
हाई-स्पीड कॉरिडोर से लेकर कोच की खरीद तक, रेलवे को क्या मिला; पूरा हिसाब-किताब
बजट दस्तावेज के मुताबिक, रेलवे की कुल कमाई 3,85,733.33 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि खर्च 3,82,186.01 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इससे वित्त वर्ष के आखिर में 3,547.32 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 में पूंजी व्यय के लिए रेल मंत्रालय को 2,77,830 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की। बजट आवंटन में नई रेल लाइन का निर्माण और लोकोमोटिव, वैगन व कोच की खरीद के साथ-साथ अन्य कार्य शामिल हैं। मंत्रालय को वित्त वर्ष 2025-26 में 2,52,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। आने वाले वित्त वर्ष के लिए यह आवंटन 10.25 प्रतिशत ज्यादा है, जो अब तक का सर्वाधिक है। इसके अलावा, मंत्रालय को अतिरिक्त बजटीय संसाधनों से 15,000 करोड़ रुपये मिलेंगे।
बजट दस्तावेज के मुताबिक, रेलवे की कुल कमाई 3,85,733.33 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि खर्च 3,82,186.01 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इससे वित्त वर्ष के आखिर में 3,547.32 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी। रेलवे के एक अधिकारी ने कहा, 'रेलवे की कमाई इतनी कम है कि वह परिसंपत्ति बनाने और नए कामों का समर्थन नहीं कर सकती, इसलिए उसे सरकार से धन मिलता है। इसलिए, मंत्रालय को नई लाइन बिछाने, नैरो गेज को ब्रॉड गेज में बदलने और सिंगल-लाइन वाले मार्गों पर डबल लाइन बनाने जैसे कार्यों के लिए 2,77,830 करोड़ रुपये दिए गए हैं।'
नई लाइन के लिए 36,721.55 करोड़ रुपये
बजट दस्तावेज में विभिन्न निर्माण कार्यों और संपत्ति निर्माण परियोजनाओं के लिए 2,77,830 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव है। इनमें नई लाइन के लिए 36,721.55 करोड़ रुपये, गेज परिवर्तन के लिए 4,600 करोड़ रुपये, लाइन दोहरीकरण के लिए 37,750 करोड़ रुपये, रोलिंग स्टॉक (लोकोमोटिव, वैगन आदि) के लिए 52,108.73 करोड़ रुपये, सिग्नलिंग व दूरसंचार के लिए 7,500 करोड़ रुपये शामिल हैं। इस दस्तावेज में 2024–25 में रेलवे की वास्तविक कमाई और खर्च का ब्यौरा भी दिया गया है। साल के दौरान, रेलवे ने 3,35,757.09 करोड़ रुपये कमाए और 3,32,440.64 करोड़ रुपये खर्च किए, जिससे 3,316.45 करोड़ रुपये की आय हुई। उस साल के लिए बजट में 2,51,946.56 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था।
कमाई और खर्च के असल आंकड़े
एक अधिकारी ने कहा, 'जहां तक वित्त वर्ष 2025–26 की बात है, कमाई और खर्च के असल आंकड़े वित्त वर्ष खत्म होने के बाद ही मिलेंगे।' उन्होंने कहा कि अधिकतर कमाई और खर्च मामूली बदलावों के साथ उम्मीद के मुताबिक ही हैं। रेलवे के कुल खर्च में से सबसे बड़ा हिस्सा उसके कर्मचारियों को पेंशन देने में जाता है। बजट दस्तावेजों के अनुसार, 2024-25 में पेंशन पर खर्च 58,844.07 करोड़ रुपये था। इसके 2026-27 में बढ़कर 74,500 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है।





