
भारत के रडार पर रहते हैं चीनी युद्धपोत, नौसेना वाइस चीफ का खुलासा; पाक की भी बात
जापान और ऑस्ट्रेलिया, जो भारत और अमेरिका के साथ ‘क्वाड’ समूह के सदस्य हैं, वे भी शामिल होंगे। भारत ने चीन, पाकिस्तान और तुर्किये को इन आयोजनों के लिए आमंत्रित नहीं किया है।
Indian Navy: भारत ने हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में चीन के युद्धपोतों और जासूसी जहाजों पर अपनी निगरानी और कड़ी कर दी है। इसी बीच भारतीय नौसेना फरवरी में ‘मिलन’ बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास और अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा (IFR) की मेजबानी विशाखापट्टनम में करेगी, जिसमें अमेरिका और रूस सहित 55 देशों की नौसेनाएं भाग लेंगी।

नौसेना के उपप्रमुख वाइस एडमिरल संजय वत्सायन ने शुक्रवार को कहा, “हिंद महासागर क्षेत्र में बाहरी शक्तियों की मौजूदगी लगातार बनी रहती है और अब यह और बढ़ रही है। किसी भी समय यहां कम से कम 40 से 50 विदेशी युद्धपोत सक्रिय रहते हैं। हम प्रत्येक पोत पर नजर रखे हुए हैं। वे क्या कर रहे हैं, कब आते हैं, कब जाते हैं, यह सब हमें मालूम है।”
वत्सायन ने बताया कि दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना के रूप में चीन के पास 370 से अधिक युद्धपोत और पनडुब्बियां हैं और वह लगातार हिंद महासागर में अपनी “अंडरवाटर डोमेन अवेयरनेस” बढ़ाने में जुटा है। इसके लिए वह सर्वेक्षण और शोध के नाम पर जासूसी जहाजों को तैनात कर रहा है, जो समुद्र तल और नौवहन से जुड़ा महत्वपूर्ण डेटा एकत्र करते हैं।
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि मई में पाकिस्तान के खिलाफ शुरू किया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी भी जारी है। उन्होंने कहा, “हमारे विदेशी साझेदारों के साथ हो रहे अभ्यास यह संदेश देते हैं कि हमारी तैनाती और योजनाएं बिना किसी बाधा के जारी हैं।”
‘मिलन’ अभ्यास, IFR और ‘इंडियन ओशन नेवल सिंपोजियम (IONS)’ का आयोजन 15 से 25 फरवरी 2026 तक विशाखापट्टनम में होगा। वाइस एडमिरल वत्सायन ने बताया कि अमेरिका और रूस दोनों ने अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है और युद्धपोत भेजेंगे। इसके अलावा, जापान और ऑस्ट्रेलिया, जो भारत और अमेरिका के साथ ‘क्वाड’ समूह के सदस्य हैं, वे भी शामिल होंगे।
भारत ने चीन, पाकिस्तान और तुर्किये को इन आयोजनों के लिए आमंत्रित नहीं किया है।





