CBI का बड़ा ऐक्शन, नौसेना के पूर्व कैप्टन पर आय से अधिक संपत्ति का केस; कौन है आरोपी?
सीबीआई अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि आरोपी अधिकारी 1 जुलाई 1989 को सब-लेफ्टिनेंट के रूप में नौसेना में भर्ती हुए थे। उन्होंने 6 अगस्त 2016 को कैप्टन का पद प्राप्त किया, जो थलसेना में कर्नल के बराबर होता है। वे वर्ष 2024 में सेवानिवृत्त हुए।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भारतीय नौसेना के एक पूर्व कैप्टन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया है। आरोपी पर तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति के स्रोत छिपाने का आरोप है। सीबीआई अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि आरोपी अधिकारी 1 जुलाई 1989 को सब-लेफ्टिनेंट के रूप में नौसेना में भर्ती हुए थे। उन्होंने 6 अगस्त 2016 को कैप्टन का पद प्राप्त किया, जो थलसेना में कर्नल के बराबर होता है। वे वर्ष 2024 में सेवानिवृत्त हुए।
आगे बताया गया कि रिटायर्ड अधिकारी ने अपनी सेवा के दौरान कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील पदों पर कार्य किया। इनमें नेटवर्क सेंट्रिक ऑपरेशंस निदेशालय, मुख्यालय स्ट्रेटेजिक फोर्सेस कमांड (SFC), नेवल डॉकयार्ड मुंबई, बीएचईएल में गुणवत्ता आश्वासन सेल, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और नौसेना डिजाइन निदेशालय (सबमरीन डिजाइन ग्रुप) शामिल हैं।
क्या है आरोप?
सीबीआई के अनुसार, आरोपी अधिकारी 2010 से 2020 के बीच (जब वे कमांडर और कैप्टन के पद पर थे) अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित करने में सफल रहे। इस अवधि में उनके परिवार की कुल संपत्ति 2.31 करोड़ रुपये से बढ़कर 6.90 करोड़ रुपये हो गई। अचल संपत्तियों की संख्या भी लगभग दोगुनी हो गई।
आरोपी, उनकी पत्नी और दो बेटों सहित पूरे परिवार की आय और खर्च का ब्योरा मिलान करने के बाद सीबीआई ने पाया कि 3.18 करोड़ रुपये की संपत्ति का कोई संतोषजनक स्रोत नहीं बताया जा सका। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
अभी तक गणना में शामिल न किए गए खर्च…
- 2011 में पंचकूला में खरीदी गई जमीन पर बनाए गए फार्महाउस का निर्माण और रखरखाव खर्च
- जांच अवधि के दौरान खरीदे गए गाड़ी सहित अन्य चल संपत्तियां
- बच्चों की शिक्षा पर हुआ खर्च
सीबीआई ने कहा है कि इन खर्चों को जांच में शामिल करने के बाद आय से अधिक संपत्ति की राशि और बढ़ सकती है। प्राथमिकी में यह भी उल्लेख है कि आरोपी परिवार ने आलीशान इलाकों में संपत्तियां खरीदीं और हद वैभवपूर्ण और खर्चीली जीवनशैली जी है। फिलहाल सीबीआई इस मामले में आगे की जांच कर रही है।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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