
बिहार में NDA की प्रचंड जीत के बाद बीजेपी नेता ने शेयर की ऐसी तस्वीर, याद आ गया 36 साल पुराना दंगा
संक्षेप: बिहार में एनडीए ने 202 सीटों के साथ प्रचंड जीत हासिल की है। असम के मंत्री अशोक सिंघल ने इस जीत को लेकर गोभी के खेत की तस्वीर शेयर की। इसपर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई।
बिहार में एनडीए की प्रचंडी जीत के बाद असम के मंत्री अशोक सिंघल ने एक ऐसी तस्वीर शेयर की जो कि सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। सिंघल ने फूल गोभी के खेत की तस्वीर साझा करते हुए कैप्शन में लिखा, बिहार ने गोभी की खेती को मंजूरी दे दी। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि सिंघल ने यह पोस्ट करके 1989 के भागलपुर दंगों की याद दिलाई है।

भागलपुर औरआसपास के जिलों में हुए इस सांप्रदायिक दंगे में 1000 से ज्यादा लोग मारे गए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक मरने वालों को तालाब में फेंक दिया गया और सबूत मिटाने के लिए उन्हें खेत में गाड़ दिया गया। ऊपर से गोभी बो दी गई। यह वाकया लोगाई गांव का है। यहां दंगाइयों ने 116 मुसलमानों को मार डाला और फिर लाशों को खेत में दफना दिया। ऊपर से फूल गोभी बो दी गई। बाद में जब खेतों की खुदाई हुई तो 116 नरकंकाल बरामद किए गए।
मार्च 2025 में नागपुर में हिंसा के दौरान कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर गोभी के खेत की तस्वीरें साझा की थीं। वहीं मई महीने में कर्नाटक बीजेपी के आधिकारिक एक्स अकाउंट से गोभी के खेत के तस्वीर शेयर की गई थी। यह छत्तीसगढ़ में माओवादियों के मारे जाने पर तंज था।
एक यूजर ने कहा कि गोभी के खेत की तस्वीरें शेयर करके दक्षिणपंथी नरसंहार का भी महिमामंडन कर रहे हैं। एक अन्य यूजर ने कहा, विश्वास नहीं होता कि एक मंत्री इस तरह का पोस्ट कर सकता है। एक यूजर ने कहा, मुझे तो लगता है कि यह कोई पैरडी अकाउंट है। बता दें कि भागलपुर दंगों में मारे गए 1000 से ज्यादा लोगों में से 900 से ज्यादा मुस्लिम थे।
अयोध्या में जन्मभूमि विवाद के बीच यह बड़े सांप्रदायिक दंगों में से एक था। वीएचपी ने राम मंदिर के लिए ईंट इकट्ठा करने के लिए रामशिला जुलूस निकाला था। यह जुलूस जब तारापुर पहुंचा तो मुस्लिम हाई स्कूल के पास जुलूस पर पत्थऱबाजी की गई और क्रूड बम फेंके गए। इसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद फायरिंग हुई और दो की मौत हो गई। इसके बाद मुस्लिमों की दुकानों को निशाना बनाया गया।
भागलपुर के नयाबाजार में 18 लोगों को मार दिया गया जिनमें 11 बच्चे शामिल थे। चंदेरी के तालाब से कम से कम 61 शव बरामद किए गए। सरकार ने 1062 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की थी, हालांकि रिपोर्ट्स में बताया गया कि इस दंगे में कम से कम 1800 लोग मारे गए थे और 80 हजार लोग बेघर हो गए थे। उस समय बिहार में कांग्रेस की सरकार थी और सत्येंद्र नारायण सिंह मुख्यमंत्री थे। बाद में मुख्यमंत्री को कुर्सी छोड़नी पड़ी।





