जनगणना पोर्टल पर अरुणाचल प्रदेश के शहर का दिखा चीनी नाम, मचा भारी हंगामा
बयान में कहा गया कि अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी सियांग जिले के पासीघाट में सरकारी पोर्टल के जरिए स्वगणना के दौरान मानचित्र स्थान को लेकर समस्या सामने आई। मानचित्र सेवा प्रदाता से यह मुद्दा उठाया गया और समाधान कर लिया गया है।

अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी सियांग जिले में स्थित पासीघाट को चीनी शहर मेडोग के रूप में दर्शाने वाले स्वगणना मानचित्र से संबंधित समस्या का समाधान कर लिया गया है। रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया की ओर से यह जानकारी दी गई। इस मुद्दे को मोहोंटो पांगिंग पाओ नामक एक एक्स यूजर ने उठाया था। उसने अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए एक पोस्ट किया। सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर स्वगणना करने का प्रयास करने के दौरान सामने आने वाले मानचित्र में अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट को कथित तौर पर मेडोग के रूप में दर्शाया गया था।
पाओ ने पोस्ट में कहा, 'मेडोग चीन का एक कस्बा है! गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई भारतीय हैं! यहां तक कि सरकारी पोर्टल भी हमारे क्षेत्र को सौंप रहे हैं! तत्काल कार्रवाई की जरूरत है!' महापंजीयक ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि आज अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी सियांग जिले के पासीघाट में सरकारी पोर्टल के जरिये स्वगणना के दौरान मानचित्र स्थान को लेकर एक समस्या सामने आई। जनगणना आयुक्त ने एक्स पर पोस्ट किया, 'मानचित्र सेवा प्रदाता के साथ यह मुद्दा उठाया गया था और इसका समाधान कर लिया गया है।'
भारतीय क्षेत्र को काल्पनिक नाम देने पर आपत्ति
इससे पहले, भारत ने कहा था कि चीन की ओर से भारतीय क्षेत्र को काल्पनिक नाम देना और निराधार विमर्श गढ़ना वास्तविकता को नहीं बदल सकता, लेकिन इससे द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने के प्रयासों पर असर जरूर पड़ सकता है। नई दिल्ली की तीखी प्रतिक्रिया बीजिंग की ओर से अक्साई चिन में एक तीसरे नए काउंटी की स्थापना को लेकर आई। भारत अक्साई चिन को अपना संप्रभु क्षेत्र मानता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'भारत चीन की ओर से भारत की भूमि के अंतर्गत आने वाले स्थानों को मनगढ़ंत नाम देने के किसी भी शरारती प्रयास को स्पष्ट रूप से खारिज करता है।'
रणधीर जायसवाल ने कहा, 'चीन की ओर से झूठे दावे पेश करने और निराधार विमर्श गढ़ने के ऐसे प्रयास इस निर्विवाद वास्तविकता को नहीं बदल सकते कि अरुणाचल प्रदेश सहित ये स्थान और क्षेत्र भारत का अभिन्न व अविभाज्य हिस्सा थे, हैं और हमेशा रहेंगे।' जायसवाल ने कहा कि चीनी पक्ष के ऐसे प्रयास भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर और सामान्य बनाने की कवायद से ध्यान भटकाती हैं। उन्होंने कहा, 'चीन को ऐसे कार्यों से बचना चाहिए, जो संबंधों में नकारात्मकता पैदा करते हैं और बेहतर समझ बनाने के प्रयासों को कमजोर करते हैं।'
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लेखक के बारे में
Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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