भाजपा की नई टीम में प्रयोग कम, पर संदेश बड़ा; 2029 के लिए नितिन नवीन ने कैसे साधे सियासी समीकरण?
घोषित कुल 65 नेताओं की टीम में से 51 नए चेहरे हैं। सभी मोर्चों में नए चेहरे लाए गए हैं। सोशल मीडिया टीम पूरी नई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, दूसरे दलों से आए नेताओं को संगठन में जगह देकर आने वाले नेताओं को भी संदेश दिया गया है।

भाजपा ने संगठन को नई रफ्तार देने के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की इस टीम में वरिष्ठ नेताओं के साथ नई ऊर्जा को जोड़कर परिवर्तन का संतुलन बिठाया है। टीम में आगामी चुनावी चुनौतियों, खासकर 2029 के लोकसभा चुनाव की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है।
पार्टी की राष्ट्रीय टीम में 40 से कम उम्र के 6 सदस्यों, 40 से 49 की उम्र के 15 और 50 से 59 के 21 सदस्यों को स्थान दिया गया है। टीम का एक खास पहलू यह है कि इसके करीब 40 फीसदी सदस्य वंचित समाज से हैं। कोषाध्यक्ष बनाए गए पीयूष गोयल अकेले ऐसे केंद्रीय मंत्री हैं, जिन्हें पार्टी की नई टीम में शामिल किया गया है।
बहुत ज्यादा प्रयोग करने से बची भाजपा
मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक बदलावों की स्थतियों में भाजपा के युवा अध्यक्ष ने काफी बदलाव तो किए हैं, लेकिन बहुत ज्यादा प्रयोग करने के बजाय संतुलन को तरजीह दी है। पश्चिम बंगाल की जीत के बाद पार्टी में बड़े बदलावों की बात उठी थी, लेकिन बाद में हालात बदले तो व्यापक संतुलन पर जोर दिया गया। यही वजह है कि कई अनुभवी और वरिष्ठ नेताओं को टीम में जोड़ा गया है। नए चेहरों को सांगठनिक क्षमता के बजाय उनकी ऊर्जा, संवाद क्षमता और सोशल मीडिया पर पहुंच को ध्यान में रखा गया है, वह भी उनके सामाजिक परिवेश को ध्यान में रखते हुए।
सात राज्यों के चुनाव पर ध्यान
टीम के गठन से इस बात की भी झलक दिखती है कि नितिन नवीन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का पूरा सहयोग मिला है। अगले साल यूपी समेत सात राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं। यही वजह है कि टीम में सबसे ज्यादा आठ चेहरे उत्तर प्रदेश से शामिल किए गए हैं। इनमें यूपी का ब्राह्मण चेहरा हरीश द्विवेदी भी शामिल हैं, जो इस समाज और अगड़े समुदाय के लिए एक संदेश भी है। उत्तराखंड और गुजरात से चार-चार नेताओं को जगह मिली है। ऐसे तो दिल्ली से 11 नेता हैं, लेकिन इनमें कई अन्य राज्यों से हैं और दिल्ली कार्यक्षेत्र होने से उनको दिल्ली का दर्शाया गया है। मध्य प्रदेश से छह, महाराष्ट्र से चार और बिहार से तीन नेताओं को शामिल किया गया है।
सांगठनिक क्षमता को तरजीह
टीम में युवा और अनुभव का संतुलन देखा जाए तो विनोद तावड़े को उनकी सांगठनिक क्षमता के लिए फिर से महामंत्री बनाया गया है। पश्चिम बंगाल में भारी जीत में बड़ी भूमिका निभाने वाले सुनील बंसल अपनी भूमिका में बरकरार रहेंगे। बीएल संतोष के अलावा केवल यही दो महासिचव हैं जो नई टीम में भी है, अन्य चेहरों को बदला गया है। नए चेहरों में आदिवासी समाज के गजेंद्र पटेल महासचिव बने हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री और प्रखर वक्ता स्मृति ईरानी की महामंत्री के रूप में वापसी हुई है। संघ के प्रचारक रहे राम माधव की उपाध्यक्ष के रूप में फिर से संगठन टीम में आए हैं। यूपी से राज्यसभा सांसद संगीता यादव और उत्तर-पूर्व से मृगांक बर्मन जैसे युवा चेहरों को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है।
