भाजपा उपाध्यक्ष ने छोड़ी पार्टी, इस राज्य में बड़ी उथल पुथल; एक साल बाद होने हैं चुनाव
पार्टी में शामिल होने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए अरविंद खन्ना ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत शिरोमणि अकाली दल से की थी और पार्टी में दोबारा शामिल होने को उन्होंने 'घर वापसी' बताया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पंजाब इकाई के उपाध्यक्ष अरविंद खन्ना रविवार को संगरूर में शिरोमणि अकाली दल (SAD) में शामिल हो गए। BJP की पंजाब इकाई में शामिल होने से पहले खन्ना कांग्रेस के विधायक थे। खास बात है कि पंजाब में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। फिलहाल, राज्य में मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी सरकार है।
SAD प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने रविवार को संगरूर में खन्ना के घर का दौरा किया, जहां उन्होंने पूर्व विधायक को SAD में शामिल किया। बादल ने कहा कि उन्हें अपने मित्र का SAD में स्वागत करते हुए और उन्हें संगरूर विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी नियुक्त करते हुए खुशी हो रही है। पूर्व कांग्रेस विधायक और व्यवसायी खन्ना जनवरी 2022 में BJP में शामिल हुए थे। वह 2002 में संगरूर विधानसभा क्षेत्र से और 2012 में धुरी सीट से कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए थे।
खन्ना ने 2022 के विधानसभा चुनाव में संगरूर सीट से और 2024 के लोकसभा चुनाव में संगरूर संसदीय क्षेत्र से BJP के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी। पार्टी में शामिल होने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए खन्ना ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत SAD से की थी और पार्टी में दोबारा शामिल होने को उन्होंने 'घर वापसी' बताया।
संगरूर विधायक ने भाजपा पर लगाए ऑपरेशन लोटस के आरोप
संगरूर सीट से आप विधायक नरिंदर कौर भरज ने गुरुवार को दावा किया था कि भाजपा ने उन्हें टिकट देने की पेशकश की है। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का नाम लिया था। हालांकि, सैनी ने आरोपों का खंडन किया था। पीटीआई भाषा के अनुसार, जब पत्रकारों ने भरज के दावों पर टिप्पणी के लिए सैनी से संपर्क किया, तो मुख्यमंत्री ने कहा, मैं उन्हें नहीं जानता, न ही उनके निर्वाचन क्षेत्र को जानता हूं जिसका वह प्रतिनिधित्व करती हैं।'
संगरूर सीट से आप विधायक ने यह भी दावा किया कि उन्हें बंद कमरे में बैठक की पेशकश की गई थी। दावे पर फरीदाबाद में मीडियाकर्मियों के सवालों पर सैनी ने पूछा, 'कब?' इससे पहले, भरज ने यहां मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए दावा किया कि भाजपा के 'ऑपरेशन लोटस' के तहत सैनी ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की और कुछ दिन पहले उनसे बात भी की थी। उन्होंने दावा किया कि सैनी ने बंद कमरे में एक बैठक का प्रस्ताव रखा।
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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