
सुलझ गई कांग्रेस की कलह? ब्रेकफास्ट के बाद सिद्धारमैया और DK शिवकुमार ने क्या कहा
सिद्धारमैया ने बार-बार कहा है कि वे पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान का होगा। शिवकुमार ने भी समर्थकों से धैर्य बरतने की अपील की है।
कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रहे नेतृत्व संकट के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ ब्रेकफास्ट पर बैठक की। बैठक के बाद सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया कि उनके और शिवकुमार के बीच कोई मतभेद नहीं है। दोनों नेता एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते नजर आए। इस दौरान सीएम ने कहा- हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है। हम दोनों पार्टी हाईकमान के फैसले का सम्मान करेंगे। यह बैठक कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर आयोजित की गई थी, जो दोनों नेताओं के बीच बढ़ते तनाव को कम करने का प्रयास था।
ब्रेकफास्ट के बाद सिद्धारमैया ने क्या कहा?
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी CM डीके शिवकुमार ने ब्रेकफास्ट मीटिंग के बाद बेंगलुरु में एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की।CM सिद्धारमैया ने कहा- ब्रेकफास्ट अच्छा था। हमने वहां किसी भी बारे में बात नहीं की। हमने बस ब्रेकफास्ट किया। DKS आज हमारे घर आए...DKS ने मुझे अपने घर बुलाया।
कर्नाटक के CM ने कहा कि हमारे बीच कोई मतभेद नहीं हैं और भविष्य में भी कोई मतभेद नहीं होंगे...हमारा एजेंडा 2028 के चुनाव हैं। लोकल बॉडी चुनाव जरूरी हैं। हमने उन पर चर्चा की। हमने 2028 के चुनावों में कांग्रेस को वापस लाने पर भी चर्चा की। हमने चर्चा की कि हम साथ मिलकर चलेंगे। हमारे बीच कोई मतभेद नहीं हैं और भविष्य में भी कोई मतभेद नहीं होंगे...
सिद्धारमैया ने कहा- हमने तय किया है कि हाईकमान जो भी कहेगा, हम मानेंगे। कल से कोई कन्फ्यूजन नहीं होगा। अभी भी कोई कन्फ्यूजन नहीं है। कुछ मीडिया रिपोर्टर्स ने कन्फ्यूजन पैदा किया है। उन्होंने कहा, 'BJP और JDS को झूठे आरोप लगाने की आदत है। BJP और JDS ने कहा है कि वे नो-कॉन्फिडेंस मोशन लाएंगे। उनके पास सिर्फ 60 विधायक हैं, और JDS के पास 18 विधायक हैं। वे हमारी संख्या का मुकाबला नहीं कर सकते। हमारे पास 140 विधायक हैं। यह बेकार की कोशिश है। हम उनके झूठे आरोपों का सामना करेंगे।'
कर्नाटक सीएम ने आगे कहा, 'जहां तक मुझे पता है, कुछ MLA मंत्री बनना चाहते हैं, इसलिए वे हाईकमान से मिलने गए होंगे। इसका मतलब यह नहीं है कि वे लीडरशिप के खिलाफ हैं। उनमें से कुछ ने मुझसे बात की और बताया कि वे दिल्ली क्यों गए थे। हाईकमान जो भी कहेगा, हम वही मानेंगे।"
क्या बोले डिप्टी CM डीके शिवकुमार?
CM सिद्धारमैया के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग के बाद, कर्नाटक के डिप्टी CM डीके शिवकुमार ने कहा- आप सभी के सपोर्ट से हम कांग्रेस सरकार लाए हैं और हम अपने वादे के मुताबिक काम कर रहे हैं। राज्य के लोग अपना पूरा सपोर्ट दे रहे हैं। हमें उनकी इच्छाएं पूरी करनी हैं। हम उस दिशा में काम कर रहे हैं... हाईकमान जो भी कहेगा, हम उसे मानेंगे, और कोई ग्रुपबाजी नहीं है। अभी भी हम साथ मिलकर काम कर रहे हैं। CM ने जो भी कहा, मैं CM के साथ हूं। हम साथ मिलकर काम कर रहे हैं...
CM सिद्धारमैया के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग के बाद, शिवकुमार ने कहा- जहां तक लीडरशिप की बात है, हम अपने पार्टी हाईकमान को मानते हैं। वे जो भी कहते हैं, वह हमारा फैसला है। हम पार्टी के वफादार सिपाही रहे हैं। हम जानते हैं कि हमारे देश में पार्टी मुश्किल समय से गुज़र रही है। लेकिन हमें भरोसा है कि कर्नाटक एक बड़ी भूमिका निभाएगा, हम 2028 में सरकार दोहराएंगे, और मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल के नेतृत्व में 2029 में भी आगे बढ़ेंगे...
उन्होंने आगे कहा, 'हमने मिलकर काम किया है। कर्नाटक के लोगों ने हमें भारी बहुमत दिया है। कर्नाटक के लोगों से किए गए सभी वादों को पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है... आज, हमने 2028 के विधानसभा चुनावों के लिए अपनी स्ट्रैटेजी और विपक्ष से कैसे निपटना है, इस पर चर्चा की। वे कई मुद्दे उठाने की कोशिश कर सकते हैं। हम जवाब देने के लिए तैयार हैं...'
डीके शिवकुमार ने कहा- कुछ बड़े मुद्दे हैं जिन्हें सांसदों को इस (विंटर) सेशन में उठाने की जरूरत है। उन्होंने (सेंट्रल गवर्नमेंट) गन्ना, मक्का के मुद्दों और कई दूसरे प्रोग्राम्स पर जो भी वादे किए हैं, वे राज्य की मदद नहीं कर रहे हैं। दूसरे दिन, चीफ मिनिस्टर ने प्राइम मिनिस्टर से भी मुलाकात की और एक रिप्रेजेंटेशन दिया। कल, दिनेश ने भी इस मुद्दे पर प्राइम मिनिस्टर से रिक्वेस्ट की। इसलिए हम अपने पार्लियामेंट मेंबर्स से कहने जा रहे हैं, अपना टाइम वेस्ट मत करो। आप राज्य सरकार की मदद नहीं कर रहे हैं। आपको साथ चलना होगा। अगर आप राज्य की भलाई में इंटरेस्टेड हैं, तो हम सबको साथ चलना चाहिए। जहां तक नो-कॉन्फिडेंस मोशन की बात है, उन्हें ऐसा करने दो...हम असेंबली और सरकार चलाने में काबिल हैं। हम यह करेंगे।
सत्ता-साझेदारी समझौते का विवाद
कर्नाटक कांग्रेस में यह विवाद 2023 के विधानसभा चुनावों के बाद से ही चला आ रहा है। चुनाव जीतने के बाद सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री बनाया गया था, जबकि शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री का पद दिया गया। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच 2.5-2.5 साल की सत्ता-साझेदारी का अनौपचारिक समझौता था। सिद्धारमैया का कार्यकाल 20 नवंबर 2025 को आधा पूरा हो चुका है, जिसके बाद शिवकुमार समर्थक उनका दावा मजबूत कर रहे हैं। शिवकुमार के समर्थकों ने मंगलवार को मैसूर (सिद्धारमैया का गृह जिला) में एक रैली भी आयोजित की, जिसमें उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग की गई। हालांकि, सिद्धारमैया ने बार-बार कहा है कि वे पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान का होगा। शिवकुमार ने भी समर्थकों से धैर्य बरतने की अपील की है और कहा है कि वे पार्टी के हर फैसले का पालन करेंगे।





