
कर्नाटक में BJP की महिला कार्यकर्ता ने लगाए कपड़े फाड़ने के आरोप, पुलिस बोली- खुद उतारी
कमिश्नर ने बताया कि हमारे महिला स्टाफ ने ही स्थानीय लोगों की मदद से कपड़े मंगवाए और उन्हें पहनाए। पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि उक्त महिला पर पहले से ही 9 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 5 केस पिछले साल ही दर्ज हुए थे।
कर्नाटक के हुबली में एक महिला कार्यकर्ता की गिरफ्तारी के दौरान हुए हंगामे ने राजनीतिक रंग ले लिया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनकी कार्यकर्ता के साथ मारपीट की और गिरफ्तारी के दौरान उनके कपड़े फाड़ दिए। वहीं, पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि महिला ने खुद अपने कपड़े उतारे और पुलिसकर्मियों पर हमला किया।
हुबली के चालुक्य नगर में एक सर्वे को लेकर स्थानीय लोगों और अधिकारियों के बीच विवाद शुरू हुआ था। विवाद इतना बढ़ा कि वहां गाली-गलौज और मारपीट की नौबत आ गई। इस मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित तीन अलग-अलग केस दर्ज किए। इसी सिलसिले में 5 जनवरी को पुलिस जब आरोपी महिला को हिरासत में लेने पहुंची, तो हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया।
भाजपा के गंभीर आरोप
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें महिला कार्यकर्ता एक बस के अंदर महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों से घिरी नजर आ रही है। भाजपा का दावा है कि जब महिला ने गिरफ्तारी का विरोध किया, तो पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की, मारपीट की और उनके कपड़े तक फाड़ दिए।
पुलिस कमिश्नर का पलटवार
हुबली के पुलिस कमिश्नर शशि कुमार ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। उन्होंने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में घटना का दूसरा पक्ष रखा। कमिश्नर के मुताबिक, गिरफ्तारी के दौरान महिला ने जबरदस्त विरोध किया और एक सब-इंस्पेक्टर को दांत से काट लिया। साथ ही अन्य पुलिसकर्मियों के साथ भी हाथापाई की। पुलिस का कहना है कि महिला ने पुलिस वाहन में ले जाते समय विरोध जताने के लिए खुद अपने कपड़े उतार दिए थे।
कमिश्नर ने बताया कि हमारे महिला स्टाफ ने ही स्थानीय लोगों की मदद से कपड़े मंगवाए और उन्हें पहनाए। पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि उक्त महिला पर पहले से ही 9 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 5 केस पिछले साल ही दर्ज हुए थे।





