BRICS Summit: 'सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता जरूरी', ब्रिक्स में जिनपिंग से PM मोदी की दो टूक
BRICS Summit 2026 LIVE Updates: दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो गई है। आज की सबसे बड़ी नजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की प्रस्तावित मुलाकात पर रहेगी। रूस के राष्ट्रपति पुतिन भी इस समिट के लिए भारत आए हुए हैं।

BRICS Summit 2026 Updates: 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में नई दिल्ली घोषणा पत्र पर सर्वसम्मति से सहमति बन चुकी है। इस समिट की शुरुआत से पहले ही भारत को एक बड़ी कूटनीतिक जीत मिल गई थी। सुबह 4 बजे तक चली बातचीत के बाद आखिरकार ब्रिक्स देशों के बीच संयुक्त बयान पर सहमति बन गई थी। अब इस समिट के बाद पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच में द्विपक्षीय भी संपन्न हो गई है। दोनों नेताओं के बीच में करीब 50 मिनट तक यह बैठक चली। गलवान में हुई झड़प के बाद दोनों नेता पहली बार भारत में मिल रहे हैं। इससे पहले भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को होने वाली इस बैठक में BRICS के 11 सदस्य देशों के नेता शामिल होंगे। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन दिल्ली पहुंच चुके हैं, जबकि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अब से कुछ देर पहले भारत पहुंच गए हैं। इस समिट पर दुनिया की नजर इसलिए भी है क्योंकि यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, वैश्विक व्यापार तनाव और बदलती विश्व व्यवस्था के बीच BRICS की भूमिका पर अहम चर्चा होनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शी जिनपिंग के साथ प्रस्तावित मुलाकात भी इस सम्मेलन के सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रमों में शामिल होगी, जो आज शाम करीब 6 बजे होगी। ब्रिक्स से जुड़े सभी लाइव अपडेट्स के लिए आप बने रहें लाइव हिन्दुस्तान के साथ।
8:30PM- पश्चिम एशिया युद्ध पर ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने शनिवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिका तथा इजराइल की आलोचना की और कहा कि किसी भी देश को अपनी जमीन का इस्तेमाल दूसरे देश को धमकाने या उस पर हमला करने के लिए नहीं करने देना चाहिए।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पेजेशकियान ने कहा कि स्थायी सुरक्षा तभी हासिल की जा सकती है, जब राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि शांतिपूर्ण परमाणु संयंत्रों को हमलों या धमकियों से सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, "किसी भी देश को अपनी जमीन का इस्तेमाल दूसरे देश को धमकाने या उस पर हमला करने के लिए नहीं करना चाहिए। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को आम नागरिकों और जरूरी बुनियादी ढांचों पर हमलों को सामान्य मानने का विरोध करना चाहिए, और शांतिपूर्ण परमाणु संयंत्रों को हमलों और हमलों की धमकियों से सुरक्षित रखा जाना चाहिए।"
7:40PM- पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने दोनों देशों के रिश्तों की प्रगति का स्वागत किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान के दोनों नेताओं ने "अगस्त 2025 में तियानजिन में हुई पिछली बैठक के बाद से भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में लगातार हो रही प्रगति का स्वागत किया। नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत और चीन को अपने रिश्तों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “मतभेदों को विवाद में नहीं बदलना चाहिए।” बयान के मुताबिक, PM मोदी ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते तीन आपसी बातों पर आधारित होने चाहिए। आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित।
7:30- सीमाई इलाकों में शांति और स्थिरता जरूरी: पीएम मोदी
ब्रिक्स समिट के बाद पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच में द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस दौरान चीनी राष्ट्रपति के सामने अपनी बात को जोरदार तरीके से रखते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सीमाई इलाकों में शांति और स्थिरता जरूरी है। विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि पीएम मोदी ने बैठक के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता पर जोर दिया।
7:00- पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति की बैठक खत्म, 50 मिनट चली वार्ता
पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता समाप्त हो चुकी है। दोनों नेताओं के बीच हुई वार्ता करीब 50 मिनट तक चली।
6:40- पीएम मोदी के साथ बैठक में चीनी राष्ट्रपति ने दोनों देशों के सहयोगी की बात कही
पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दोनों देशों के सहयोग की बात कही है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक शी जिनपिंग ने बैठक के दौरान कहा कि ब्रिक्स को आगे बढ़ाने के लिए भारत और चीन को एक साथ आना होगा। दोनों देश एक-दूसरे से काफी कुछ सीख सकते हैं। बीजिंग, नई दिल्ली के साथ अपने रिश्तों को लंबे समय के तौर पर देखता है।
6:20PM- पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता शुरू
पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच में द्विपक्षीय वार्ता शुरू हो गई है। दोनों नेताओं के बीच में गलवान में हुई झड़प के बाद भारत में यह पहली बैठक होगी। 7 साल पहले चीनी राष्ट्रपति भारत आए थे।
6:00PM-ब्रिक्स नेताओं ने वैश्विक व्यापार में एकतरफा शुल्क और प्रतिबंधों की आलोचना की
BRICS Summit 2026: ब्रिक्स नेताओं ने उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक में अधिक प्रतिनिधित्व देने के लिए वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में व्यापक सुधार का आह्वान किया है।
