टुकड़े-टुकड़े गैंग का साथ देने के लिए माफी मांगें कांग्रेस, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भाजपा

Jan 05, 2026 01:58 pm ISTJagriti Kumari भाषा
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SC ने 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े मामले में खालिद और इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया है। SC ने कहा कि उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है।

टुकड़े-टुकड़े गैंग का साथ देने के लिए माफी मांगें कांग्रेस, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भाजपा

दिल्ली दंगों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को कहा है कि मामले में आरोपियों उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार करने का SC का आदेश कांग्रेस के मुंह पर एक ‘करारा तमाचा’ है। इस दौरान भाजपा ने विपक्षी दल से ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ का समर्थन करने के लिए माफी मांगने को भी कहा है। भाजपा ने खालिद और इमाम को भारत में विभाजनकारी ताकतों के ‘पोस्टर ब्वॉय’ बताते हुए दावा किया कि उन्हें बचाने के लिए कांग्रेस का पूरा तंत्र उन्हें ‘निर्दोष पीड़ित’ के रूप में पेश कर रहा है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े मामले में खालिद और इमाम को जमानत देने से सोमवार को इनकार कर दिया। SC ने कहा कि उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है। हालांकि जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजारिया की पीठ ने इस मामले में अन्य आरोपियों गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दे दी।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘‘सत्यमेव जयते।’’ उन्होंने लिखा, “सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया। आरोप प्रथम दृष्टया सही हैं।’’ पूनावाला ने आगे लिखा कि कांग्रेस को ‘अफजल से लेकर उमर और शरजील तक टुकड़े-टुकड़े गैंग’ का समर्थन करने के लिए माफी मांगनी चाहिए।

वहीं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने शीर्ष अदालत के फैसले को राहुल गांधी और कांग्रेस के परिवेशी तंत्र के चेहरे पर ‘करारा तमाचा’ बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने ‘टुकड़े-टुकड़े के ‘पोस्टर ब्वॉय’ उमर खालिद और शरजील इमाम को निर्दोष पीड़ित’ के रूप में पेश किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि जनमत की अदालत और कानून की अदालत में गांधी के ‘‘अर्बन नक्सली’’ पराजित हुए हैं। भंडारी ने कहा, ‘‘क्या कांग्रेस भारत के लिए शत्रुतापूर्ण टुकड़े-टुकड़े ताकतों को पीड़ित के रूप में पेश करने के लिए देश से माफी मांगेगी?’’

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Jagriti Kumari

जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

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