विधेयक को मंजूरी दिलवाने में विफलता, सीएम का राज्यसभा जाना; संसद के बजट सत्र ने रचा इतिहास
यह भी एक ऐतिहासिक घटनाक्रम रहा जब किसी राज्य के मुख्यमंत्री को राज्यसभा के लिए निर्वाचित किया गया हो और उन्होंने पद छोड़ दिया। नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ दिया।

संसद का शनिवार को संपन्न हुआ बजट सत्र कई बातों को लेकर संसदीय इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। इसी दौरान महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को सरकार लोकसभा की मंजूरी दिलवाने में विफल रही। सत्र के दौरान एक दुर्लभ बात उस समय भी देखने को मिली जब राष्ट्रपति अभिभाषण का धन्यवाद प्रस्ताव लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब के बिना ही पारित हो गया। हालांकि राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने इस प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दिया।
इसी सत्र के दौरान लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध लाए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई और निचले सदन ने बाद में इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इस प्रस्ताव पर चर्चा और इसे खारिज किए जाने तक बिरला ने अध्यक्ष के तौर पर सदन की कार्यवाही का संचालन नहीं किया। राज्यसभा में इस सत्र के दौरान एक नया इतिहास तब दर्ज किया गया जब कोई मनोनीत सदस्य उप सभापति पद पर निर्वाचित हुआ। मनोनीत सदस्य हरिवंश को शुक्रवार को निर्विरोध उपसभापति निर्वाचित किया गया। इससे पहले भी हरिवंश लगातार दो बार उच्च सदन के उप सभापति पद पर निर्वाचित हो चुके हैं। मगर उस दौरान वह जनता दल (यू) सदस्य के तौर पर निर्वाचित हुए थे।
राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए मुख्यमंत्री
यह भी एक ऐतिहासिक घटनाक्रम रहा जब किसी राज्य के मुख्यमंत्री को राज्यसभा के लिए निर्वाचित किया गया हो और उन्होंने पद छोड़ दिया। नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ दिया। उन्होंने बजट सत्र के दूसरे चरण में उच्च सदन की सदस्यता की शपथ ली। देश में संभवत: पहली बार आम बजट रविवार को पेश किया गया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी, 2026 यानी रविवार को अगले वित्त वर्ष के लिए बजट पेश किया। उन्होंने अपना लगातार नौवां बजट पेश किया। इसी सत्र में एक नया इतिहास यह भी बना कि सत्र का समापन होने से ठीक पहले राष्ट्रगीत वंदे मातरम की केवल धुन बजाए जाने के स्थान पर इसके पूरे छह अंतरों का पहले से रिकॉर्ड किया गया गान बजाया गया।
लोकसभा में गुरुवार और शुक्रवार को महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक 2026 और संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक 2026 पर एकसाथ चर्चा की गई। हालांकि संविधान संशोधन विधेयक पर हुए मतदान में यह पारित नहीं हो पाया। इस कारण से सरकार ने अन्य दो विधेयक पारित करवाने के लिए नहीं रखा। मोदी सरकार के लगभग 12 वर्ष के कार्यकाल में ऐसा पहली बार हुआ जब कोई सरकारी विधेयक सदन में पारित नहीं हो सका।
संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हुआ था और इसका पहला चरण 13 फरवरी तक चला था। इसका दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू हुआ और सरकार ने पहले घोषणा की थी कि यह दो अप्रैल तक चलेगा। मगर 2 अप्रैल को संसद के दोनों सदनों में घोषणा की गई कि अगली बैठक 16 अप्रैल को होगी। सत्र को आज अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
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Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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