CIA और नेहरू की लिंक थे बीजू पटनायक, निशिकांत दुबे का दावा; गुस्साए बीजद MP ने छोड़ा पैनल

Nisarg Dixit भाषा
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बीजू जनता दल (BJD) ने निशिकांत दुबे के बयान को खारिज करते हुए उनसे माफी मांगने की मांग की। बीजद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष देबी प्रसाद मिश्रा ने कहा कि दुबे का बयान 'अशोभनीय, शरारतपूर्ण और एक देशभक्त का अपमान' था।

CIA और नेहरू की लिंक थे बीजू पटनायक, निशिकांत दुबे का दावा; गुस्साए बीजद MP ने छोड़ा पैनल

बीजू जनता दल (BJD) सांसद सस्मित पात्रा ने रविवार को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति से इस्तीफा दे दिया। यह इस्तीफा ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक पर दुबे की टिप्पणी के विरोध में दिया गया। दुबे ने 27 मार्च को एक बयान में दावा किया था कि 1960 के दशक में बीजू पटनायक पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए के बीच कड़ी थे।

ओडिशा के अपमान के आरोप

इस टिप्पणी के विरोध में पात्रा ने दुबे की अध्यक्षता वाली संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी समिति से इस्तीफा दे दिया, जबकि पार्टी के तीन अन्य सांसदों मानस मंगराज, सुभाशीष खुंटिया और मुजीबुल्ला खान (मुन्ना खान) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद की आलोचना करते हुए उन पर 'ओडिशा के गौरव का अपमान' करने का आरोप लगाया।

वर्ष 1997 में बीजू पटनायक के निधन के बाद उनके बेटे नवीन पटनायक ने बीजू जनता दल (बीजद) की स्थापना की। वह 1961 से 1963 तक और 1990 से 1995 तक, दो बार ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे।

माफी की मांग

बीजद ने दुबे के बयान को खारिज करते हुए उनसे माफी मांगने की मांग की। बीजद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष देबी प्रसाद मिश्रा ने कहा कि दुबे का बयान 'अशोभनीय, शरारतपूर्ण और एक देशभक्त का अपमान' था। मिश्रा ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, 'एक राजनीतिक दल के रूप में, हम उनके बयान की कड़ी निंदा करते हैं और उनसे माफी मांगने की मांग करते हैं।'

राज्यसभा के सभापति को 28 मार्च को लिखे पत्र में पात्रा ने कहा, 'विरोध में और सैद्धांतिक तौर पर, मैं श्री निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसद की स्थायी समिति से इस्तीफा दे रहा हूं। मैं ऐसे व्यक्ति के अधीन काम नहीं कर सकता जो दिवंगत श्री बीजू पटनायक जी के बारे में इस तरह की अपमानजनक टिप्पणी सार्वजनिक रूप से करे।'

पात्रा ने राज्यसभा के सभापति से अपना इस्तीफा स्वीकार करने और उसे लोकसभा अध्यक्ष को भेजने का भी अनुरोध किया, क्योंकि यह समिति लोकसभा के अधीन है।

Nishikant Dubey

निशिकांत दुबे का दावा

मीडिया को दिए अपने बयान में दुबे ने कहा था, 'अमेरिका ने तिब्बत पर चीन के कब्जे के डर से वहां अपनी सेना और सीआईए एजेंट भेजे थे। दलाई लामा और उनके भाई अमेरिकी सरकार के लगातार संपर्क में थे। नेहरू ने चीन से 1962 का पूरा युद्ध अमेरिकी धन और सीआईए एजेंटों के सहयोग से लड़ा था। ओडिशा के तत्कालीन मुख्यमंत्री बीजू पटनायक अमेरिकी सरकार, सीआईए और नेहरू के बीच कड़ी का काम करते थे।'

दुबे ने यह भी कहा था कि ओडिशा का चारबतिया हवाई अड्डा, जिसमें बीजू पटनायक की महत्वपूर्ण भूमिका थी, यू2 विमानों का अड्डा था और इस हवाई अड्डे पर 1963 से 1979 तक अमेरिकी सेना तैनात थी।

Nisarg Dixit

लेखक के बारे में

Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

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