
हमारा गला घोंट रही केंद्र सरकार... अब इस राज्य के CM ने ठानी रार; सत्याग्रह का ऐलान, मंत्री-MLA साथ
मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल के खिलाफ केंद्र सरकार की आर्थिक नाकेबंदी के विरोध में 12 जनवरी को तिरुवनंतपुरम में शहीद स्तंभ पर मंत्रियों, विधायकों और सांसदों की भागीदारी के साथ एक सत्याग्रह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जहां केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है, वहीं अब केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी गुरुवार को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह केरल को आर्थिक रूप से कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार केरल का आर्थिक गला घोंटने की कोशिश कर रही है।" इसके विरोध में उन्होंने 12 जनवरी को तिरुवनंतपुरम में सत्याग्रह का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, "केरल के खिलाफ केंद्र सरकार की आर्थिक नाकेबंदी के विरोध में 12 जनवरी को तिरुवनंतपुरम में शहीद स्तंभ पर मंत्रियों, विधायकों और सांसदों की भागीदारी के साथ एक सत्याग्रह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन के लिए सभी से समर्थन का अनुरोध है।"
2017 से केरल की उधारी सीमा में कटौती का आरोप
आगामी महीनो में होने वाले केरल विधानसभा चुनावों से पहले सीएम पिनराई विजयन ने आरोप लगाया कि 2017 से ही केंद्र सरकार राज्य की अनुमेय उधारी सीमा तय करते समय पब्लिक अकाउंट की राशि को शामिल कर कटौती कर रही है। यह केरल को आर्थिक रूप से जकड़ने की एक सोची-समझी कोशिश है। उन्होंने कहा कि इन फैसलों की वजह से राज्य को गंभीर वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है।
“फर्जी कहानियां गढ़कर केरल की प्रगति नहीं छिपाई जा सकती”
भाजपा पर परोक्ष हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र की आर्थिक पाबंदियों के बावजूद केरल जो उपलब्धियां हासिल कर रहा है, वह कुछ लोगों को असहज कर रही हैं। झूठ और फर्जी कहानियां गढ़कर राज्य की प्रगति को लोगों से छुपाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने जस्टिस जे.बी. कोशी आयोग की रिपोर्ट को लेकर फैल रही गलत जानकारियों पर भी प्रतिक्रिया दी। यह आयोग राज्य में ईसाई अल्पसंख्यकों की शैक्षणिक, आर्थिक पिछड़ेपन और कल्याण से जुड़े मुद्दों का अध्ययन करने के लिए गठित किया गया था।
17 विभागों ने सिफारिशों को पूरी तरह से लागू कर दिया
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "राज्य सरकार ने आयोग द्वारा प्रस्तुत 284 सिफारिशों और 45 उप-सिफारिशों पर विचार किया है। सत्रह विभागों ने सिफारिशों को पूरी तरह से लागू कर दिया है, और 220 सिफारिशों और उप-सिफारिशों पर कार्रवाई पूरी हो गई है।" उन्होंने कहा कि बाकी सिफारिशों को तभी लागू किया जाएगा जब मौजूदा केंद्रीय और राज्य कानूनों/नियमों में बदलाव किया जाएगा, अदालती आदेश प्राप्त किए जाएंगे, या अन्य विभागों से सहमति ली जाएगी।
विजयन ने कहा कि शेष सिफारिशों को लागू करने के लिए कुछ मामलों में कानूनों में संशोधन की जरूरत है तो कुछ मामलों में अदालत की अनुमति की दरकार है। कुछ में अन्य विभागों की सहमति जरूरी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रक्रिया को तेज करने के लिए मुख्य सचिव स्तर पर बैठक बुलाई जाएगी और **किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
भाजपा और राजीव चंद्रशेखर पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा और उनके नेताओं का कभी भी धर्मनिरपेक्षता को मजबूत करने का इरादा नहीं रहा। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिकता का मुकाबला केवल धर्मनिरपेक्षता से ही किया जा सकता है। विजयन ने कहा कि सांप्रदायिक ताकतें दूसरे धर्मों के लोगों को दुश्मन की तरह देखती हैं और समाज में नफरत और विभाजन फैलाती हैं। उन्होंने ज़ोर दिया कि केरल में शांति और धर्मनिरपेक्षता को बनाए रखना बेहद जरूरी है।

लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।