समूह ने एकतरफा शुल्क, व्यापार प्रतिबंधों और आर्थिक प्रतिबंधों की भी कड़ी आलोचना की। नई दिल्ली घोषणापत्र में ब्रिक्स ने कहा कि बढ़ता संरक्षणवाद और एकतरफा व्यापार उपाय वैश्विक व्यापार तथा आपूर्ति शृंखलाओं के लिए खतरा हैं।
समूह ने कहा, ''हम एकतरफा शुल्क और गैर-शुल्क उपायों में वृद्धि को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हैं, जो व्यापार को विकृत करते हैं और विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के अनुरूप नहीं हैं।''
ब्रिक्स समूह ने चेतावनी दी कि व्यापार प्रतिबंधात्मक उपायों से वैश्विक व्यापार में और कमी आ सकती है, आपूर्ति शृंखलाएं बाधित हो सकती हैं तथा अंतरराष्ट्रीय आर्थिक एवं व्यापार गतिविधियों में अनिश्चितता बढ़ सकती है।
5:30PM- पीएम मोदी ने ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं के साथ तस्वीरें पोस्ट कीं
BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की उस तस्वीर ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुस्कुराते हुए नजर आ रहे हैं और उनकी दाईं तरफ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और बाईं तरफ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग खड़े थे और उन्होंने एक-दूसरे का हाथ पकड़ा हुआ था।
प्रधानमंत्री के इंस्टाग्राम खाते पर भारत मंडपम की वह तस्वीर पोस्ट की गई, जहां ब्रिक्स नेताओं ने शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस तस्वीर की पृष्ठभूमि में 'किंगडम बीजीएम' नाम का गाना बज रहा था।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के कड़े प्रोटोकॉल के बीच, गर्मजोशी भरा वह पल खास तौर पर उभरकर सामने आया।
मोदी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर कुछ और तस्वीरें भी पोस्ट कीं, जिनमें से एक तस्वीर में प्रधानमंत्री, पुतिन, शी, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा को कार्यक्रम स्थल के अंदर एक साथ चलते हुए दिखाया गया है।
5:00PM- ब्रिक्स ने भारत-ब्राजील की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता का समर्थन किया
BRICS Summit 2026: ब्रिक्स देशों ने संयुक्त राष्ट्र और उसकी सुरक्षा परिषद में भारत और ब्राजील की बड़ी भूमिका का समर्थन किया है। भारत और ब्राजील लंबे समय से सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की दावेदारी कर रहे हैं। चीन और रूस ने सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों के रूप में भारत और ब्राजील की इस आकांक्षा के लिए अपना समर्थन दोहराया है।
शनिवार को यहां भारत की मेजबानी और अध्यक्षता में आयोजित दो दिन के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अपनाये गए दिल्ली घोषणा पत्र में कहा गया है कि ब्रिक्स देशों ने संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधार का समर्थन करते हुए सुरक्षा परिषद को अधिक लोकतांत्रिक, प्रतिनिधित्वपूर्ण, प्रभावी और सक्षम बनाने पर जोर दिया। उन्होंने सुरक्षा परिषद में विकासशील देशों की भागीदारी बढ़ाने और वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने की बात कही।
वर्ष 2022 की बीजिंग और 2023 की जोहान्सबर्ग-II नेताओं की घोषणाओं का उल्लेख करते हुए चीन और रूस ने, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों के रूप में, भारत और ब्राजील की संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद में बड़ी भूमिका निभाने की आकांक्षाओं के लिए अपना समर्थन दोहराया।
4:16PM- नई दिल्ली घोषणापत्र 2026 सर्वसम्मति से पास: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि ब्रिक्स देश साझा बयान जारी करने पर सहमत हो गए हैं। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली घोषणापत्र 2026 सर्वसम्मति से पारित हो गया है।:
4:10PM-अब चीन को मिलेगी ब्रिक्स की अध्यक्षता
BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में भारत की ब्रिक्स समिट की सफलता के बाद इसकी अध्यक्षता अब चीन को मिलने वाली है। इस मुद्दे पर बात करते हुए शी जिनपिंग ने कहा कि इस समिट के बाद ब्रिक्स अपने अगले चरण की शुरुआत करेगा। उन्होंने कहा कि अगले साल चीन ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालेगा। भारत की 2026 की अध्यक्षता के बाद अब संगठन अपने अगले चरण की शुरुआत करेगा।
4:05PM- ग्लोबल साउथ को नियम तय करने वाला बनना होगा- पीएम मोदी
BRICS Summit 2026: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिक्स समिट से पश्चिम एशिया युद्ध को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में बदलते हालात से पूरे इलाके के लोगों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के अनुरूप नहीं है।
3:55PM- ग्लोबल साउथ को नियम तय करने वाला बनना होगा- पीएम मोदी
BRICS Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को दो दिवसीय वार्षिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत करते हुए कहा कि विभिन्न चुनौतियों से निपटने के लिए 'ग्लोबल साउथ' को नियमों का पालन करने वाले के बजाय ''नियम तय करने वाला'' बनना होगा।
पीएम मोदी ने यहां शिखर सम्मेलन में अपने प्रारंभिक संबोधन में कहा कि ब्रिक्स ने वैश्विक मंच पर एक विशिष्ट पहचान स्थापित की है और यह गुट किसी के खिलाफ नहीं है। उनके इस बयान को अमेरिका और अन्य पश्चिमी शक्तियों के लिए एक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
मोदी ने कहा, ''आज ग्लोबल साउथ वैश्विक संकटों में पहली पंक्ति में खड़ा है, लेकिन निर्णय लेने की प्रक्रिया में वह सबसे पीछे की पंक्ति में है। हमें इस 'विशेषाधिकार के पिरामिड' को 'साझेदारी के मंच' में बदलना होगा। एक ऐसा मंच जहां हर देश की आवाज हो, हर सदस्य की हिस्सेदारी हो और हर प्रयास के केंद्र में मानवता का विकास हो।''
मोदी ने कहा, ''इस संबंध में, मेरा प्रस्ताव है कि हम संयुक्त रूप से वैश्विक शासन सुधार के लिए 10 प्रस्ताव तैयार करें, जिसका उद्देश्य अगले शिखर सम्मेलन तक उन्हें एक ब्रिक्स सुधार रोडमैप का रूप देना हो।''
