अपने ही Ex DSP के खिलाफ CBI ने दर्ज की FIR, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी मामले से क्या कनेक्शन?

May 06, 2026 09:32 pm ISTPramod Praveen हिन्दुस्तान टाइम्स, नीरज चौहान, नई दिल्ली
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मीणा पर इससे पहले दिसंबर 2024 में CBI ने एक अलग मामले में आरोप लगाया था। उन पर BSFB की जांच के दायरे में आने वाले व्यक्तियों या कंपनियों से कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप था।

अपने ही Ex DSP के खिलाफ CBI ने दर्ज की FIR, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी मामले से क्या कनेक्शन?

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपने ही पुलिस उपाधीक्षक (Dy SP) बृज मोहन मीणा के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति अर्जित का एक मामला दर्ज किया है। मीणा संवेदनशील बैंक सिक्योरिटीज़ एंड फ्रॉड ब्रांच (BSFB) में तैनात थे। वह बैंकिंग, प्रतिभूति और धोखाधड़ी शाखा में तैनाती के दौरान रिश्वतखोरी के एक मामले को लेकर पहले से ही जांच के दायरे में हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।

अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने डीएसपी और उनकी पत्नी के खिलाफ 2021-24 के दौरान 98.33 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया है, जो उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से 87 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि अधिकारी और उनकी पत्नी ने इस संपत्ति के बारे में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया, जिसके बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया।

मीणा पर इससे पहले दिसंबर 2024 में CBI ने एक अलग मामले में आरोप लगाया था। उन पर BSFB की जांच के दायरे में आने वाले व्यक्तियों या कंपनियों से कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप था। अधिकारियों ने बताया कि तब से वह निलंबित चल रहे हैं।

30 अप्रैल को दर्ज किए गए इस ताज़ा मामले में CBI ने मीणा और उनकी पत्नी सुनीता के साथ-साथ कुछ अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया है। आरोप है कि सितंबर 2021 से दिसंबर 2024 के बीच, जब मीणा BSFB में DSP के पद पर तैनात थे, तो उन्होंने "जानबूझकर अपनी संपत्ति बढ़ाई और अपने तथा अपनी पत्नी के नाम पर 98.63 लाख रुपये की संपत्ति अर्जित की। यह संपत्ति उनकी ज्ञात आय के स्रोतों के मुकाबले 87.84% अधिक है।" HT ने CBI की फर्स्ट इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (FIR) की एक प्रति देखी है।

मीणा 2003 में CBI में सब-इंस्पेक्टर के तौर पर शामिल हुए थे। 2009 में उन्हें प्रमोट करके इंस्पेक्टर बनाया गया और 2019 में DSP के पद पर पदोन्नत किया गया। सितंबर 2021 से वह एजेंसी की मुंबई स्थित BSFB यूनिट में तैनात थे, जो बैंक धोखाधड़ी के बड़े मामलों को देखती है। इसी ब्रांच ने नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों की भी जांच की है।

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लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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