प्रपोजल वीडियो पर कैप्टन को मिला आर्मी अफसरों का साथ, सोशल मीडिया के सवाल किए खारिज
कैप्टन भरत का प्रपोजल वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। इसको लेकर कई सवाल भी उठे। लेकिन सेना के पूर्व अधिकारियों ने इन आलोचनाओं को गैर-जरूरी बताया है…

आर्मी पायलट कैप्टन भरत भारद्वाज के वायरल वीडियो को लेकर काफी सवाल उठ रहे हैं। कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल में फिल्माए गए वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रिया आ रही हैं। जहां एक तरफ तमाम लोग आर्मी के डिसिप्लिन और सुरक्षा को लेकर इसकी आलोचना कर रहे हैं। वहीं, बड़ी संख्या में लोग इसका बचाव भी कर रहे हैं। इस लिस्ट में एक नाम, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल एचएस पनाग का नाम भी जुड़ गया है। पनाग ने आर्मी अफसर भरत का बचाव किया है। उन्होंने कहाकि युवा अफसरों को निजी क्षणों के लिए बहुत ज्यादा निशाना बनाना ठीक नहीं है। यह मामला नासिक में पासिंग आउट परेड के दौरान हुआ था।
क्या बोले पनाग
बता दें कि पहले ही बहुत से रिटायर्ड सीनियर मिलिट्री अफसर प्रपोजल वीडियो को लेकर भरत का बचाव कर रहे हैं। इसमें पनाग सबसे नया नाम हैं। एक्स पर एक पोस्ट में पूर्व आर्मी अफसर ने कहाकि उन्होंने भी अपनी सर्विस के दौरान इस तरह के कई मामलों का सामना किया है। उन्होंने कहाकि हमने तो तमाम युवा अफसरों को इससे बचाया भी है। पनाग ने कहाकि नियमों में हस्तक्षेप की बात का हवाला देकर यह अनावश्यक बहस छेड़ी गई है। पानग ने लिखा कि अपनी सर्विस के दौरान कई ऐसे मुद्दों से निपटा। उत्साही युवा अधिकारियों और सैनिकों की गरिमा और स्वतंत्र आत्मा की रक्षा और संरक्षण करने के लिए मैं अपनी तरफ से अतिरिक्त प्रयास करता रहा। उन्होंने आगे लिखा कि मैं अक्सर जूनियर अफसरों की गोपनीय रिपोर्टों की समीक्षा करता था। मैं उस वक्त हस्तक्षेप करता जब कमांडर इन घटनाओं के प्रति कठोर नजरिया अपनाते। पनाग के मुताबिक सबसे बुरी हालत में, नाम या घटना का उल्लेख किए बिना सामान्य टालने वाला लेटर जारी किया गया।
कब का है वीडियो
यह वीडियो पासिंग आउट परेड के दौरान कैप्टन भरत भारद्वाज के प्रपोजल का है। वह घुटनों के बल झुकर अपनी पार्टनर को प्रपोज कर रहे हैं, जबकि बैकग्राउंड में सेना का हेलीकॉप्टर नजर आ रहा है। यह प्रपोजल, सेना की प्रमुख विमानन प्रशिक्षण संस्था के पासिंग-आउट परेड के तुरंत बाद किया गया। यह क्लिप सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। तमाम लोग इसकी तारीफ कर रहे हैं, वहीं, आलोचकों ने सवाल उठाया कि क्या मिलिट्री सेटअप का इस्तेमाल और इसके बाद सोशल मीडिया पर इसे डालना, प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं है। सेना ने इस मामले को संज्ञान में लिया है और इससे अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगे जाने की संभावना है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि संभव है कि कुछ प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ हो, फिर भी किसी बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की उम्मीद नहीं है।
कई अफसरों का मिला साथ
गौरतलब है कि कई रिटायर्ड अफसरों का भी कहना है कि यह प्रपोजल कहीं से भी सुरक्षा में चूक नहीं है। पूर्व प्रमुख लेफ़्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सतीश दुआ ने कहाकि इस वीडियो को लेकर बहुत ज्यादा टॉक्सिक माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहाकि सैन्य उपकरण आधिकारिक कार्यक्रमों के दौरान आमतौर पर जनता के सामने होते हैं। वहीं, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) केजेएस ढिल्लों ने भी कैप्टन भरत का समर्थन किया है। उन्होंने कहाकि आलोचक बहुत ज्यादा ही ‘नुक्ताचीनी’ कर रहे हैं। जबकि यह बेहद पर्सनल और इमोशनल लम्हा है। रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने भी तर्क दिया कि प्रपोजल औपचारिक कार्यक्रम खत्म होने के बाद हुआ। उन्होंने कहाकि ऑनलाइन जो सवाल उठाए जा रहे हैं, वह ठीक नहीं हैं।
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लेखक के बारे में
Deepak Mishraमूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।
आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।
यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।
जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।
अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।


