क्या गाली देने पर जेल हो सकती है, क्या कहती है BNS की धारा? जानिए कानून

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

बीएनएस में ऐसा कोई अलग प्रावधान नहीं है जो हर तरह की गाली-गलौज या अपमानजनक भाषा को स्वतः अपराध घोषित करता हो। हर मामले में देखा जाता है कि टिप्पणी किस परिस्थिति में की गई, उसका उद्देश्य क्या था और कैसी स्थिति बनी।

Can using abusive language lead to imprisonment What does relevant section of BNS
सांकेतिक तस्वीर।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का मामला गरमाया हुआ है। प्रोटेस्ट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक, अश्लील और अभद्र टिप्पणियां भी की गईं। इस आरोप में 25 वर्षीय महिला के खिलाफ जीरो FIR दर्ज हुई है, जिसने नई अहम कानूनी बहस छेड़ दी है। सवाल है कि क्या किसी के खिलाफ अपशब्द बोलना भारतीय कानून के तहत अपराध माना जाता है? जांच एजेंसियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर महिला की पहचान की गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी।

फिलहाल, इस मामले के बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 के उन प्रावधानों पर फिर से चर्चा हो रही है, जिनके तहत अपमानजनक या अभद्र भाषा का इस्तेमाल कुछ परिस्थितियों में दंडनीय अपराध बन सकता है। हालांकि, बीएनएस में ऐसा कोई अलग प्रावधान नहीं है जो हर तरह की गाली-गलौज या अपमानजनक भाषा को स्वतः अपराध घोषित करता हो। किसी भी मामले में यह देखा जाता है कि टिप्पणी किस परिस्थिति में की गई, उसका उद्देश्य क्या था और उससे किस तरह की स्थिति बनी। चलिए विस्तार से जानते हैं।

BNS की धारा 352: शांति भंग कराने के इरादे से जानबूझकर अपमान

ऐसे मामलों में सबसे पहले बीएनएस की धारा 352 पर विचार किया जाता है। यह धारा उस स्थिति पर लागू होती है, जब कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी का अपमान इस इरादे से करे कि सामने वाला व्यक्ति उकसकर शांति भंग करे या कोई अन्य अपराध कर बैठे। इस कानून का उद्देश्य केवल अभद्र शब्दों के इस्तेमाल को दंडित करना नहीं है, बल्कि यह देखना है कि क्या आरोपी का व्यवहार हिंसा, अशांति या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की मंशा से किया गया था या उससे ऐसी स्थिति उत्पन्न होने की संभावना थी। धारा 352 के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम 2 वर्ष की कैद, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।

BNS की धारा 351: अगर गाली के साथ धमकी भी दी गई हो

यदि अपमानजनक भाषा के साथ किसी व्यक्ति के जीवन, प्रतिष्ठा या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी जाती है, तो मामला बीएनएस की धारा 351 के दायरे में आ सकता है। यह धारा उन मामलों पर लागू होती है, जहां किसी को डराने या किसी काम के लिए मजबूर करने या फिर किसी काम से रोकने के उद्देश्य से धमकी दी जाती है। सामान्य मामलों में अधिकतम 2 वर्ष की कैद हो सकती है, जबकि गंभीर धमकी के मामलों में 7 साल तक की सजा का प्रावधान है।

BNS की धारा 356: मानहानि से जुड़ा मामला

अगर किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए उसके बारे में झूठे आरोप लगाए जाते हैं या ऐसे आरोप सार्वजनिक किए जाते हैं, तो मामला बीएनएस की धारा 356 के तहत मानहानि का हो सकता है। किसी बयान को मान हानि वाला माना जाएगा या नहीं, यह प्रत्येक मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर तय किया जाता है।

BNS की धारा 79: महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने पर

अगर किसी महिला के खिलाफ अपमानजनक शब्द, इशारे, आवाज या अन्य अशोभनीय हरकतें उसकी गरिमा या शील का अपमान करने के उद्देश्य से की जाती हैं, तो बीएनएस की धारा 79 लागू हो सकती है। यह प्रावधान पहले भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 509 के समान है और महिलाओं की गरिमा की रक्षा के लिए बनाया गया है।

Niteesh Kumar

लेखक के बारे में

Niteesh Kumar

पत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsक्या गाली देने पर जेल हो सकती है, क्या कहती है BNS की धारा? जानिए कानून