न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन किया है।
लेखक के बारे में
Amit Kumarडिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
अमित न केवल समाचारों के त्वरित प्रकाशन में माहिर हैं, बल्कि वे खबरों के पीछे छिपे 'क्यों' और 'कैसे' को विस्तार से समझाने वाले एक्सप्लेनर लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं। डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों, जैसे कि कीवर्ड रिसर्च, ट्रेंड एनालिसिस और एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन को वे बखूबी समझते हैं। उनकी पत्रकारिता की नींव 'फैक्ट-चेकिंग' और सत्यापन पर टिकी है। एक मल्टीमीडिया पत्रकार के तौर पर अमित का सफर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ रहा है। उन्होंने अमर उजाला, वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे बड़े मीडिया घरानों के साथ काम किया है।
अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।
और पढ़ें

