चार लोग मिलकर... भारत से क्वाड ने दिया कड़ा संदेश तो तिलमिलाया चीन, देने लगा शांति की दुहाई
China News: भारत में हुई क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक की चीन ने आलोचना की है। बीजिंग की तरफ से कहा गया कि वह ऐसे किसी भी गठजोड़ की निंदा करता है, जो कि किसी तीसरे देश को निशाना बनाकर बनाया गया है। बता दें, क्वाड हमेशा से चीन के इस दावे को खारिज करते हुए आया है कि वह चीन के खिलाफ बना है।
नई दिल्ली में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से पड़ोसी देश चीन परेशान नजर आ रहा है। चीन ने क्वाड के ऊपर आरोप लगाया कि चार देश मिलकर किसी तीसरे देश को निशाना बना रहे हैं। इस तरीके की नीति से गुटीय टकराव की स्थिति बढ़ेगी, जो कि किसी भी देश के लिए सही नहीं है। चीन की तरफ से यह बयान ऐसे समय में आया है, जब नई दिल्ली में हुई क्वाड बैठक में रेयर अर्थ मिनरल्स, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसेफिक क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को लेकर नए स्तर से चर्चा हुई है।
इस बैठक की आलोचना करते हुए चीनी विदेश मंत्रालय ने नया बयान जारी किया है। चीन की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, "किसी भी देशों के बीच का सहयोग क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने वाला होना चाहिए। ऐसा कोई भी समूह किसी तीसरे देश को निशाना बनाने के लिए नहीं होना चाहिए। हम (चीन) विशेष रूप से ऐसे गुटों के निर्माण का और किसी भी गुटीय टकराव का विरोध करते हैं।"
बता दें, नई दिल्ली में हुई क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत से एस जयशंकर, अमेरिका से मार्को रूबियो, जापान से तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया से पेनी वोंग शामिल हुए। बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में चारों देशों ने दक्षिण चीन सागर और इंडोपैसेफिक में किसी भी खतरनाक सैन्य गतिविधि का विरोध किाय और विवादित क्षेत्रों में सैन्यीकरण की आलोचना की। गौरतलब की चीन पूरे दक्षिण चीन सागर क्षेत्र को अपना बताता है और आए दिन छोटे देशों के जहाजों के ऊपर हमला करते रहता है। हालांकि, क्वाड द्वारा जारी किए गए बयान में सीधे तौर पर चीन का नाम नहीं लिया गया।
दरअसल, भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया द्वारा मिलकर बनाए गए इस क्वाड का उद्देश्य इंडो पैसेफिक क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने और नए स्तर पर सहयोग बढ़ाने को लेकर है। चूंकि, चीन इंडो पैसेफिक के देशों के ऊपर अपनी दादागिरी जमाना चाहता है, इसलिए यह ग्रुप सामान्य रूप से उसके खिलाफ नजर आता है। हालांकि, क्वाड ने कभी भी इस बात को स्वीकार नहीं किया है कि वह किसी तीसरे देश के खिलाफ बना हुआ है। भारत ने भी हर बार इस बात को दोहराया है कि क्वाड एक सहयोग के लिए बनाया गया संगठन है। यह किसी अन्य देश के खिलाफ कोई सैन्य समझौता नहीं है। हालांकि, चीन शुरूआत से ही इसे बीजिंग के खिलाफ मानता हुआ आया है।
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लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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