'नाराज फूफा' वाले तंज पर भिड़े भाजपा और कांग्रेस, खरगे बोले- केवल नाकामियों को छिपाने का हथकंडा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एसआरसीस कॉलेज में दिए गए बयान में विपक्ष को नाराज फूफा कहने के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि यह केवल नाकामियों को छिपाने का जरिया है। वहीं नितिन नवीन ने भी विपक्ष पर तंज कस दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद रविवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विपक्षी दलों पर ‘नाराज फूफा’ वाला तंज कसा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल देश की तरक्की का चाहे कितना भी विरोध करें, लोगों के समर्थन से 2047 तक विकसित भारत का संकल्प पूरा होकर रहेगा। उन्होंने कहा कि आज विपक्ष की स्थिति ‘नाराज फूफा’ जैसी है।
विपक्ष नाराज फूफा की तरह
नितिन नवीन ने कहा कि हम सभी ने परिवार या समाज में ऐसे लोगों को देखा है जो हमेशा असंतुष्ट रहते हैं और आगे बढ़ने के किसी सकारात्मक रास्ते के बारे में सोच भी नहीं पाते, उस पर चलने की तो बात ही छोड़िए। इन्हीं लोगों को प्रधानमंत्री ने ‘नाराज फूफा’ कहा है। नवीन ने विपक्षी नेताओं से पूछा कि वे नाराज और परेशान क्यों हैं, जबकि भारत तरक्की कर रहा है।
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद से कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया जा रहा है और जमीनी स्तर पर नक्सलवाद को खत्म किया गया है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हम देख सकते हैं कि जिन नारों के दम पर विपक्षी दल लंबे समय तक सत्ता में रहे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें पूरा किया। 25 करोड़ परिवारों को गरीबी रेखा से ऊपर लाया गया। आरोप लगाया कि भारत के विकास या उसकी विरासत और संस्कृति की तरक्की को न सह पाना विपक्ष की पहचान बन गई है, क्योंकि वे अपने स्वार्थ और निजी प्रतिष्ठा पर ही अड़े रहते हैं।
जनता का ध्यान भटका रहे : खरगे
दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉर्मस में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दिए गए ‘नाराज फूफा’ वाले बयान पर कांग्रेस ने केंद्र निशाना साधा है। कांग्रेस ने कहा कि केंद्र सरकार की नाकामियों को छिपाने के लिए इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री शनिवार को एसआरसीसी गए थे। यह देश के युवाओं, शिक्षा और उनके भविष्य पर बातचीत का एक मौका था। लेकिन, यह सब नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि विपक्ष को हर साल नया नाम दिया जाता है। नाम बदलते रहते हैं, लेकिन केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियां नहीं बदलती हैं।
कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार के पास युवाओं के सामने पेश करने को विजन या प्रेरणादायक संदेश नहीं है। युवा बेरोजगारी, शिक्षा के गिरते स्तर सहित अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। आम आदमी पार्टी ने भी नाराज फूफा वाले बयान पर भाजपा पर निशाना साधा। वहीं, एनसीपी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले ने कहा कि लोकतंत्र में बोलने के अधिकार के साथ सुनने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जैसे हमारे पास बोलने की शक्ति है, वैसे ही एक मजबूत लोकतंत्र में हमारे पास सुनने की क्षमता भी होनी चाहिए।


