रात गई पर बात नहीं! LAC पर भारत के आगे झुका चीन; खतरे में थलपति विजय की कुर्सी; 14 सितंबर की बड़ी खबरें
भारत की घेराबंदी के बाद चीन ने LAC से सैनिकों को पीछे हटा लिया है। इधर तमिलनाडु में थलपति विजय की CM की कुर्सी खतरे में नजर आ रही है। एक क्लिक पर पढ़ें 14 सितंबर की बड़ी खबरें-

LAC पर चीन को पीछे हटाने पड़ गए सैनिक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय वार्ता के बाद अब LAC से भारत के लिए बेहद अहम खबर सामने आई है। रक्षा मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सेना की आक्रामक घेराबंदी और 10 कॉम्बाइंड आर्म्स ब्रिगेड की तैनाती के बाद अब चीनी सेना ने अपने सैनिकों को पीछे खींच लिया है।
क्यों है अहम- ये खुलासे रक्षा मंत्रालय की 2025-26 की ताजा रिपोर्ट में हुए हैं। इसके मुताबिक उत्तरी सीमाओं पर चीन के पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने अपने सैनिकों की तैनाती में भारी कटौती की है। यह इसीलिए भी अहम है कि क्योंकि हाल ही में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत पहुंचे थे। इस दौरान पीएम मोदी और जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हुई। यह जून 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में हुई हिंसा के बाद दोनों की पहली द्विपक्षीय वार्ता थी।
आगे क्या- रक्षा मंत्रालय ने रिपोर्ट में कहा है कि LAC के सभी सेक्टर में भारतीय सेना मजबूती के साथ खड़ी है। रिपोर्ट में लिखा है, “LAC के सभी सेक्टर में भारतीय सेना मजबूती से तैनात है और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।”
तमिलनाडु में खतरे में थलपति विजय की कुर्सी?
तमिलनाडु में थलपति विजय की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार को सहयोगी पार्टियों ने ही झटका दे दिया है। राज्य में 6 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनावों से पहले CPI और CPM ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।
क्यों है अहम- रिपोर्ट्स के मुताबिक विजय को भावी प्रधानमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट किए जाने से सहयोगी दल सहज नहीं हैं। इसके अलावा यूनिवर्सिटीज में राजनीतिक गतिविधियों और छात्र विरोध प्रदर्शनों पर आए विजय सरकार के आदेश से वामपंथी बेहद नाराज हैं। विजय के फिल्मी अंदाज को लेकर भी वामपंथी खफा हैं।
आगे क्या- फिलहाल वामपंथी दलों ने सरकार से समर्थन वापस नहीं लिया है। हालांकि उन्होंने अपनी राहें जरूर अलग कर ली हैं। अब धारापुरम और मदुरंतकम में होने वाले उपचुनाव के नतीजों पर निगाहें हैं। नतीजे तय कर देंगे कि थलपति विजय का जादू वाकई कायम है या फिर तमिलनाडु में उनकी कुर्सी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
दिवाली-छठ के लिए 100 से ज्यादा स्पेशल ट्रेन
दुर्गापूजा, दीपावली और छठ पूजा को देखते हुए भारतीय रेलवे ने 100 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। ये स्पेशल ट्रेनें बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों को जोड़ने वाले रूटों पर चलेंगी।
क्यों है अहम- त्योहारी सीजन में चलाये जा रहे इन ट्रेनों में ज्यादा सीटें और रिजर्व बर्थ भी मिलेंगी, जिससे वेटिंग लिस्ट कम होगी और यात्रियों के लिए सफर आसान होगा।
आगे क्या- रेलवे ने कहा है कि त्योहारों के मौसम में ज्यादा यात्रियों को जगह देने और यात्रा को आरामदायक बनाने के लिएरेली ने कुछ रेगुलर ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी जोड़े हैं। सर्वर को भी मजबूत किया गया है।


