चीन में 1.3 करोड़ बच्चों ने दी दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा, भारत के NEET-JEE पर कसा तंज

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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भारत में NEET पेपर लीक विवाद के बीच चीनी दूतावास ने दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा 'गाओकाओ' (Gaokao) के सफल आयोजन का दावा कर तंज कसा है। जानिए 1.3 करोड़ छात्रों की इस परीक्षा के लिए चीन में क्या थे इंतजाम।

चीन में 1.3 करोड़ बच्चों ने दी दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा, भारत के NEET-JEE पर कसा तंज

भारत में इस वक्त NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक को लेकर भारी विवाद चल रहा है। इस बीच चीन ने इशारों ही इशारों में भारत की परीक्षा प्रणाली पर तंज कसा है। भारत में स्थित चीनी दूतावास ने दावा किया है कि उन्होंने करीब 1.3 करोड़ छात्रों की 'गाओकाओ' परीक्षा को बिना किसी रुकावट और गड़बड़ी के सफलतापूर्वक संपन्न करा लिया है। गाओकाओ को दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा माना जाता है।

चीनी दूतावास ने क्या कहा?

चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी परीक्षा के शानदार मैनेजमेंट की तुलना भारत के जेईई (JEE) और नीट (NEET) से की। यू जिंग ने लिखा, "चीन की गाओकाओ दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा है और यह भारत की JEE और NEET का मिला-जुला रूप है। महज 2 दिनों में 1.3 करोड़ छात्रों के लिए इस परीक्षा को सफलतापूर्वक आयोजित कर लिया गया।"

दूतावास की ओर से परीक्षा के दौरान की गई भारी-भरकम लॉजिस्टिक व्यवस्था की भी तारीफ की गई। यू जिंग ने बताया, "परीक्षा के लिए फैक्ट्रियों का काम रोक दिया गया। सड़कों को शांत कर दिया गया। छात्रों के लिए पूरा देश एक साथ खड़ा रहा।"

NEET पेपर लीक के बैकड्रॉप में कसा तंज

चीन का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब भारत में परीक्षाओं के आयोजन को लेकर बहस छिड़ी हुई है। 3 मई को आयोजित हुई NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक की घटना सामने आने के बाद से ही देशभर में भारी विरोध-प्रदर्शन हुए हैं और देश के परीक्षा मैनेजमेंट पर गंभीर सवाल उठे हैं। (बता दें कि इस विवाद के बाद अब 21 जून को री-एग्जाम होना है)। हालांकि, चीनी दूतावास की पोस्ट में सीधे तौर पर इस विवाद का नाम नहीं लिया गया, लेकिन जिस तरह से 1.3 करोड़ छात्रों के एग्जाम के शानदार मैनेजमेंट का जिक्र किया गया है, उसे सीधे तौर पर भारत के इकोसिस्टम से तुलना के तौर पर देखा जा रहा है।

क्या है गाओकाओ परीक्षा और इसके लिए कैसी थीं तैयारियां?

  • गाओकाओ चीन के विश्वविद्यालयों (यूनिवर्सिटी) में एडमिशन के लिए होने वाली प्रमुख प्रवेश परीक्षा है।
  • किसी भी चीनी छात्र की जिंदगी में यह सबसे महत्वपूर्ण इवेंट माना जाता है, जिसके लिए पूरे परिवार के सालों की तैयारी और मेहनत लगी होती है।
  • इस साल पूरे चीन में 1.3 करोड़ (लगभग 13 मिलियन) उम्मीदवार दो दिन तक चली इस परीक्षा में शामिल हुए।

परीक्षा में कोई परेशानी न हो, इसके लिए चीनी प्रशासन ने व्यापक कदम उठाए थे। एग्जाम सेंटर के आसपास ट्रैफिक पाबंदियां लगाई गईं, छात्रों के आने-जाने के लिए खास इंतजाम किए गए और शोर कम करने के लिए कुछ इलाकों में फैक्ट्रियों का कामकाज भी घटा दिया गया था।

आंकड़ों में भारत से कितना अलग है चीन का एग्जाम?

भारत में इंजीनियरिंग (JEE) और मेडिकल (NEET) के लिए अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं होती हैं। दोनों परीक्षाओं में हर साल लाखों उम्मीदवार बैठते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, भारत में NEET में सालाना करीब 20 लाख उम्मीदवार और JEE Main में करीब 15 लाख उम्मीदवार हिस्सा लेते हैं। वहीं, चीन में यूनिवर्सिटी एडमिशन के लिए सिर्फ एक ही राष्ट्रीय परीक्षा (गाओकाओ) होती है। अगर भारत के इन दोनों प्रमुख एग्जाम के उम्मीदवारों को मिला भी दिया जाए, तो चीन की गाओकाओ में बैठने वाले उम्मीदवारों (1.3 करोड़) की संख्या कहीं अधिक है।

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Amit Kumar

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डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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