लक्षद्वीप में 47 साल से लागू थी शराबबंदी, सरकार ने बदल दिया कानून; भड़क गई जनता

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केंद्र सरकार ने लक्षद्वीप का 47 साल पुराना कानून बदलकर शराबबंदी को खत्म कर दिया है। सरकार लक्षद्वीप को वैश्विक पर्यटन केंद्र के तौर पर विकसित करना चाहती है। इस फैसले को लेकर यहां के लोगों में असंतोष है। 

लक्षद्वीप में 47 साल से लागू थी शराबबंदी, सरकार ने बदल दिया कानून; भड़क गई जनता

लक्षद्वीप को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है। यहां 47 साल पहले लागू की गई शराबबंदी अब खत्म कर दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक द्वीपसमहू में पर्यटन को बढ़ावा देने और राजस्व के लिए सरकार ने यह फैसला किया है। आपको बता दें कि लक्षद्वीप में मुस्लिम आबादी ज्यादा है। ऐसे में इस्लामिक सिद्धातों को देखते हुए यहां 1979 में शराबबंदी लागू की गई थी। रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि सरकार के इस फैसले से लक्षद्वीप के लोग खुश नहीं हैं।

क्यों हटा ली गई शराबबंदी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लक्षद्वीप एक्साइज रेग्युलेशन 2026 पर साइन कर दिए हैं। इसके बाद लक्षद्वीप प्रोहिबिशन रेग्युलेश 1979 को वापस ले लिया गया है। केंद्र सरकार लक्षद्वीप को वैश्विक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है। ऐसे में विदेशी और घरेलू पर्यटकों के लिए रेस्तरां और होटलों में शराब उपलब्ध करवाने और रेवेन्यू जनरेट करने के लिए सरकार ने लगभग 50 साल पुराना कानून वापस ले लिया है।

नए नियमों के मुताबिक नियंत्रित तरीके से द्वीपसमूह में शराब बेची जा सकगी। सरकार को इससे बड़ा मुनाफा होने वाला है. सरकार शराब पर एक्साइज ड्यूटी, लाइसेंस फीस और अन्य चार्ज लगाकर कमाई करेगी। पूरी तरह से लागू की गई शराबबंदी को नए कानून ने रिप्लेस कर दिया है और अब नियंत्रित करीके से शराब की मैन्युफेक्चरिंग, आयात, निर्यात, ट्रांसपोर्ट और बिक्री को लागू किया जाएगा। साथ ही सरकार इन सारी गतिविधियों पर पूरी नजर रखेगी।

कैसे काम करेगा नया नियम

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ऐसा नहीं है कि शराब को मनमाने तरीके से बेचने की छूट दे दी गई है। इसपर सरकार का पूर् नियंत्रण होगा। देसी और विदेशी शराब पर 400 फीसदी का आबकारी कर लगाया गया है। इसके अलावा बियर पर 200 फीसदी और वाइन पर 80 पर्सेंट का कर वसूला जाएगा। इसके अलावा सरकारी और प्राइवेट एजेंसियां शराब बिक्री के लिए लाइसेंस ले सकती हैं। 21 साल से नीचे वालों को शराब बेचने की अनुमति नहीं होगी।

क्यों है इस फैसले पर विवाद कि आशंका

लक्षद्वीप में 96.5 पर्सेंट मुसलमान रहते हैं। 1979 में शराबबंदी इस्लामिक सिद्धातों को ध्यान में रखकर ही की गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां शराब बेचने की अनुमति देकर माहौल बिगाड़ने का ही प्रयास है। अपने फायदे के लिए सरकार समाज को दूषित करना चाहती है। लक्षद्वीप से सांसद हमदुल्लाह सईद ने भी सरकार के इस फैसले का विरोध किया है। उनका कहना है कि इस तरह से सरकार की उपलब्धता से युवाओं को सबसे ज्यादा नुकसान होगा। वे नशे के आदी हो जाएंगे और फिर लक्षद्वीप में भी अपराध बढ़ने लगेंगे।

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Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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