रात गई पर बात नहीं! कॉकरोचों को भाजपा नेता की खुली चुनौती, वादे से पलटे थलपति विजय? 9 सितंबर की खबरों का रीकैप
भाजपा के एक बड़े नेता ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं पर मानहानि का मुकदमा ठोका है। दूसरी तरफ थलपति विजय ने अपना एक वादा तोड़ दिया है। एक क्लिक पर पढ़ें 9 सितंबर की बड़ी खबरों का रीकैप-

भाजपा नेता ने सौरभ दास को दी खुली चुनौती
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने कथित मानहानि को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके और सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका से 2 करोड रुपए के हर्जाने की मांग की है। उन्होंने इसके लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
क्यों है अहम- सौरव दास ने पिछले दिनों एक ट्वीट किया था जिसमें गौरव भाटिया को लेकर कुछ दावे किए गए थे। हालांकि भाटिया ने कहा कि ये बातें उन्होंने नहीं कही हैं। सौरभ दास ने पोस्ट डिलीट कर दी। लेकिन गौरव भाटिया ने सौरभ से माफी की मांग की। लेकिन दास ने माफी नहीं मांगी। इसके बाद भाटिया हाईकोर्ट पहुंचे
आगे क्या- इस मामले पर गुरुवार 10 सितंबर को कोर्ट में सुनवाई होगी। गौरव भाटिया ने एक बयान में सौरव दास और अन्य नेताओं को चुनौती देते हुए कहा है कि ‘अब याचना नहीं अब रण होगा।’
ईरान के दोस्त पर बम बरसायेगा पाकिस्तान?
पश्चिम एशिया में अब सऊदी और हुती विद्रोहियों के बीच संघर्ष शुरू हो गया है। इस बीच ईरान-अमेरिका जंग को रुकवाने के लिए मध्यस्थता का ढोंग करने वाला पाकिस्तान भी अब इस मोर्चे पर उलझ गया है। यहां तक कि वह मक्का समझौते के तहत ईरान समर्थित हुती विद्रोहियों पर बमबारी करने को भी तैयार है।
क्यों है अहम- पिछले महीने सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच एक सुरक्षा समझौता हुआ था। इसके मुताबिक अगर इन तीनों देशों में से किसी एक पर भी हमला होता है तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। अब पाकिस्तान के लिए यह बड़ी परीक्षा होगी कि वह सऊदी का साथ देता है या अपने पुराने दोस्त ईरान का।
आगे क्या- चर्चा है कि पाकिस्तान मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट को जल्द ही लागू कर सकता है और यमन पर हमला बोल सकता है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने चेतावनी दी है कि अगर यमन का संघर्ष सऊदी इलाके में यूं ही जारी रहा तो समझौते की सामूहिक रक्षा वाली शर्त लागू हो सकती है।
वादे से पलट गए थलपति विजय?
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय अपने पहले वादे से पीछे हटते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि वह इस वादे को पूरा करने से इनकार नहीं कर रहे हैं लेकिन जिस समय उन्होंने इसकी शुरुआत करने का ऐलान किया था वह अब नहीं हो पा रहा है।
क्यों है अहम- तमिलनाडु में सरकार में आने पर विजय ने इस योजना की घोषणा की थी। इस योजना के तहत नवजातों को सोने की अंगूठी देने का ऐलान किया गया था। योजना की शुरुआत 15 सितंबर से होने वाली थी लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा।
आगे क्या- इस योजना के जरिए टीवीके सरकार लोगों के मन में मुख्यमंत्री विजय की ‘मामा’ वाली छवि बनाना चाहती थी। हालांकि अब योजना को आगे खिसका दिया गया है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल हैं कि क्या इस योजना के नियमों में भी कोई बदलाव किया गया है।


