चीन की नई चाल, भारत से सटे इलाकों में ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को और मजबूत करने की तैयारी
योजना में तिब्बत की ओर जाने वाले तीन मौजूदा राजमार्गों को डेवलप करने का भी प्रस्ताव है। इससे शिनजियांग और तिब्बत को चीन के मुख्य भाग से बेहतर जोड़ा जाएगा, जिसे रणनीतिक बैकबोन कॉरिडोर के रूप में बताया गया है।

चीन ने अपनी 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) के तहत भारत से सटे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक परिवहन नेटवर्क को और मजबूत करने की योजना बनाई है। हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना का मसौदा जारी किया गया है, जिसमें दूरस्थ सीमाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया है। यह प्रोजेक्ट भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच चीन की सीमाओं पर बेहतर शक्ति प्रदर्शन और रसद सुविधा बढ़ाने का हिस्सा है। योजना को राष्ट्रीय जन कांग्रेस (NPC) की मंजूरी के लिए रखा गया है, जो वर्तमान में बीजिंग में चल रहे सत्र में विचाराधीन है। कम्युनिस्ट पार्टी ने पहले ही इसे मंजूरी दे दी है और यह चीन के भविष्य के लिए सबसे अहम योजनाओं में से एक मानी जा रही है।
इस योजना के प्रमुख प्रोजेक्ट्स में शिनजियांग उइगुर स्वायत्त क्षेत्र के तियानशान पहाड़ों के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को जोड़ने वाला 394 किलोमीटर लंबा राजमार्ग निर्माण शामिल है। यह मार्ग विवादित अक्साई चिन क्षेत्र से गुजरने वाली मौजूदा रणनीतिक सड़क के समानांतर बनेगा, जिसका निर्माण 1962 के चीन-भारत युद्ध के बाद सैन्य आवागमन सुधार के लिए किया गया था। इसके अलावा, मध्य शिनजियांग में दुशांज़ी-कुका राजमार्ग का काम सितंबर में शुरू हो चुका है, जिसके 2032 तक पूरा होने की उम्मीद है। ये परियोजनाएं चीन के दूरस्थ पश्चिमी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने और सीमा सुरक्षा मजबूत करने पर केंद्रित हैं।
रणनीतिक बैकबोन कॉरिडोर की पहचान
योजना में तिब्बत की ओर जाने वाले तीन मौजूदा राजमार्गों को डेवलप करने का भी प्रस्ताव है। इससे शिनजियांग और तिब्बत को चीन के मुख्य भाग से बेहतर जोड़ा जाएगा, जिसे रणनीतिक बैकबोन कॉरिडोर के रूप में बताया गया है। ये सुधार न केवल आर्थिक विकास बल्कि सैन्य गतिशीलता और सीमा पर त्वरित प्रतिक्रिया के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन 9 स्थलीय सीमा वाले प्रांतों को जोड़ने वाली दो हाईवे को पूरा करने और पूर्वी तट पर नेशनल कोस्टल हाईवे को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रख रहा है।
ये कदम भारत-चीन सीमा पर बढ़ते तनाव के संदर्भ में विशेष महत्व रखते हैं, जहां दोनों देश पहले से ही इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। चीन की यह योजना उसके दूरस्थ क्षेत्रों में एकीकरण, सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है, जो आने वाले पांच वर्षों में सीमावर्ती इलाकों की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगी।
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Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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