
शशि थरूर के गढ़ में भाजपा सबसे आगे, तिरुवनंतपुरम निगम चुनाव में कांग्रेस तीसरे नंबर पर
शुरुआती रुझानों में एलडीएफ (LDF) के खाते में 17 सीटें जाती दिख रही हैं। वहीं भाजपा गठबंधन 16 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ की बात करें तो अब तक 11 सीटों पर आगे है।
केरल में दो चरणों में हुए स्थानीय निकाय चुनावों की आज गिनती हो रही है। इस मतगणना में तिरुवनंतपुरम नगर निगम के परिणाम भी शामिल हैं, जिसमें कुल 101 वार्ड हैं। तिरुवनंतपुरम नगर निगम में मतदान पहले चरण में मंगलवार यानी कि 9 दिसंबर को हुआ था, जिसमें 70.91 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। सुबह 10:40 बजे तक तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में 101 में BJP 22 वार्डों में आगे चल रही है, LDF 16 वार्डों और UDF 11 वार्डों के साथ पीछे है, गिनती जारी है। बहुमत का आंकड़ा 52 है। BJP पिछले 10 सालों से राज्य की राजधानी की शहरी निकाय में सत्ता जीतने की कोशिश कर रही है। आपको बता दें कि कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर यहीं से सांसद हैं।
2020 के स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों पर नजर डालें तो तिरुवनंतपुरम में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) ने 52 वार्ड जीतकर निगम पर कब्जा किया था। बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने 33 वार्ड जीते थे, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को 10 वार्ड मिले थे। इस वर्ष भी, तिरुवनंतपुरम नगर निगम में मुख्य रूप से एलडीएफ, एनडीए और यूडीएफ के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है।
एलडीएफ ने सभी 101 वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं।। सीपीआई(एम) 70 सीटें, सीपीआई (CPI) 17 सीटें केरल कांग्रेस (एम) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) तीन-तीन सीटों पर चुनाव लड़ रहा है। जनता दल (सेक्युलर) भी दो पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। अन्य छोटे घटक दलों जैसे कि इंडियन नेशनल लीग, कांग्रेस (सेक्युलर), केरल कांग्रेस (बी), जनधिपत्य केरल कांग्रेस, एनसीपी (शरदचंद्र पवार), और जनधिपत्य संरक्षण समिति) ने एक-एक सीट पर चुनाव लड़ा।
एनडीए ने भी सभी 101 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। गठबंधन में बीजेपी (BJP) 96 सीटें, भारत धर्म जन सेना (BDJS) 3 सीटें और केरल कामराज कांग्रेस और शिवसेना को एक-एक सीटें मिली हैं।