03:26-पीएम मोदी बोले- ग्लोबल साउथ को फैसले लेने में भी बराबर की आवाज मिले
BRICS Summit 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज ग्लोबल साउथ दुनिया के बड़े संकटों के बीच सबसे आगे खड़ा है, लेकिन फैसले लेने की प्रक्रिया में उसकी भूमिका अभी भी पीछे है।
पीएम मोदी ने कहा कि अब मौजूदा ‘पिरामिड ऑफ प्रिविलेज’ को ‘प्लेटफॉर्म ऑफ पार्टनरशिप’ में बदलने की जरूरत है। ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जहां हर देश की आवाज सुनी जाए, हर सदस्य की हिस्सेदारी हो और हर प्रयास के केंद्र में मानवता का विकास रहे।
पीएम मोदी ने इसके लिए वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार से जुड़े 10 प्रस्ताव मिलकर तैयार करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावों को अगले BRICS Summit तक ‘ब्रिक्स रिफॉर्म रोडमैप’ का रूप देने का लक्ष्य रखा जा सकता है।
03:05- BRICS के अगले 20 साल का एजेंडा तैयार करना होगा: पीएम मोदी
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब संगठन को अगले 20 सालों के लिए एक नया और महत्वाकांक्षी एजेंडा तैयार करना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि इसकी शुरुआत BRICS के आंतरिक कामकाज को मजबूत करने से होनी चाहिए। BRICS की अध्यक्षता हर साल बदलती है, लेकिन इससे संगठन की संस्थागत गति और कामकाज प्रभावित नहीं होना चाहिए।
उन्होंने BRICS की निरंतरता और पॉलिसी को लागू करने के लिए एक सिस्टम बनाने का प्रस्ताव रखा। इसके जरिए अलग-अलग पहलों और लिए गए फैसलों पर आगे की कार्रवाई को ‘ट्रोइका’ व्यवस्था के माध्यम से ट्रैक किया जा सकेगा।
पीएम मोदी ने एक सुरक्षित डिजिटल रिपॉजिटरी बनाने का भी सुझाव दिया। इसमें हर फैसले के लिए संबंधित नोडल प्वाइंट, समयसीमा और उसके लागू होने की स्थिति दर्ज की जा सकती है।
03:02- BRICS की 20 साल की उम्र नई जिम्मेदारी और परिपक्वता का पड़ाव
BRICS समिट 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की BRICS अध्यक्षता को सफल बनाने में सहयोग और सक्रिय भागीदारी के लिए सभी सदस्य देशों का दिल से आभार जताया।
पीएम मोदी ने कहा कि इस साल का BRICS सम्मेलन एक ऐतिहासिक पड़ाव है, क्योंकि BRICS अपने 20 साल पूरे कर रहा है।
उन्होंने कहा कि इंसानी जिंदगी में 20 साल की उम्र एक नए दौर की शुरुआत मानी जाती है, जब परिपक्वता और जिम्मेदारी बढ़ती है। उन्होंने कहा कि BRICS के लिए भी यह समय एक नए चरण की शुरुआत का प्रतीक है।
02:57- BRICS Summit में बोले पीएम मोदी- भारत की अध्यक्षता ‘पीपुल सेंट्रिक’ और ‘ह्यूमैनिटी फर्स्ट’ रही
ब्रिक्स समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी नेताओं का भारत में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत की BRICS अध्यक्षता ‘पीपुल सेंट्रिक’ और ‘ह्यूमैनिटी फर्स्ट’ के नजरिए पर आधारित रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान लचीलापन, इनोवेशन, सहयोग और टिकाऊ विकास को प्राथमिकता दी। साथ ही BRICS के सहयोग को आम लोगों से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया।
उन्होंने बताया कि इसी सोच के साथ भारत की अध्यक्षता में 350 से ज्यादा बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों के लिए सदस्य देशों की टीमों का करीब 30 शहरों में स्वागत करने का अवसर मिला।
02:48- BRICS समिट की शुरुआत, PM मोदी ने वैश्विक नेताओं का किया स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के साथ दिल्ली के भारत मंडपम में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले सेशन की शुरुआत हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी भारत पहुंचे वैश्विक नेताओं का स्वागत किया।
02:47- PM मोदी ने शी जिनपिंग का किया स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS Summit 2026 के आयोजन स्थल भारत मंडपम में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का स्वागत किया।
02:24- पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का किया स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS Summit 2026 के आयोजन स्थल भारत मंडपम में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का स्वागत किया।
02:36- पीएम मोदी ने अबू धाबी के क्राउन प्रिंस का किया स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS Summit 2026 के आयोजन स्थल भारत मंडपम में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का स्वागत किया।
02:35- BRICS Summit: PM मोदी ने ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा का किया स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS Summit 2026 के आयोजन स्थल भारत मंडपम में ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा का स्वागत किया।
02:25- BRICS समिट शुरू होने से पहले ही भारत की बड़ी जीत
BRICS देशों के बीच संयुक्त बयान को लेकर सहमति बन गई है। इस सहमति तक पहुंचने के लिए सदस्य देशों के बीच बातचीत सुबह 4 बजे तक चलती रही।
बैठक में कई संवेदनशील और विवादित मुद्दों पर देशों के बीच मतभेद सामने आए। भारत ने लगातार सभी पक्षों से बातचीत कर अलग-अलग रुख के बीच सहमति बनाने की कोशिश की।
यह सफलता इसलिए भी अहम है, क्योंकि BRICS में ईरान, सऊदी अरब और UAE जैसे देश एक साथ शामिल हैं। पश्चिम एशिया के कई मुद्दों पर इन देशों के बीच गंभीर मतभेद और अलग-अलग रणनीतिक हित रहे हैं।
वहीं, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और बढ़ते तनाव के बीच इन देशों को एक संयुक्त बयान पर सहमत कराना भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक चुनौती थी।
भारत की कूटनीतिक कोशिशों से इन मतभेदों का असर BRICS की प्रक्रिया पर नहीं पड़ा और सदस्य देश अलग-अलग भू-राजनीतिक रुख के बावजूद संयुक्त बयान पर सहमति बनाने में सफल रहे।02.18- BRICS शिखर सम्मेलन: ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा भारत मंडपम पहुंचे
ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा BRICS Summit 2026 के आयोजन स्थल भारत मंडपम पहुंच गए हैं। यहां वे BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
02:12- पीएम मोदी पहुंचे भारत मंडपम, BRICS Summit 2026 में लेंगे हिस्सा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी BRICS Summit 2026 के आयोजन स्थल भारत मंडपम पहुंच गए हैं। यहां वे BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और सदस्य देशों के नेताओं के साथ अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
02:10- BRICS Summit: PM मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के बीच क्या बातचीत हुई?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2026 BRICS समिट के दौरान अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और UAE के बीच मजबूत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने पर चर्चा की।
दोनों नेताओं ने भारत-UAE रिश्तों को मजबूत बनाने में राजनीतिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक, ऊर्जा और लोगों के बीच संबंधों की अहमियत को रेखांकित किया। उन्होंने जनवरी 2026 में UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्रा और मई 2026 में पीएम मोदी की UAE यात्रा को भी याद किया।
पीएम मोदी ने भारत की अध्यक्षता में BRICS में UAE की सक्रिय और रचनात्मक भागीदारी की सराहना की। दोनों नेताओं ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में BRICS के भीतर सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं।
दोनों देशों ने सहमति जताई कि वे BRICS के मंच पर साझा हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे और संगठन के सहयोग को और मजबूत करेंगे।
बैठक में भारत-UAE के बीच आर्थिक सहयोग में हुई प्रगति पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने UAE की International Holding Company (IHC) की ओर से ओडिशा में 11.5 अरब डॉलर के एक बड़े इंटीग्रेटेड ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम प्रोजेक्ट में निवेश की घोषणा का स्वागत किया।
यह भारत में एल्युमिनियम सेक्टर का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड निवेश बताया गया है। इस प्रोजेक्ट से ओडिशा को ग्लोबल एल्युमिनियम मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, दोनों नेताओं ने UAE के नए सॉवरेन इन्वेस्टमेंट फंड L’Imad की भूमिका पर भी चर्चा की। माना जा रहा है कि यह फंड भारत-UAE साझेदारी को और गहरा करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
दोनों देशों ने रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन जैसे रणनीतिक और उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर भी चर्चा की।
01:36- BRICS Summit 2026: खास सिल्वर-प्लेटेड क्रॉकरी में मेहमानों को परोसा जाएगा शाही अंदाज
ब्रिक्स में शामिल होने वाले विदेशी मेहमानों के लिए खास तरह की सिल्वर-प्लेटेड टेबलवेयर और कटलरी तैयार की गई है। इसे जयपुर की अरुण ग्रुप ऑफ कंपनी ने बनाया है।
कंपनी के CEO अरुण पाबुवाल ने बताया कि इन खास बर्तनों की सबसे बड़ी खासियत उनका डिजाइन है। जिस डिश को परोसा जाना है, उसी के हिसाब से टेबलवेयर और कटलरी का डिजाइन तैयार किया गया है।
उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी लंबे समय से ऐसे खास सामान तैयार कर रही है। कंपनी हैदराबाद हाउस और कई दूतावासों के लिए कटलरी और दूसरे सामान की सप्लाई करती रही है। G20 Summit के लिए भी कंपनी ने सामान तैयार किया था और अब BRICS Summit के लिए खास ऑर्डर पर काम किया गया है।
अरुण पाबुवाल के मुताबिक, कंपनी विदेशी मेहमानों और VIPs के लिए पर्सनलाइज्ड आइटम भी तैयार करती है। इनमें कई बार मेहमानों के नाम तक खुदे हुए होते हैं।
इन सामानों को बनाने में मुख्य रूप से पीतल और तांबे जैसी नॉन-फेरस धातुओं का इस्तेमाल किया जाता है। इनकी कारीगरी में पारंपरिक भारतीय कला के साथ आधुनिक डिजाइन का भी इस्तेमाल होता है।
उन्होंने बताया कि पारंपरिक कारीगरी के साथ आधुनिक मशीनरी और CNC मशीनों की मदद से डिजाइन तैयार किए जाते हैं। इससे ब्रिक्स समिट में विदेशी मेहमानों के लिए तैयार की गई क्रॉकरी में भारतीय शिल्प और आधुनिक तकनीक का मेल देखने को मिलेगा।
01:27- BRICS Summit में वर्ल्ड लीडर्स को ब्रेकफास्ट परोसे जाने की खबर फेक, MEA ने किया खारिज
ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर मीडिया में चल रही उस खबर को विदेश मंत्रालय (MEA) ने खारिज कर दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि समिट स्थल पर विश्व नेताओं को ब्रेकफास्ट परोसा गया।
विदेश मंत्रालय की फैक्ट-चेक यूनिट ने सोशल मीडिया पोस्ट में इसे फेक न्यूज बताया। मंत्रालय ने साफ किया कि शनिवार को समिट स्थल पर किसी भी वर्ल्ड लीडर को ब्रेकफास्ट नहीं परोसा गया।
मंत्रालय के मुताबिक, वायरल खबर के साथ दिखाई जा रही तस्वीर भारत मंडपम स्थित इंटरनेशनल मीडिया सेंटर की है, न कि BRICS Summit स्थल पर वर्ल्ड लीडर्स के लिए आयोजित ब्रेकफास्ट की।
1:07- BRICS शिखर सम्मेलन: शी जिनपिंग के काफिले की गाड़ियों पर क्यों डाला गया काला कपड़ा? वीडियो वायरल
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें BRICS Summit में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उनके काफिले की कुछ गाड़ियां काले कपड़े से ढकी हुई नजर आ रही हैं।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, गाड़ियों को काले कपड़े से ढकने की वजह फिलहाल साफ नहीं है।
Live Hindustan इस वायरल वीडियो या इससे जुड़े दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।
