
भारत की मदद के लिए आगे आया चीन, जहरीली हवा से निपटने में साथ देने का दिया आश्वासन
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, सोमवार को दिल्ली के 27 निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता 'गंभीर' थी, जिनमें से 12 केंद्र पर गुणवत्ता 'अत्यंत खराब' श्रेणी में दर्ज की गई। वजीरपुर में वायु गुणवत्ता सबसे खराब रही, जहां 475 AQI दर्ज की गई।
प्रदूषण और जहरीली हवा की वजह से कई तरह की परेशानियों का सामना कर रहे भारत की मदद के लिए पड़ोसी देश चीन आगे आया है। एक दुर्लभ मामले में चीन ने कहा है कि वह आने वाले दिनों में भारत के साथ कुछ उपाय और सलाहों की सूची साझा करेगा, जिनकी वजह से कभी चीन ने इन समस्याओं से निजात पाया था। बता दें कि ठंड बढ़ने और पारा गिरने से पूरे उत्तर भारत में प्रदूषण का स्तर और बढ़ गया है। कई इलाकों में विजिबिलिटी बेहद कम हो गई, जिसकी वजह से दर्जनों सड़क दुर्घटनाएं भी हुई हैं।
इसके बाद चीन ने सोमवार को भारत के साथ वायु प्रदूषण के खिलाफ साझी लड़ाई की बात कही और बढ़ती पर्यावरणीय चिंता से निपटने के लिए सोशल मीडिया पर एक सीरीज पेश की है। भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने चीन और भारत में हवा की गुणवत्ता की तुलना करते हुए कुछ तस्वीरें भी साझा कीं।
एक्स पर एक पोस्ट में यू जिंग ने कहा है कि दोनों देश तेजी से शहरीकरण के बीच वायु प्रदूषण से जूझ रहे हैं और यह एक जटिल चुनौती बनी हुई है। चीनी प्रवक्ता ने लिखा, "चीन और भारत दोनों तेजी से शहरीकरण के बीच वायु प्रदूषण से जूझ रहे हैं। ये एक जटिल चुनौती बनी हुई है। हालांकि पिछले एक दशक में चीन के लगातार प्रयासों से कई उल्लेखनीय सुधार हुए हैं।"
प्रवक्ता ने कहा कि आने वाले दिनों में चीन भारत के साथ इन उपायों को साझा करेगा। उन्होंने लिखा, "आने वाले दिनों में हम एक छोटी सीरीज शेयर करेंगे जिसमें बताया जाएगा कि चीन वायु प्रदूषण से कैसे निपटा" यू ने तस्वीरों के जरिए बताया कि चीन में हवा के गुणवत्ता स्तर में सुधार हुआ है और फिलहाल बीजिंग का AQI 68 है। वहीं दिल्ली का AQI 447 के करीब दिखाया गया है।
इससे पहले राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 498 पर पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। दिल्ली के 38 मौसम निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई, जबकि दो केंद्रों पर यह ‘बेहद खराब’ श्रेणी में रही। जहांगीरपुरी में एक्यूआई 498 दर्ज किया गया, जो सभी 40 केंद्रों में सबसे खराब वायु गुणवत्ता थी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मानकों के अनुसार, एक्यूआई 0 से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।





