बीजेपी नेता ने सेंट्रल जेल के अंदर ली शपथ, केरल हाई कोर्ट ने दी थी इजाजत; पूरा मामला
केरल की राजनीति में पहली बार किसी नेता को जेल के अंदर ही शपथ दिलाई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी पार्षद सुगाथन आर को दोबारा शपथ दिलाई जानी थी। हालांकि वह जेल में थे। हाई कोर्ट ने उन्हें जेल में ही शपथ दिलाने की अनुमति दे दी।

केरल की राजनीति में एक अजीब घटना सामने आई है। यहां बीजेपी के एक पार्षद को सेंट्रल जेल के अंदर ही शपथ लेनी पड़ी। केरल हाई कोर्ट के आदेश के बाद ऐसा किया गया है। जेल में ही उनके शपथग्रहण की पूरी व्यवस्था की गई थी। दरअसल तिरुवनंतपुरम के वाजोत्तुकोनन वॉर्ड से जीत करने वाले बीजेपी के पार्षद सुगाथन आर वियूर सेंट्रल जेल में हैं। उन्हें प्रिवेंटिव डिटेंशन में रखा गया है। हाई कोर्ट ने कहा था कि अगर कोई जीता हुआ नेता जेल में है तो उसे वहीं शपथ दिलवाई जाए। इसके बाद जेल की लाइब्रेरी में उनकी शपथ ग्रहण की तैयारी की गई।
20 पार्षदों को दिलाई गई दोबारा शपथ
पिछले महीने हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि बीजेपी के 20 पार्षदों को दोबारा शपथ लेनी होगी क्योंकि इससे पहले जो शपथ ली गई थी वह फॉर्मेट के मुताबिक नहीं थी। सुगाथन आर पर दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में उन्हें अंतरिम जमानत मिल चुकी है। इसके बाद भी उन्हें एहतियातन हिरासत में रखा गया है। उन्हें नए शिरे से शपथ लेने के लिए कॉर्पोरेशन के ऑफिस पहुंचना था। लेकिन जेल में होने की वजह से यह संभव नहीं था।
सुगाथन को केरल एंटी सोशल ऐक्टिविटीज (प्रिवेंशन) ऐक्ट के तहत हिरासत में ले लिया या। सोमवार को कोर्ट ने सेंट्रल जेल के अधीक्षक को निर्देश दिया कि शपथ ग्रहण के लिए जरूरी इंतजाम करें। कोर्ट ने मेयर और निकाय के अन्य अधिकारियों को भी जेल जाने की इजाजत दी थी।
हाई कोर्ट ने कहा कि बीजेपी नेता को केएएपीए के तहत हिरासत में रखा गया है और इसलिए शपथ ग्रहण के लिए रिहा नहीं किया जा सकता। हालांकि लोकतंत्र में जनादेश का भी सम्मान होना चाहिए और इसलिए उन्हें जेल में ही शपथ लेने की अनुमति दी जाती है। बता दें कि तिरुवनंतपुरम नगर निगम के चुनाव 2025 में हुए थे। 21 दिसंबर 2025 को उन्होंने पहली बार शपथ ली थी, हालांकि कोर्ट ने बाद में उस शपथ को अमान्य कराार दिया।
कोर्ट ने कहा था कि कोई भी जनप्रतिनिधि वैधानिक शपथ लेते हुए किसी राजनीतिक व्यक्ति, देवता या संगठन का नाम अपने मन से नहीं जोड़ सकता है। 24 जून को पार्षदों को दोबारा शपथ दिलाई गई। पेच सुगाथन की शपथ को लेकर फंसा था जिसपर हाई कोर्ट ने जेल में शपथ का आदेश दे दिया। केरल की राजनीति में यह अपनी तरह का पहला मामला है जब जेल में किसी नेता को शपथ दिलाई गई है।
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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