12:39- BRICS Summit: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ईरानी राष्ट्रपति से की द्विपक्षीय बैठक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से इतर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं के बीच भारत और ईरान के आपसी संबंधों और सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। यह बैठक ब्रिक्स समिट के दौरान हुई।
12:35- BRICS Summit: भारत-चीन साथ आए तो ग्लोबल साउथ को होगा फायदा
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स की पत्रकार वेंटिंग श्ये ने शी जिनपिंग के भारत दौरे को दोनों देशों के रिश्तों के लिए अहम मौका बताया है।
उन्होंने कहा कि चीन और भारत दोनों बड़े विकासशील देश हैं और ग्लोबल साउथ के महत्वपूर्ण सदस्य हैं। दोनों देशों का साथ मिलकर काम करना न सिर्फ दोनों देशों के लोगों के हित में है, बल्कि इससे ग्लोबल साउथ के विकास को भी फायदा होगा।
वेंटिंग श्ये ने कहा कि चीन भारत के साथ बातचीत बढ़ाने, सहयोग मजबूत करने और मतभेदों को सही तरीके से संभालने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों में विकास और आगे बढ़ने की काफी क्षमता है।
BRICS को लेकर चीनी पत्रकार ने कहा कि चीन भारत की BRICS अध्यक्षता का पूरी तरह समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि चीन सभी सदस्य देशों के साथ मिलकर BRICS सहयोग को और मजबूत करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है, जबकि अगले साल चीन BRICS की अध्यक्षता संभालेगा। ऐसे में दोनों देशों के पास BRICS के मंच पर मिलकर काम करने और सहयोग को नई ऊंचाई देने का बड़ा मौका है।
वेंटिंग श्ये के मुताबिक, भारत और चीन का करीबी सहयोग वही है, जिसे ग्लोबल साउथ देखना चाहता है।
12:11- BRICS शिखर सम्मेलन: 7 साल बाद भारत की धरती पर जिनपिंग ने रखा कदम
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत की जमीन पर कदम रखा। पालम एयरपोर्ट पर जिनपिंग पर विमान लैंड हुआ, जहां उन्हें गार्ड ऑफ हॉनर दिया गया। केंद्रीय मंत्री वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने उनका स्वागत किया।
11:57- BRICS Summit: PM मोदी ने वियतनाम के प्रधानमंत्री से की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान हैदराबाद हाउस में वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों और आपसी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। यह बैठक दिल्ली में ब्रिक्स समटि से इतर हुई।
11:44- BRICS Summit 2026: दिल्ली पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। करीब 7 साल बाद उनका भारत दौरा हो रहा है। शी जिनपिंग के दिल्ली पहुंचने के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात पर सबकी नजर है। दोनों नेताओं के बीच आज द्विपक्षीय बैठक होने वाली है। माना जा रहा है कि बैठक में दोनों देशों के रिश्तों, व्यापार और दूसरे अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
11:31- BRICS: अबू धाबी के क्राउन प्रिंस से PM मोदी की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय बैठक की।
11:28- BRICS meeting: इथियोपिया और मलेशिया के संबंधों को नई दिशा
आज प्रधानमंत्री मोदी की इथियोपिया और मलेशिया के साथ हुई द्विपक्षीय बैठकों ने भारत के इन देशों के साथ संबंधों को एक नई दिशा दी है। भारत सरकार के सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों ने भारत के साथ रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की इच्छा जताई। संयुक्त कर्मियों के प्रशिक्षण के साथ-साथ भारत से रक्षा खरीद पर भी चर्चा हुई। दोनों देश भारतीय उद्योग और निवेश का स्वागत करते हैं। इथियोपिया ने विशेष रूप से भारतीय खनन कंपनियों का स्वागत किया। मलेशिया के साथ सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अवसरों पर चर्चा हुई।
11:24- BRICS Summit पर कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस के विदेश मामलों के विभाग ने नई दिल्ली में हो रहे 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर बयान जारी किया है। पार्टी ने BRICS के बढ़ते महत्व का स्वागत करते हुए कहा कि यह मंच वैश्विक बदलावों को दिशा देने और ग्लोबल साउथ के देशों की आवाज मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
कांग्रेस ने कहा कि आज दुनिया भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक दबाव, सप्लाई चेन की कमजोरियों, युद्ध और जलवायु संकट जैसी चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत को BRICS के दूसरे देशों के साथ मिलकर एक ऐसी वैश्विक व्यवस्था बनाने की कोशिश करनी चाहिए, जो सभी देशों को सुरक्षा, समृद्धि और सम्मान दे।
कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि भारत को BRICS में नैतिक नेतृत्व और रणनीतिक स्पष्टता दिखानी चाहिए। साथ ही भारत के अपने राष्ट्रीय हितों को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।
पार्टी के मुताबिक, भारत को नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था, सभी देशों की समान संप्रभुता, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और मानव गरिमा जैसे सिद्धांतों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ अपनी रणनीतिक और आर्थिक ताकत बढ़ाने पर भी ध्यान देना चाहिए।
कांग्रेस ने कहा कि 1947 के बाद से अलग-अलग सरकारों ने भारत को ग्लोबल साउथ की आवाज बनाने की दिशा में काम किया है।
पार्टी ने इसके उदाहरण के तौर पर कोरियाई युद्ध में भारत की मध्यस्थता, पश्चिम एशिया के मुद्दों पर भारत का रुख, दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के खिलाफ अभियान, दुनिया में उपनिवेशवाद खत्म करने की कोशिशों और वैश्विक संस्थाओं में सुधार की मांग का जिक्र किया।
कांग्रेस के मुताबिक, भारत को इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए BRICS में ग्लोबल साउथ के हितों और अपनी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ना चाहिए।
11:16- BRICS Leaders' Summit: 6 साल बाद चीन से दिल्ली के लिए शुरू होंगी फ्लाइट!
