जू जाकर वहां जानवरों से खेल सकते हो क्या, एल्विश यादव केस में वकील से बोला सुप्रीम कोर्ट
मामला साल 2024 में नोएडा में आयोजित रेव पार्टियों में सांप के जहर से बने कथित ड्रग के इस्तेमाल का है। पुलिस ने 2023 में सांपों की तस्करी के एक रैकेट का भंडाफोड़ किया था। तब पुलिस ने नोएडा के सेक्टर 51 में एक बैंक्वेट हॉल में रेड की थी।

सांप के जहर मामले में फंसे एल्विश यादव की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। यादव ने अपने खिलाफ दर्ज केस रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, सुनवाई के दौरान शीर्ष न्यायालय ने सांप को लेकर दी गई दलीलों को लेकर दोनों पक्षों के वकीलों को जमकर फटकार लगाई। फिलहाल, अदालत ने इस मामले को मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया है। अगली सुनवाई की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।
याचिका पर बुधवार को जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एनके सिंह सुनवाई कर रहे थे। बार एंड बेंच के अनुसार, यादव की तरफ से पेश हुए वकील ने अदालत से कहा, 'सांपों में पॉइजन ग्लैंड्स (जहर की ग्रंथियां) नहीं थीं।' इसपर शीर्ष न्यायालय ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि कोर्ट वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत शिकायत को लेकर परेशान है।
कोर्ट ने कहा, 'आपका सांपों से सामना हुआ है या नहीं? क्या आप चिड़ियाघर जाकर वहां जानवरों के साथ खेल सकते हैं? क्या वो अपराध नहीं होगा? आप यह नहीं कह सकते कि आपके जो भी मन में आएगा, आप करेंगे। हम वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत दर्ज की गई शिकायत को लेकर चिंतित हैं।'
दूसरे वकील को भी फटकारा
मामले में मुख्य शिकायतकर्ता गौरव गुप्ता की तरफ से पेश हुए वकील को भी न्यायाधीशों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा था, 'एक अजगर था, जिसमें जहर की ग्रंथियां थीं।' इसपर कोर्ट ने कहा, 'ये आप क्या कह रहे हैं? अजगर में जहर की ग्रंथियां कैसे हो सकती हैं। वो तो सिर्फ गला घोंटता है।'
क्या है मामला
मामला साल 2024 में नोएडा में आयोजित रेव पार्टियों में सांप के जहर से बने कथित ड्रग के इस्तेमाल का है। पुलिस ने 2023 में सांपों की तस्करी के एक रैकेट का भंडाफोड़ किया था। तब पुलिस ने नोएडा के सेक्टर 51 में एक बैंक्वेट हॉल में रेड की थी। तब 5 लोगों समेत 4 सांप पकड़ने वालों को पकड़ा था। उनके पास से कोबरा समेत 9 सांप और जहर बरामद हुआ था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यादव पर अपने वीडियो शूट्स में जहर और सांपों के इस्तेमाल के आरोप थे।

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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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