सीईसी ज्ञानेश कुमार पहुंचे कोलकाता, होटल जाते समय दिखाए गए काले झंडे
भारी संख्या में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को घेर लिया और उन्हें उस मार्ग पर आने से रोक दिया, जिससे होते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त हवाई अड्डे से होटल जा रहे थे। चटर्जी ने कहा, 'हमारी मुख्यमंत्री मध्य कोलकाता में धरना दे रही हैं।'

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पश्चिम बंगाल के तीन दिवसीय दौरे पर गए हैं। कोलकाता हवाई अड्डे से होटल के लिए सड़क मार्ग से यात्रा करने के दौरान कुछ लोगों ने काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के SIR के खिलाफ न्यू टाउन में प्रदर्शन हुआ। इसका नेतृत्व करने वाले सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के विधायक तापस चटर्जी ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शन में सभी वर्गों के लोगों ने भाग लिया। कुमार आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा के लिए निर्वाचन आयोग के अधिकारियों की बैठक में भाग लेने के लिए यहां आए हैं।
भारी संख्या में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को घेर लिया और उन्हें उस मार्ग पर आने से रोक दिया, जिससे होते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त हवाई अड्डे से होटल जा रहे थे। चटर्जी ने कहा, 'हमारी मुख्यमंत्री मध्य कोलकाता में धरना दे रही हैं। हम यहां मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जो लोकतंत्र विरोधी और संविधान विरोधी हैं।' कुछ प्रदर्शनकारियों ने कुमार के खिलाफ नारे भी लगाए। मुख्यमंत्री बनर्जी सीईसी के खिलाफ मुखर रही हैं और उन पर भाजपा की कठपुतली होने का आरोप लगाया है।
चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बीते दिनों निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को पहले इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि वे लोगों के वोट से प्रधानमंत्री बने थे, जिनके नाम निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची के SIR के दौरान मनमाने ढंग से हटाए जा रहे हैं। बनर्जी ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को प्रधानमंत्री से इस्तीफा देने के लिए कहना चाहिए। बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में जारी एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में मध्य कोलकाता में आयोजित धरने के दौरान कहा, 'अगर मोदी 2024 में इस मतदाता सूची के आधार पर प्रधानमंत्री बन सकते हैं, तो इसमें शामिल लोगों को अपने मताधिकार का इस्तेमाल क्यों नहीं करने दिया जाना चाहिए?'
सीएम बनर्जी ने सवाल किया कि राज्यपाल सीवी आनंद बोस को पांच मार्च को अचानक इस्तीफा क्यों देना पड़ा। उन्होंने कहा, 'इसकी जांच होनी चाहिए, उनके कार्यकाल के अभी तीन साल बाकी थे। उन्हें उस दिन बागडोगरा में राष्ट्रपति का स्वागत करना था। क्या उन्हें अचानक दिल्ली बुलाया गया और इस्तीफा देने को कहा गया?' मुख्यमंत्री ने आशंका जताई कि क्या मोदी सरकार इस पद पर 'हां में हां मिलाने वाले' व्यक्ति को बैठाना चाह रही है। यह भी सवाल किया कि पश्चिम बंगाल के पूर्व में राज्यपाल रहे उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने पिछले साल जुलाई में अपने पद से इस्तीफा क्यों दिया था। उन्होंने कहा कि क्या इस मामले की जांच होनी चाहिए?
लेखक के बारे में
Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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