चीन की चाइना सदर्न एयरलाइंस ने भारत और चीन के बीच हवाई कनेक्टिविटी को लेकर बड़ा ऐलान किया है। एयरलाइन 21 सितंबर से ग्वांगझू-नई दिल्ली रूट पर नियमित यात्री उड़ानें फिर शुरू करेगी।
यह सेवा करीब 6 साल के लंबे अंतराल के बाद दोबारा शुरू की जा रही है। इससे चीन और भारत के बीच हवाई संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। एयरलाइन ने शनिवार को नियमित यात्री सेवा दोबारा शुरू करने की घोषणा की।
11:11- BRICS Summit 2026: घर से निकलने से पहले देख लें ट्रैफिक रूट
दिल्ली में शनिवार को 18वें ब्रिक्स लीडर समिट के चलते कई प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक की आवाजाही नियंत्रित रहेगी। सुबह 9:30 बजे से रात 9:30 बजे तक कई रास्तों पर ट्रैफिक प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेंगे।
भारत मंडपम और प्रगति मैदान के आसपास खास इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा रिंग रोड, मथुरा रोड, भैरों मार्ग, तिलक मार्ग, सरदार पटेल मार्ग और NH-48 जैसे प्रमुख रास्तों पर भी ट्रैफिक प्रभावित रहेगा।
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले अपना रूट प्लान करें और अतिरिक्त समय लेकर चलें। जहां संभव हो, लोगों को मेट्रो का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
वाहन चालकों से कहा गया है कि वे निर्धारित डायवर्जन रूट का ही इस्तेमाल करें और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।
इस दौरान एम्बुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं वाले वाहनों को प्राथमिकता से रास्ता दिया जाएगा। ट्रैफिक व्यवस्था में किए गए ये बदलाव BRICS सम्मेलन में शामिल होने वाले राष्ट्राध्यक्षों और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को सुचारू रखने के लिए किए गए हैं।
11:07- BRICS शिखर सम्मेलन: PM मोदी और इथियोपिया के प्रधानमंत्री के बीच क्या हुई बात?
भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में इथियोपिया गणराज्य के प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद अली से मुलाकात की।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से चर्चा की। उन्होंने आर्थिक सहयोग, रक्षा और सुरक्षा साझेदारी और क्षमता निर्माण सहित प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। यह बैठक दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की अदीस अबाबा की ऐतिहासिक यात्रा पर आधारित थी। दोनों नेताओं ने पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने बहुपक्षीय मंचों पर गहरे सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री मोदी ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इथियोपिया की भागीदारी की सराहना की और कहा कि इसकी उपस्थिति ने वैश्विक दक्षिण की सामूहिक आवाज को मजबूत करने में मदद की है।
11:03- जिनपिंग अपने घर से करें शांति की शुरुआत, तिब्बत का तंज- चीन को और कितनी जमीन चाहिए?
ब्रिक्स सम्मेलन (BRICS) में शामिल होने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत पहुंचने वाले हैं। उनकी इस यात्रा से पहले भारत और चीन के पड़ोसी देश तिब्बत ने उन्हें नसीहत दी है। पढ़ें पूरी खबर…
10:51- PM मोदी की मलेशिया के प्रधानमंत्री के साथ बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय बैठक की। आज से दिल्ली में दो दिनों तक ब्रिक्स समिट शुरू हो रहा है।
10:38- PM मोदी ने इथियोपिया के प्रधानमंत्री से की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान हैदराबाद हाउस में इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ द्विपक्षीय बैठक की।
10:17- 7 साल बाद मोदी-शी आमने-सामने! LAC, अरुणाचल और चीन के मेगा डैम पर क्या निकलेगा हल?
भारत मंडपम में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। 2019 में तमिलनाडु के मामल्लापुरम में हुए दूसरे भारत-चीन अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के बाद यह 7 सालों में उनकी पहली भारत यात्रा है। पढ़ें पूरी खबर…
10:15- BRICS शिखर सम्मेलन: चीन के पत्रकार को भी रिश्ते सुधरने की उम्मीद
चीनी पत्रकार रेन यान ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का 7 साल बाद भारत दौरा दोनों देशों के रिश्तों के लिए अहम मौका हो सकता है। उन्होंने कहा कि चीन और भारत अच्छे पड़ोसी होने के साथ-साथ प्राचीन और महान सभ्यताओं वाले देश भी हैं।
रेन यान के मुताबिक, BRICS सम्मेलन चीन और भारत के नेताओं को आमने-सामने बैठकर कई अहम मुद्दों पर बातचीत करने का अच्छा मंच देता है। उनका मानना है कि इस मौके का इस्तेमाल दोनों देशों के बीच रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, “यह दोनों देशों के नेताओं के लिए हमारे रिश्तों को सुधारने का अच्छा अवसर है।”
चीनी पत्रकार ने कहा कि इस साल BRICS के गठन को 20 साल पूरे हो रहे हैं। पिछले दो दशकों में BRICS ने ग्लोबल साउथ के देशों को कई क्षेत्रों में सहयोग करने के लिए एक साझा मंच दिया है।
इनमें व्यापार, तकनीक और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
रेन यान का कहना है कि आने वाले समय में BRICS ग्लोबल साउथ के देशों के बीच सहयोग और निवेश को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है। खास तौर पर उन्होंने वित्तीय क्षेत्र में ज्यादा करीबी सहयोग और निवेश की उम्मीद जताई।