क्षेत्रीय संतुलन भी
क्षेत्रीय संतुलन में नागालैंड से राज्यसभा सांसद फांगनोन कोन्याक को सचिव, आंध्र प्रदेश से डी पुरंदेश्वरी को उपाध्यक्ष और तमिलनाडु के एम व्यंकटेशन सचिव बनाया गया है।
कोर संगठन की टीम बरकरार
राष्ट्रीय पदाधिकारियों में 13 उपाध्यक्ष, आठ महासचिव, एक संगठन महासचिव, दो सह संगठन महासचिव, 16 सचिव और केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल को एक बार फिर राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। कोर संगठन की टीम में बीएल संतोष बतौर संगठन महामंत्री और साथ ही सौदान सिंह और शिव प्रकाश बतौर संयुक्त संगठन महामंत्री अपना काम करते रहेंगे। सौदान सिंह पहले भी इस पद पर रह चुके हैं। पूर्व महासचिव महासचिव तरुण चुघ को केंद्रीय कार्यालय का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, मध्य प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष रहे विष्णु दत्त शर्मा को सभी सेलों और प्रकोष्ठों का प्रभारी बनाया गया है।
भाजपा की नई टीम की पूरी लिस्ट-
कोषाध्यक्ष: पीयूष गोयल
सह कोषाध्यक्ष: राजेश मंगल
राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी
तरुण चुघ, राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री: महेंद्र पांडे
नॉर्थ ईस्ट संयोजक: डॉ. संबित पात्रा, सह संयोजक: राजीव बब्बर
प्रकोष्ठ संकुल संयोजक
विष्णु दत्त शर्मा, सह संयोजक: ऋतुराज सिन्हा व विष्णु वर्धन रेड्डी
राष्ट्रीय सचिव
कविता पाटीदार, के सुरेंद्रन, भोला सिंह, डॉ प्रदीप वर्मा, जगदीश ईश्वरभाई पटेल, डॉ संदीप पाठक, फांग्नोन कोन्यक, अनिल एंटनी, डॉ एम वेंकटेशन, मनोज टिग्गा, सिद्धार्थ शंभु, डॉ स्वदेश सिंह, मृगांका देव बर्मन, रोहन गुप्ता, जयप्रकाश, संगीता यादव
मोर्चा अध्यक्ष
युवा मोर्चा: डॉ. हेमांग जोशी, महिला मोर्चा: रूप कुमारी चौधरी, ओबीसी मोर्चा: अमरपाल मौर्य, किसान मोर्चा: बंसीलाल गुर्जर, एससी मोर्चा: शिवेश कुमार राम, एसटी मोर्चा: डॉ. मन्नालाल रावत, अल्पसंख्यक मोर्चा: कुंवर बासित अली
मीडिया संयोजक
अनिल बलूनी, सह संयोजक: आशीष उषा अग्रवाल, प्रदीप भंडारी, सिद्धार्थ यादव
सोशल मीडिया संयोजक
दीपक म्हस्के, सह संयोजक: प्रीति गांधी, शिवानंद द्विवेदी, आलोक भट्ट, अरुण यादव
दूसरे दलों से आए नेता
संदीप पाठक, मनप्रीत सिंह, रोहन गुप्ता
बरकरार चेहरे: बी एल संतोष , वसुंधरा राजे, बैजयंत जय पांडा, तारिक मंसूर, विनोद तावड़े, सुनील बंसल, अनिल एंटनी, महेंद्र पांडे, अनिल बलूनी।
इन्हें नहीं मिली जगह: अरुण सिंह, राधामोहन दास अग्रवाल, संजय मयूख, अमित मालवीय, दुष्यंत गौतम।
महासचिव
विनोद तावड़े, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, स्मृति ईरानी, सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी, संजय भाटिया
उपाध्यक्ष
वसुंधरा राजे सिंधिया, तीरथ सिंह रावत, राम माधव, बैजयंत जय पांडा, डी पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, भारती प्रवीण पवार, मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य, प्रो एम नागराज, प्रो तारीक मंसूर, मधुचंद्र कर


