बच्चों की भलाई से ऊपर नहीं ब्रिटिश कोर्ट का फैसला; दिल्ली HC ने खारिज की याचिका

Mar 14, 2026 11:04 am ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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पीठ ने कहा कि नाबालिग बच्चे अपनी जैविक मां के साथ पिछले साल से दिल्ली में रह रहे हैं। यहां मसला दो अलग-अलग देशों के माता-पिता के बीच पारिवारिक विवाद का है। बच्चे सुरक्षित हैं। एक बड़े नामी स्कूल में पढ़ रहे हैं।

बच्चों की भलाई से ऊपर नहीं ब्रिटिश कोर्ट का फैसला; दिल्ली HC ने खारिज की याचिका

दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय मां व पाकिस्तानी पिता के पारिवारिक विवाद में नाबालिग बच्चों की भलाई को प्राथमिकता देते हुए कहा कि ब्रिटेन के एक हाईकोर्ट का फैसला बच्चों की भलाई से ऊपर नहीं हो सकता। दंपति के दोनों नाबालिग बच्चे ब्रिटिश नागरिक हैं। मां बच्चों को लेकर पिछले दो साल से दिल्ली में है। वहीं ब्रिटेन के एक हाईकोर्ट ने बच्चों को वापस देने का आदेश दिया है।

हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि दुनिया की किसी भी अदालत का आदेश नाबालिगों की भलाई से ऊपर नहीं हो सकता। इस समय बच्चों की आयु 12 व आठ वर्ष है। न्यायमूर्ति नवीन चावला एवं न्यायमूर्ति रविन्द्र डुडेजा की पीठ ने पाकिस्तान मूल के ब्रिटिश नागरिक की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज कर दी।

पीठ ने कहा कि नाबालिग बच्चे अपनी जैविक मां के साथ पिछले साल से दिल्ली में रह रहे हैं। यहां मसला दो अलग-अलग देशों के माता-पिता के बीच पारिवारिक विवाद का है। बच्चे सुरक्षित हैं। एक बड़े नामी स्कूल में पढ़ रहे हैं। ऐसे में यूके हाईकोर्ट का आदेश इन बच्चों की भलाई व कल्याण से ऊपर नहीं हो सकता।

बच्चों को संयुक्त परिवार के सुख से दूर नहीं कर सकते

पत्नी दोनों बच्चों को लेकर उसकी सहमति से अगस्त 2023 में भारत (दिल्ली अपने मायके) एक शादी में शामिल होने आई थी। नवंबर 2023 को पत्नी ने कड़कड़डूमा की परिवार अदालत में बच्चों की कस्टडी की याचिका दायर कर दी। पत्नी ने बच्चों का वीजा भी बढ़वा लिया। पत्नी बच्चों को उससे बात नहीं करने देती। वहीं हाईकोर्ट ने कहा कि पेश रिकार्ड के मुताबिक बच्चें यहां नाना, मौसी के संयुक्त परिवार के साथ ही में रहना चाहते हैं।

सऊदी अरब में शादी और यूके में पंजीकरण

याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा कि वह पाकिस्तान मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं। भारत की रहने वाली युवती से उनकी मुलाकात ब्रिटेन में हुई। वर्ष 2011 में उन्होंने सऊदी अरब में मुस्लिम रीति रिवाज से निकाह किया। जबकि शादी का पंजीकरण यूनाइटेड किंगडम(यूके) में कराया। वर्ष 2014 में बड़े बेटे का जन्म हुआ। जबकि दूसरा बेटा वर्ष 2018 में जन्मा।

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लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

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