NDA में भी G Ram G का विरोध? इस बात पर टेंशन में आया BJP का साथी दल
ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच यह विधेयक पेश करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दी। विपक्षी सदस्यों ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाया जाना उनका अपमान है।

MNREGA की जगह लाए गए विकसित भारत-जी राम जी विधेयक 2025 पर सरकार को विपक्ष के साथ एक साथी दल की आपत्ति का भी सामना करना पड़ रहा है। खबर है कि केंद्र की एनडीए सरकार में शामिल TDP यानी तेलुगु देशम पार्टी ने योजना का खर्च राज्यों पर डाले जाने की बात का विरोध किया है। इधर, कांग्रेस बुधवार को योजना का नाम बदले जाने के विरोध में बड़े स्तर पर प्रदर्शन की तैयारी कर रही है।
टीडीपी सांसद लवु श्री कृष्ण देवरयालु ने कहा, 'कुछ सालों से हितधारकों में विचार चल रहा था। उनका मानना था कि मनरेगा में संशोधन करने और बेहतर बनाने की जरूरत है। इन विचारों के आधार पर संसद के बाहर और अंदर बदलाव किए गए। जैसे काम के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 किया गया...।'
राज्य में आने वाले आर्थिक बोझ को लेकर उन्होंने कहा, 'सभी जानते हैं कि साल 2014 से आंध्र प्रदेश नकदी संकट देळ रहा है। बीते डेढ़ सालों से हम कई योजनाओं पर सरकार के साथ काम कर हैं और जब भी हमने कहा, तब केंद्र सरकार ने आगे आकर हमारी मदद की है। तो हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार भी ऐसा ही होगा।'
पार्टी प्रवक्ता एन विजय कुमार ने कहा है कि उनका दल इस नए वर्जन का स्वागत करता है। साथ ही उन्होंने कहा कि वह 40 फीसदी भुगतान के प्रावधान को लेकर सरकार से दोबारा विचार करने के लिए कहेंगे।
लोकसभा में ध्वनि मत से पास
ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच यह विधेयक पेश करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दी। विपक्षी सदस्यों ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाया जाना उनका अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि विधेयक को वापस लिया जाए या फिर संसदीय समिति के पास भेजा जाए।
चौहान ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, 'महात्मा गांधी हमारे दिलों में बसते हैं।' उनका कहना था कि मोदी सरकार महात्मा गांधी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर आधारित कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने सवाल किया, 'कांग्रेस की सरकार ने भी जवाहर रोजगार योजना का नाम बदला था तो क्या यह पंडित जवाहरलाल नेहरू का अपमान था?'
चौहान ने कहा कि सरकार ने मनरेगा पर 8.53 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने बताया, 'हम इस विधेयक में 125 दिन के रोजगार की गारंटी दे रहे हैं। यह कोई कोरी गारंटी नहीं है, बल्कि 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रावधान किया गया है।' उन्होंने कहा कि इस विधेयक से गांवों का संपूर्ण विकास होगा।
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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