भाजपा को नई बुलंदियों तक पहुंचाने वाले नड्डा आज हो रहे रिटायर, नए चीफ नितिन नवीन को सौंपी विरासत
नड्डा के कार्यकाल के दौरान बीजेपी ने जहां कांग्रेस से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान छीना, वहीं बीजेडी को हराकर नवीन पटनायक के ओडिशा के मुख्यमंत्री के रूप में 24 साल के शासन को खत्म कर दिया। बीजेपी 2025 में 26 से अधिक वर्षों के बाद दिल्ली में भी सत्ता में लौटी।

छह साल तक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को पार्टी की कमान नए भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन को सौंप दी। नितिन नबीन को सोमवार को निर्विरोध बीजेपी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। इससे पहले भाजपा चीफ के रूप में नड्डा का कार्यकाल एक मजबूत राजनीतिक विरासत के रूप में देखा जा रहा है। जनवरी 2020 में जब नड्डा ने बीजेपी के 11वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी, तब नरेंद्र मोदी ने भरोसा जताया था कि पार्टी उनके नेतृत्व में नई ऊंचाइयों को छुएगी। नड्डा ने इस भरोसे को काफी हद तक सही साबित किया।
जब नड्डा ने अध्यक्ष पद संभाला था, तब बीजेपी 15 राज्यों में सत्ता में थी और केवल सात राज्यों में उसके मुख्यमंत्री थे। आज पार्टी अपने सहयोगियों के साथ 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सत्ता में है और 14 जगहों पर बीजेपी के मुख्यमंत्री हैं। नड्डा के कार्यकाल में भाजपा ने विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। पार्टी ने कांग्रेस से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान छीने। वहीं भाजपा ने ओडिशा में नवीन पटनायक के 24 साल पुराने शासन का अंत करते हुए बीजेडी को विधानसभा चुनावों में बड़ा झटका दिया। यही नहीं, नड्डा के नेतृत्व में भाजपा ने 2025 में 26 साल से ज्यादा समय बाद दिल्ली में सत्ता में वापसी की।
गढ़ में और मजबूत हुई भाजपा
जे पी नड्डा के नेतृत्व में भाजपा अपने गढ़ में और मजबूत हुई। हरियाणा में भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में आई, जबकि महाराष्ट्र में रिकॉर्ड सीटें जीतकर महायुति को बड़ी जीत दिलाई। 2025 के अंत में बिहार विधानसभा चुनावों में एनडीए की भारी जीत ने 2024 के लोकसभा चुनावों में अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन के बाद पार्टी की चुनावी पकड़ को और मजबूत किया।
नड्डा का राजनीतिक सफर
बीजेपी नेताओं के मुताबिक नड्डा का राजनीतिक सफर अनुशासन, प्रतिबद्धता और संगठन के प्रति समर्पण का उदाहरण है।।नड्डा की यह सफलता उनके लंबे राजनीतिक सफर का नतीजा मानी जाती है। उनका जन्म 2 दिसंबर 1960 को ब्राह्मण परिवार में हुआ। उन्होंने पटना के सेंट जेवियर्स स्कूल से पढ़ाई की और पटना विश्वविद्यालय से बीए किया। उनके पिता नारायण लाल नड्डा पटना विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे और बाद में रांची विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे। 15 साल की उम्र में नड्डा ने जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री अब्दुल गफूर के खिलाफ आंदोलन में हिस्सा लिया। वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े और 1975 में इमरजेंसी के खिलाफ चले संपूर्ण क्रांति आंदोलन में भी सक्रिय रहे। बाद में परिवार के साथ हिमाचल प्रदेश लौटकर उन्होंने एलएलबी की पढ़ाई की और एबीवीपी में सक्रिय भूमिका निभाई।
1991 में नड्डा भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। 1993 में उन्होंने हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर से विधानसभा चुनाव जीतकर नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाई। 1998 में दोबारा विधायक चुने गए और पहली बार राज्य सरकार में मंत्री बने। 2010 में उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया और 2012 में वह राज्यसभा पहुंचे। 2014 में अमित शाह के अध्यक्ष बनने पर नड्डा पार्टी के संसदीय बोर्ड के सदस्य बने।
2019 में उन्हें बीजेपी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया और 2020 में वह राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। 2024 में एनडीए की लगातार तीसरी जीत के बाद नड्डा को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और रसायन एवं उर्वरक मंत्री बनाया गया। वह 2014 से 2019 तक भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं।
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Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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