10:08- BRICS Summit 2026: 'राजनीति के बारे में नहीं शांति के बारे में बात करें'
ब्लॉगर अनास्तासिया गोल्याकोवा कहती हैं, "अगर मैं गलत नहीं हूं, तो राष्ट्रपति शी जिनपिंग 2019 के बाद से भारत नहीं आए हैं। फिर भी, दोनों नेताओं की मुलाकातें होती रही हैं। 2024 से प्रधानमंत्री मोदी ने 2025 में बीजिंग का दौरा किया और अब शी जिनपिंग दिल्ली आए हैं। तो हम क्या कह सकते हैं? मुझे उम्मीद है कि भारत और चीन के बीच संबंध विकसित होंगे और एक नए स्तर पर पहुंचेंगे।"
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने पर, थिंक ब्रिक्स ब्लॉगर अनास्तासिया गोल्याकोवा कहती हैं, "अगर आपको याद हो, तो कजान में मुख्य खबर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हाथ मिलाना थी। और यह सबसे बड़ी खबर थी। इस साल, सच कहूं तो, मुझे नहीं पता था कि क्या उम्मीद करनी है। लेकिन मुझे लगता है कि हम सभी अधिक सौहार्दपूर्ण वार्ता, अधिक सौहार्दपूर्ण माहौल की उम्मीद करते हैं, और आइए राजनीति के बारे में नहीं, बल्कि शांति के बारे में बात करें।"
09:43- BRICS शिखर सम्मेलन: चीन से निकल पड़े शी जिनपिंग
भारत में चीनी राजदूत जू फेइहोंग ने ट्वीट कर जानकारी दी कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए बीजिंग से रवाना हो चुके हैं।
उन्होंने बाताया, "शी के साथ उनके दल में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य और सीपीसी केंद्रीय समिति के जनरल कार्यालय के निदेशक काई क्यूई और सीपीसी केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और चीनी विदेश मंत्री वांग यी शामिल हैं।"
09:23- BRICS Leaders' Summit: '20 साल में भारत ने किया कितना विकास'
ब्रिक्स देशों और वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका पर, चीन के अखबार पीपुल्स डेली की वरिष्ठ पत्रकार रेन यान ने कहा, "20 साल पहले, मैंने पीपुल्स डेली के लिए एक स्थायी संवाददाता के रूप में यहां काम किया था। लगभग 20 साल बाद यह मेरी भारत यात्रा है। इसलिए जब मैं यहां दोबारा आया, तो मैंने पाया कि भारत ने बहुत तेजी से विकास किया है। इतनी सारी गगनचुंबी इमारतें, मॉल और औद्योगिक पार्क कितना कुछ बन गया है।"
09:18- भारत मंडपम में चल रही सुरक्षा जांच
आज, 12 सितंबर से शुरू हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले भारत मंडपम में सुरक्षा जांच चल रही है।
यह शिखर सम्मेलन ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के नेताओं के साथ-साथ आमंत्रित प्रतिनिधियों को भी एक साथ लाएगा। इस साल का विषय है: "बिल्डिंग फॉर रेसिलेंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी।" ब्रिक्स के संस्थापक सदस्य भारत ने इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में इसकी अध्यक्षता की है।
08:40- यूरोप को लेकर क्या बोले पुतिन?
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, "ऐसा कोई खतरा नहीं है, और न ही कभी था। हम यूरोपीय देशों को धमकी नहीं दे रहे हैं, और न ही भविष्य में देंगे। हम ऐसा क्यों करेंगे? ऐसा लगता है कि कोई यह मानता ही नहीं कि यूरोप के साथ किसी भी तरह के संघर्ष का हमारे पास कोई आधार नहीं है। द्वितीय विश्व युद्ध के परिणामस्वरूप सभी मुद्दे सुलझ गए थे। और सोवियत संघ के पतन के बाद जो कुछ भी हुआ, वह सोवियत संघ के उत्तराधिकारी के रूप में रूसी संघ की सहमति से हुआ था। जो कुछ भी इन समझौतों के विपरीत है, वह हमारे हितों के विरुद्ध है और अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूलभूत सिद्धांतों का पालन नहीं करता है।"
08:21- शी जिनपिंग के साथ कौन आ रहा भारत?
चीन के अखबार ग्लोबल टाइम्स ने ट्वीट किया, "शिन्हुआ के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए बीजिंग से रवाना हुए। शिन्हुआ ने बताया कि शी के साथ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य और सीपीसी केंद्रीय समिति के जनरल कार्यालय के निदेशक साई क्यूई और सीपीसी केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और चीनी विदेश मंत्री वांग यी भी हैं।"
08:09- 400 लोगों को लेकर भारत आ रहे हैं जिनपिंग?
BRICS सम्मेलन में शामिल होने के लिए चीन का राष्ट्रपति सात साल बाद आज भारत पहुंच रहे हैं। खबर है कि जिनपिंग अपने पूरे लाव लश्कर के साथ राजधानी दिल्ली पहुंचेंगे। सूत्रों की मानें तो चीन के राष्ट्रपति करीब 400 लोगों का प्रतिनिधिमंडल लेकर भारत पहुंच रहे हैं।
07:29- BRICS समिट के लिए भारत पहुंचे WHO प्रमुख
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शनिवार को भारत की राजधानी नई दिल्ली पहुंच गए हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर उनका भारत आगमन पर गर्मजोशी से स्वागत किया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पोस्ट में लिखा, "18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली आगमन पर डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस का हार्दिक स्वागत है। उनकी यह यात्रा साझा प्रगति और समृद्धि के लिए स्वास्थ्य संबंधी मामलों में वैश्विक सहयोग के महत्व को रेखांकित करती है।"
07:26- क्या है BRICS समिट के मुख्य मुद्दे?
