गांधी-नेहरू परिवार की करतूतों पर खोलूंगा लाइब्रेरी, बीजेपी सांसद ने जनता से मांगी किताबों की लिस्ट

Feb 06, 2026 12:53 pm ISTAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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बजट सत्र में किताब पर बवाल होने के बाद बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा है कि वह गांधी-नेहरू परिवार की करतूतों को बताने वाली एक लाइब्रेरी खोलेंगे। उन्होंने लोगों से ऐसी किताबों की लिस्ट मांगी है।

गांधी-नेहरू परिवार की करतूतों पर खोलूंगा लाइब्रेरी, बीजेपी सांसद ने जनता से मांगी किताबों की लिस्ट

संसद के बजट सत्र के दौरान राहुल गांधी ने जब एक किताब का हवाला देकर बीजेपी पर हमला शुरू किया तो बीजेपी भी एक किताब ले आई। बुधवार को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे कई प्रकाशित और प्रतिबंधित किताबों के कवर लेकर संसद पहुंचे थे। उन्होंने कांग्रेस पर इतिहास छिपाने का आरोप लगाया और लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ। अब निशिकांत दुबे ने कहा है कि वह नेहरू-गांधी परिवार को लेकर एक पुस्तकालय खलेंगे जिसमें बहुत सारी किताबें होंगी।

दुबे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, नेहरू गाँधी परिवार के कारनामों,उनके द्वारा किए गए भ्रष्टाचार,उनकी नीतियों के कारण देश को हुए नुक़सान तथा व्यक्तिगत कार्यकलाप के कारण देश को हुए नुक़सान पर एक पुस्तकालय बनाने का मैंने निर्णय लिया है । आप सभी लोगों से मुझे सहयोग,सुझाव की आवश्यकता है । यह पुस्तकालय आने वाले पीढ़ियों,शोध करने वाले छात्रों के लिए एक आदर्श स्थान होगा।'

उन्होंने एक वीडियो भी पोस्ट किया जिसमें वह कह रहे हैं, कल मैंने संसद में नेहरू-गांधी परिवार की गद्दारी और भ्रष्टाचारा के बारे में कुछ बातें कही थीं। पूरे देशभर में इसकी जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। जितने राष्ट्रभक्त हैं वे 24 घंटे में लगातार फोन किए। उस फोन के आधार पर मैंने फैसला किया है कि मैं एक लाइब्रेरी बनाऊंगा। इसमें गांधी-नेहरू परिवार की करतूतों को बताने वाली किताबें होंगी। चाहे उन्होंने आर्थिक आधार पर देश को नुकसान पहुंचाया हो, चाहे सामाजिक आधार पर पहुंचाया हो या फिर भारत-पाकिस्तान का बंटवारा है।

जनता से मांगी किताबों की लिस्ट

उन्होंने कहा, कई दस्तावेज हैं जो अब तक पब्लिक डोमेन में नहीं आए हैं। इसमें शाह कमीशन की रिपोर्ट है। इसका उद्देश्य होगा कि अगर इससे जुड़ी कोई भी जानकारी चाहिए तो उस लाइब्रेरी में मिल जाए। मेरा आग्रह है कि जिनके पास भी इस तरह की किताबें हैं, वे सहयोग करें। जहां भी आपको लगता है कि ऐसी कोई किताब है तो आप डॉक्युमेंट और किताब की जानकारी दें। मैं इनको खुद ही खरीदूंगा। उन्होंने कहा कि इस तरह का एक संग्रह होने से नई पीढ़ी को शोध में मदद मिलेगी।

दुबे ने संसद में कुछ किताबों के नाम गिनाए थे। इसमें इमरजेंसी पर लिखी गई किताबों के अलावा मित्रोखिन आर्काइव का जिक्र किया गया था। उन्होंने कहा कि कई किताबों पर कांग्रेस की सरकार ने प्रतिबंध लगा दिए थे और उनपर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा, स्पीकर साहब से अनुरोध है कि जो किताबें छप चुकी हैं उनपर ही चर्चा हो जाए। संसद में अगर चर्चा हो जाएगी तो गांधी-नेहरू परिवार की करतूतें सामने आ जाएंगी। बता दें कि राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख की एक अप्रकाशित किताब का संसद में जिक्र किया था। इसी को लेकर बवाल शूरू हुआ था।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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