BRICS में पुतिन-जिनपिंग से मिलने से पहले PM मोदी ने कर दी तारीफ, लिखा- हमेशा सज्जनों से ही…
भारत 12-13 सितंबर को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इसमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित कई वैश्विक नेता शामिल होंगे। पीएम मोदी क्या बोले?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS शिखर सम्मेलन से पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित भारत आए ब्रिक्स के अन्य नेताओं की तारीफ की है। पीएम मोदी ने एक श्लोक के जरिए संदेश दिया है कि हमेशा अच्छे और सज्जन लोगों की संगति में ही रहना चाहिए। वहीं पीएम ने यह भी लिखा है कि उन्हें पूरा विश्वास है कि सम्मेलन में अलग अलग मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा होगी।
शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, “अगले कुछ दिनों में दुनियाभर के नेता BRICS समिट के लिए जुटेंगे। पूर्ण विश्वास है कि सम्मेलन में विश्व कल्याण की कामना के साथ विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।” इसके साथ ही पीएम मोदी ने एक श्लोक भी साझा किया। उन्होंने लिखा, सद्भिरेव सहासीत सद्भिः कुर्वीत सङ्गतिम्। सद्भिर्विवादं मैत्रीं च नासद्भिः किंचिदाचरेत्॥”
'सज्जन के साथ ही करो मित्रता'
साथ ही उन्होंने श्लोक का अर्थ भी साझा किया। इसके मुताबिक, “मनुष्य को हमेशा सज्जन लोगों के साथ रहना चाहिए और उन्हीं की संगति करनी चाहिए। सज्जनों के साथ ही दोस्ती और विचार-विमर्श करना चाहिए। बुरे लोगों के साथ किसी भी प्रकार का व्यवहार या संबंध नहीं रखना चाहिए।”
भारत मंडपम की खूबसूरत झलकियां
इससे पहले पीएम मोदी ने गुरुवार रात ब्रिक्स समिट में मेहमानों की मेजबानी करने वाले भारत मंडपम की खूबसूरत झलक भी साझा की थीं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें भारत मंडपम की सजावट और तैयारियों की झलक दिख रही है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने लिखा, ''ब्रिक्स 2026 के लिए पूरी तरह तैयार!'' बता दें कि भारत की अध्यक्षता में 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत मंडपम को सजाया गया है। वहीं दिल्ली में सुरक्षा के भी कड़ी व्यवस्था की गई है।
ब्रिक्स का लगातार हो रहा है विस्तार
भारत ब्रिक्स के संस्थापक देशों में शामिल है। इसके साथ ही ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका भी इसका मूल हिस्सा रहे हैं। वहीं 2024 में इसका विस्तार हुआ और इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब शामिल हुए। इंडोनेशिया 2025 में ब्रिक्स का सदस्य बना। इसके बाद पिछले साल बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम ब्रिक्स के साझेदार देश बने।
समूह दुनिया की 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाने के कारण एक प्रभावशाली संगठन के रूप में उभरा है। ये देश वैश्विक आबादी के करीब 49.5 प्रतिशत, विश्व के जीडीपी के लगभग 40 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के करीब 26 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं। 2026 में ब्रिक्स की स्थापना के 20 वर्ष पूरे हो रहे हैं। भारत इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में 3 बार इसकी अध्यक्षता कर चुका है। भारत ने इस साल जनवरी को चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली थी।
किले में तब्दील राजधानी
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है। इसके तहत राष्ट्रीय राजधानी में करीब 15,000 कर्मी और अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां तैनात की जाएंगी। विशेष पुलिस आयुक्त (सुरक्षा प्रभाग) मनीष कुमार अग्रवाल ने कहा कि जनता को कम से कम असुविधा और मेहमानों के लिए अधिकतम सुरक्षा सुनिश्चित हो, इसके लिए व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि निर्बाध सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ बैठकें भी की गई हैं। अग्रवाल ने कहा, "खुफिया जानकारी को संबंधित एजेंसियों के साथ साझा किया जाएगा।"


