मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज के घूसखोर अफसरों पर एक्शन, CBI ने रंगे हाथ 2 को किया गिरफ्तार

Feb 06, 2026 10:20 pm ISTNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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ट्रैप के दौरान जूनियर इंजीनियर को रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद दोनों अधिकारियों के परिसरों पर छापेमारी की गई। छापेमारी में दस्तावेजों के अलावा 1 लाख 88 हजार 500 रुपये की नकदी बरामद हुई। 

मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज के घूसखोर अफसरों पर एक्शन, CBI ने रंगे हाथ 2 को किया गिरफ्तार

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पुणे के खड़की इलाके में मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज के 2 अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अफसरों में असिस्टेंट गैरीसन इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। यह कार्रवाई 5 फरवरी को की गई, जब सीबीआई ने जाल बिछाकर जूनियर इंजीनियर को शिकायतकर्ता से 2 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। रिश्वत की पूरी राशि उनके कार्यालय से बरामद कर ली गई। असिस्टेंट गैरीसन इंजीनियर को भी साजिश में उनकी भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया है। यह मामला भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत दर्ज किया गया है और जांच जारी है।

सीबीआई ने 3 फरवरी को यह मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता एक निजी कंपनी के पावर ऑफ अटॉर्नी धारक हैं। शिकायत के अनुसार, कार्य पूरा होने और प्रमाणपत्र जमा करने के बावजूद अधिकारियों ने भुगतान रोका हुआ था ताकि रिश्वत वसूली जा सके। शुरू में दोनों अधिकारियों ने 6 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। बातचीत के बाद इसे पहले किस्त के रूप में 2 लाख रुपये पर तय किया गया। शिकायतकर्ता ने सीबीआई से संपर्क किया, जिसके बाद ट्रैप लगाया गया और आरोप सिद्ध हुए।

छापेमारी के दौरान क्या मिला

ट्रैप के दौरान जूनियर इंजीनियर को रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद दोनों अधिकारियों के आवासीय और कार्यालयी परिसरों पर छापेमारी की गई। छापेमारी में दस्तावेजों के अलावा 1 लाख 88 हजार 500 रुपये की अनएक्सप्लेन्ड नकदी बरामद हुई। यह राशि उनकी वैध आय से अधिक बताई जा रही है। सीबीआई की जांच में यह साजिश रिश्वतखोरी की व्यवस्थित प्रक्रिया का हिस्सा प्रतीत हो रही है, जहां ठेकेदारों को भुगतान के लिए मजबूर किया जाता है। ऐसे मामलों में रिश्वतखोरी सरकारी कार्यों में पारदर्शिता को प्रभावित करती है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विभागों में विश्वास को कमजोर करती है।

सीबीआई ने इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा बताया है। जांच एजेंसी आगे की कार्रवाई कर रही है, जिसमें अन्य संभावित शामिल लोगों की जांच और सबूत जुटाने का काम शामिल है। यह घटना रक्षा क्षेत्र में कार्यरत ठेकेदारों के लिए चेतावनी है कि वे रिश्वत के दबाव में न आएं और सीधे एजेंसी से संपर्क करें। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे गिरफ्तारियां भ्रष्टाचार को रोकने में अहम भूमिका निभाती हैं और सरकारी तंत्र में जवाबदेही बढ़ाती हैं।

Niteesh Kumar

लेखक के बारे में

Niteesh Kumar
नीतीश 7 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024 की कवरेज कर चुके हैं। पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से ग्रैजुएशन किया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें
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