
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में आज हासिल हुआ बड़ा मील का पत्थर, रेल मंत्री ने दी कौन सी खुशखबरी
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर भी कहा जाता है। यह देश की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना है। यह 508 किलोमीटर लंबा रूट गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगा, जिसमें 12 स्टेशन होंगे।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुलेट ट्रेन को लेकर शुक्रवार को अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया, 'आज बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में एक बड़ा मील का पत्थर हासिल किया गया है। यह मील का पत्थर माउंटेन टनल-5 का ब्रेकथ्रू है। पूरे प्रोजेक्ट में 7 माउंटेन टनल और एक समुद्र के नीचे टनल है। इसमें 12 स्टेशन हैं। साबरमती टर्मिनल स्टेशन है और मुंबई में टर्मिनल स्टेशन BKC है।' वैष्णव ने बताया कि 3 डिपो बनाए जा रहे हैं। आम तौर पर 508 किलोमीटर के स्ट्रेच के लिए सिर्फ 2 डिपो की जरूरत होती है, लेकिन 3 डिपो की योजना इसलिए बनानी पड़ी क्योंकि लंबे समय तक उस समय की महाराष्ट्र सरकार ने (उद्धव ठाकरे) के कार्यकाल के दौरान उन्होंने इजाजत देने से मना कर दिया था। इस वजह से अतिरिक्त इंतजाम करने पड़े।
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर भी कहा जाता है। यह देश की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना है। यह 508 किलोमीटर लंबा रूट गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगा, जिसमें 12 स्टेशन होंगे जैसे साबरमती, अहमदाबाद, वड़ोदरा, सूरत, वापी, ठाणे और मुंबई। जापान की तकनीक पर आधारित यह ट्रेन 320 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेगी, जो मुंबई-अहमदाबाद की 7-8 घंटे की यात्रा को मात्र 2 घंटे 17 मिनट में पूरा कर देगी। प्रोजेक्ट की लागत लगभग 1.08 लाख करोड़ रुपये है। फिलहाल 55% से अधिक काम पूरा हो चुका है, जिसमें 85% एलिवेटेड ट्रैक शामिल है।
पहली बुलेट ट्रेन कब भरेगी फर्राटा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, देश की पहली बुलेट ट्रेन 15 अगस्त 2027 से शुरू होगी। शुरुआती चरण में यह गुजरात के सूरत-बिलिमोरा या सूरत-वापी के बीच 50-100 किमी के खंड पर दौड़ेगी। उसके बाद धीरे-धीरे पूरा कॉरिडोर 2029 तक चालू हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट न केवल यात्रा को तेज बनाएगा बल्कि अर्थव्यवस्था, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। भूमि अधिग्रहण और लागत में वृद्धि के बावजूद सरकार इसे समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।





