'जय श्रीराम' के नारे लगा रहे थे BJP कार्यकर्ता, शुभेंदु अधिकारी ने क्यों चुप कराया

Himanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का ठाकुरबाड़ी दौरा प्रतीकात्मक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। रवींद्रनाथ टैगोर की 166वीं जयंती के अवसर पर उन्होंने टैगोर की प्रतिमा के सामने घुटने टेककर अपना माथा जमीन से छुआ।

'जय श्रीराम' के नारे लगा रहे थे BJP कार्यकर्ता, शुभेंदु अधिकारी ने क्यों चुप कराया

Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के तुरंत बाद शुभेंदु अधिकारी सीधे रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक आवास जोरासांको ठाकुरबाड़ी पहुंचे। यहां उन्होंने न केवल कविगुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की, बल्कि अपने समर्थकों को एक कड़ा संदेश देते हुए 'जय श्री राम' के नारे लगाने से रोक दिया। ठाकुरबाड़ी परिसर में समर्थक ने उत्साह में धार्मिक और राजनीतिक नारे लगा रहे थे। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप किया।

भाजपा कार्यकर्ताओं और अपने समर्थकों को उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "यह 'जय श्री राम' कहने की जगह नहीं है। यहां केवल 'कविगुरु' का नाम होगा। यह राजनीतिक खींचतान का समय नहीं है। मुख्यमंत्री के रूप में अब मैं सबका हूं।" अधिकारी ने जोर देकर कहा कि चुनाव खत्म हो चुके हैं और अब राज्य के पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी उन पर है। उन्होंने बंगाल की शिक्षा और संस्कृति को हुए नुकसान पर चिंता व्यक्त की और विकास के लिए सबको साथ चलने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री का ठाकुरबाड़ी दौरा प्रतीकात्मक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। रवींद्रनाथ टैगोर की 166वीं जयंती के अवसर पर उन्होंने टैगोर की प्रतिमा के सामने घुटने टेककर अपना माथा जमीन से छुआ। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "बंगाल और बंगाली संस्कृति को गुरुदेव की चेतना और आदर्शों द्वारा निर्देशित होना चाहिए। आज उस शुभ शुरुआत का दिन है।"

शुभेंदु अधिकारी के इस दौरे में एक व्यक्तिगत पहलू भी जुड़ा था। वे रवींद्र भारती विश्वविद्यालय (RBU) के पूर्व छात्र रहे हैं, जहां से उन्होंने पर्यावरण अध्ययन में मास्टर डिग्री प्राप्त की थी। उन्होंने विश्वविद्यालय की कुलपति सोनाली चक्रवर्ती बनर्जी और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की। विश्वविद्यालय के अनुरोध पर वे 'बिचित्रा भवन' गए, जहां उन्होंने अपनी पुरानी यादें ताजा कीं और विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ काले नमक वाली 'निमकी' और काली चाय का आनंद लिया।

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लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

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