
BJP का जीतना गंभीर बात, बड़ा खतरा है; चुनाव के नतीजों पर किसने कहा ऐसा
तिरुवनंतपुरम नगर निगम पर कई दशकों से एलडीएफ का कब्जा था लेकिन इसपर भाजपा की जीत दोनों पारंपरिक मोर्चों के लिए एक बड़ा झटका साबित हुई है। भाजपा के राज्य नेतृत्व ने कहा कि नगर निगम चुनावों में मिली यह उपलब्धि आगामी विधानसभा चुनावों में उन्हें और अधिक मजबूती से आगे बढ़ने में मदद करेगी।
केरल में स्थानीय निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत से सत्तारूढ़ लेफ्ट चिंतित नजर आ रही है। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू के दौरान पूर्व राज्यसभा सांसद और सीपीआई के प्रदेश सचिव बिनॉय विश्नवम ने कहा कि भाजपा का बढ़ना चिंता की बात है। साथ ही उन्होंने कहा कि इसका मुकाबला करने के लिए रास्ता खोजने की जरूरत है। भाजपा की अगुवाई वाले NDA ने ने एक निगम, दो नगरपालिकाओं और 26 ग्राम पंचायतों में जीत हासिल की है।

भाजपा के राज्य नेतृत्व ने कहा कि नगर निगम चुनावों में मिली यह उपलब्धि आगामी विधानसभा चुनावों में उन्हें और अधिक मजबूती से आगे बढ़ने में मदद करेगी। तिरुवनंतपुरम नगर निगम पर कई दशकों से एलडीएफ का कब्जा था लेकिन इसपर भाजपा की जीत दोनों पारंपरिक मोर्चों के लिए एक बड़ा झटका साबित हुई है।
क्या रही जीत की वजह
UDF यानी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चाके मुताबिक, शबरिमला मामले, भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, सांप्रदायिक तुष्टीकरण और जनता से जुड़ाव में कमी जैसे मुद्दों के कारण उत्पन्न सत्ता-विरोधी लहर ने भाजपा को जीत दर्ज करने में मदद की। पीटीआई भाषा के अनुसार, कांग्रेस नीत मोर्चे ने कहा कि पीएम श्री योजना, केंद्र के श्रम कानूनों और बहुसंख्यक समुदाय को खुश करने के प्रयासों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ लगे आरोपों ने भी उनकी हार में योगदान दिया।
'चिंता की बात है'
इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान विश्वम से सवाल किया गया कि वह केरल में भाजपा के बढ़ने को कैसे देखते हैं। इसपर उन्होंने कहा कि यह एक बहुत ही गंभीर बात है और हम इसे पूरी गंभीरता से ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा चतुवर्ण व्यवस्था में भरोसा करती है और जब वह अपनी विचारधारा के साथ केरल आती है, तो यह एक बड़ा खतरा है। हमें इसका मुकाबला करने का रास्ता खोजना होगा।
उन्होंने कहा कि हो सकता है कि कम्युनिस्ट आंदोलन की जिम्मेदारी है वह चुनौती और स्थिति की गंभीरता को समझे। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों को हमारा संदेश है कि हम उनके साथ खड़े हैं और उनके अधिकारों की रक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि हम उनकी घबराहट को समझते हैं। विश्वम का कहना है कि राज्य और देश को आगे बढ़ाने का एकमात्र तरीका सेक्युलरिज्म है और हम इसके लिए 100 प्रतिशत प्रतिबद्ध हैं।