स्थानीय मुद्राओं में व्यापार: ब्रिक्स देशों के बीच आपसी व्यापार के लिए डॉलर के विकल्प के रूप में राष्ट्रीय मुद्राओं (जैसे रुपया, युआन, रूबल) के इस्तेमाल को बढ़ावा देना।
ग्लोबल साउथ की आवाज: विकासशील और अल्पविकसित देशों के आर्थिक व कूटनीतिक हितों को वैश्विक मंचों पर प्रमुखता से उठाना।
रूस-यूक्रेन और पश्चिम एशिया संकट: जारी युद्धों और पारस की खाड़ी के तनावों के ग्लोबल सप्लाई पर पड़ रहे असर पर विस्तृत चर्चा।
ब्रिक्स बैंक (NDB) का विस्तार: न्यू डेवलपमेंट बैंक के माध्यम से सदस्य देशों में बुनियादी ढांचा और सतत विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय मदद को बढ़ाना।
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई वैश्विक नेताओं, विशेषकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं भी करेंगे।
07:12 BRICS में शामिल हो रहे वैश्विक नेताओं की पूरी लिस्ट
भारत की अध्यक्षता में राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12-13 सितंबर को 18वां ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन आयोजित हो रहा है। इस सम्मेलन में ब्रिक्स के 11 पूर्ण सदस्य देशों, भागीदार राष्ट्रों और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों के शीर्ष राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
| देश | प्रतिनिधि / प्रमुख नेता | पद |
|---|---|---|
| भारत (मेजबान) | नरेंद्र मोदी | प्रधानमंत्री |
| चीन | शी जिनपिंग | राष्ट्रपति |
| रूस | व्लादिमीर पुतिन | राष्ट्रपति |
| दक्षिण अफ्रीका | सिमिरिल रामाफोसा | राष्ट्रपति |
| ईरान | मसूद पेजेशकियान | राष्ट्रपति |
| मिस्र | अब्देल फत्ताह अल-सिसी | राष्ट्रपति |
| संयुक्त अरब अमीरात (UAE) | शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान | राष्ट्रपति |
| इथियोपिया | अबिया अहमद | प्रधानमंत्री |
| ब्राजील | लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा / विदेश मंत्री | राष्ट्रपति / प्रतिनिधि |
07:05 AM: पुतिन, पेजेशकियन समेत कई नेता दिल्ली पहुंचे, आज दोपहर 12:25 बजे आएंगे शी जिनपिंग
18वें BRICS शिखर सम्मेलन के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति कशिम शेट्टीमा, युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबीय अहमद अली समेत कई शीर्ष नेता और प्रतिनिधि दिल्ली पहुंच चुके हैं। वहीं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज 12 सितंबर को दोपहर करीब 12:25 बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे। उनके आगमन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। चीन ने भी पुष्टि की है कि दोनों देशों के बीच बैठक की तैयारियां चल रही हैं।
06:55 AM: अमेरिका की व्यापार नीतियों पर BRICS की नजर
BRICS वित्त प्रमुखों की बैठक में एकतरफा व्यापार एवं वित्तीय उपायों और टैरिफ पर भी चिंता जताई गई है। समूह का कहना है कि ऐसे कदम वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर सकते हैं। यह मुद्दा ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब दुनिया में व्यापारिक तनाव बढ़ा हुआ है। भारत हालांकि BRICS को किसी एक देश या पश्चिम के खिलाफ गठबंधन के रूप में पेश करने के बजाय Global South की आवाज और बहुपक्षीय सहयोग के मंच के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर देता रहा है।
06:40 AM: BRICS में वैश्विक व्यापार और डॉलर पर निर्भरता घटाने पर जोर
BRICS देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक प्रमुखों ने वैश्विक वित्तीय संस्थानों में सुधार की जरूरत पर जोर दिया है। समूह ने IMF और विश्व बैंक जैसी संस्थाओं को अधिक प्रतिनिधित्वकारी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की बात कही है। BRICS देशों के बीच तेज, सुरक्षित और कम लागत वाले सीमा-पार भुगतान की व्यवस्था विकसित करना भी एजेंडे में है। भुगतान प्रणालियों की interoperability और डिजिटल मुद्राओं के बीच संभावित सहयोग पर भी चर्चा हो रही है।
06:30 AM: आज दिल्ली पहुंचेंगे शी जिनपिंग, मोदी से मुलाकात पर दुनिया की नजर
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज नई दिल्ली पहुंचेंगे। भारत और चीन के बीच संबंधों में हाल के दिनों में कुछ सुधार के संकेतों के बीच जिनपिंग की भारत यात्रा को अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है। दोनों देशों के बीच सीमा, व्यापार और द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दे बातचीत के केंद्र में रह सकते हैं। शी जिनपिंग की यह भारत यात्रा करीब सात साल बाद हो रही है। ऐसे में BRICS मंच पर होने वाली मोदी-शी बातचीत को भारत-चीन संबंधों की अगली दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
06:00 AM: आज से BRICS Summit का मुख्य चरण, भारत मंडपम में जुटेंगे नेता
नई दिल्ली में आज से BRICS Leaders’ Summit का मुख्य चरण शुरू होगा। दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन भारत मंडपम में किया जा रहा है। भारत इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और उसकी प्राथमिकता Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability यानी लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता पर केंद्रित है।
इस बार BRICS में 11 सदस्य देश हैं- ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, इंडोनेशिया और सऊदी अरब। यह समूह दुनिया की करीब आधी आबादी और PPP के आधार पर लगभग 40 फीसदी वैश्विक GDP का प्रतिनिधित्व करता है।
05:30 AM: मोदी-पुतिन मुलाकात में व्यापार, ऊर्जा और रक्षा पर चर्चा
BRICS Summit से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच नई दिल्ली में अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कौशल एवं लोगों के बीच संपर्क समेत कई क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की। भारत-रूस व्यापार को 2030 तक 100 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य भी दोनों देशों के व्यापक आर्थिक संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के बीच मोदी ने संवाद और कूटनीति के जरिए विवादों के समाधान की भारत की नीति को भी दोहराया है।
05:00 AM: ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन से भी मोदी की अहम बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। मोदी ने कहा कि सभी मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए होना चाहिए। भारत ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के साथ-साथ समुद्री मार्गों, व्यापार और नाविकों की सुरक्षा पर भी जोर दिया। पेजेशकियन की यह भारत की पहली यात्रा है और मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के बीच उनका BRICS सम्मेलन में शामिल होना खास महत्व रखता है।


