हताशा, स्क्रिप्टेड, केवल पीआर एक्सरसाइज; पीएम मोदी के बजट इंटरव्यू पर कांग्रेस

Feb 15, 2026 09:24 pm ISTDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

कांग्रेस ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘पीटीआई-भाषा’ को दिया गया इंटरव्यू कोई इंटरव्यू नहीं था। साथ ही यह दावा किया कि इसे सोच-समझकर तैयार किया गया। कांग्रेस ने कहाकि यह हताशा भरी जनसंपर्क की कवायद थी।

हताशा, स्क्रिप्टेड, केवल पीआर एक्सरसाइज; पीएम मोदी के बजट इंटरव्यू पर कांग्रेस

कांग्रेस ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘पीटीआई-भाषा’ को दिया गया इंटरव्यू कोई इंटरव्यू नहीं था। साथ ही यह दावा किया कि इसे सोच-समझकर तैयार किया गया। कांग्रेस ने कहाकि यह हताशा भरी जनसंपर्क की कवायद थी। कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि व्यापार समझौते पर अमेरिका के सामने आत्मसमर्पण करने के कारण घेराबंदी और हमले का सामना कर रहे प्रधानमंत्री अब सुर्खियां बटोरने की अपनी पसंदीदा रणनीति का सहारा ले रहे हैं।

बजट पूरी तरह से विफल
रमेश ने कहाकि प्रधानमंत्री को पता है कि इस साल का बजट पूरी तरह से विफल रहा है और बौद्धिक थकावट के सभी लक्षण दर्शाता है। बाजारों ने नकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और निवेशक इससे प्रभावित नहीं हुए हैं। इसलिए, उन्हें बजट पेश होने के दो सप्ताह बाद और संसद में विपक्ष द्वारा इसकी धज्जियां उड़ाए जाने के कुछ दिनों बाद इंटरव्यू देना जरूरी लगा। कांग्रेस नेता ने कहाकि हमेशा की तरह, मोदी शैली के कुछ ऐसे 'वन लाइनर्स' (संक्षिप्त बयान) हैं जिनका वास्तविकता में कोई खास मतलब नहीं है।

पीएम झुके और थके हैं
रमेश ने दावा किया कि मोदी लाखों किसानों के साथ किए गए अपने विश्वासघात और अन्य आत्मसमर्पणों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। रमेश ने कहाकि प्रधानमंत्री झुके भी हैं और थके भी हैं। उनका यह बयान प्रधानमंत्री मोदी के ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में यह कहने के बाद आया कि इस साल का बजट मजबूरी के कारण पैदा हुआ ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ वाला पल नहीं था, बल्कि तैयारी और प्रेरणा से उपजा हम तैयार हैं वाला क्षण था। उन्होंने कहा कि यह बजट एक विकसित राष्ट्र बनने की भारत की प्रबल इच्छा को रेखांकित करता है।

प्रधानमंत्री ने अपने इंटरव्यू में कहाकि उनकी सरकार का कोई भी बजट सामान्य बही खाता दस्तावेज तैयार करने की मानसिकता से नहीं बनाया गया, क्योंकि यह हमारा दृष्टिकोण नहीं है। प्रधानमंत्री ने कुछ साल पहले लाल किले की प्राचीर से की गई ‘यही समय है, सही समय है’ घोष‍णा को याद करते हुए कहा कि उनकी सरकार में ‘अब समय आ गया है’ की भावना हमेशा से ही मौजूद रही है।

Deepak Mishra

लेखक के बारे में

Deepak Mishra
दीपक मिश्र मीडिया इंडस्ट्री में करीब 17 साल का अनुभव रखते हैं। खेल, सिनेमा और राजनीति पर प्रमुखता से काम किया है। खासतौर पर खेल की खबरों से जुनून की हद तक मोहब्बत है। 2011 में क्रिकेट वर्ल्ड कप और 2014 में फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप प्रमुखता से कवर कर चुके हैं। फोटोग्राफी और मोबाइल वीडियो स्टोरी के साथ-साथ पॉडकास्ट में विशेष रुचि रखते हैं। दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट के साथ काम करते हुए कई वीडियो स्टोरीज पर काम किया। इसी दौरान आईपीएल पर पॉडकास्ट के साथ एक अन्य पॉडकास्ट ‘शहर का किस्सा’ भी कर चुके हैं। पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद आज अखबार के साथ पत्रकारिता की शुरुआत हुई। इसके बाद दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट और पत्रिका अखबार में काम किया है। आई नेक्स्ट की डिजिटल विंग में काम करते हुए कई नए और रोचक प्रयोग किए। लाइव हिन्दुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रहे हैं। और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
;;;