
नतीजे कुकृत्यों को छिपा नहीं सकते, बिहार चुनाव को लेकर एमके स्टालिन किस पर भड़के
संक्षेप: मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने निर्वाचन आयोग की आलोचना करते हुए कहा, ‘इस चुनाव के नतीजे निर्वाचन आयोग के कुकृत्यों और लापरवाह कार्यों को नहीं छिपा सकते। निर्वाचन आयोग की प्रतिष्ठा अपने सबसे निचले स्तर पर है।’
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार को उनकी जीत के लिए शनिवार को बधाई दी। स्टालिन ने साथ ही निर्वाचन आयोग की आलोचना करते हुए कहा कि इस चुनाव के नतीजे उसके कुकृत्यों को छिपा नहीं सकते। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के युवा नेता तेजस्वी यादव की उनके अथक प्रचार अभियान के लिए सराहना की। सीएम स्टालिन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘बिहार चुनाव परिणाम सभी के लिए एक सबक है। चुनाव नतीजे कल्याणकारी योजनाओं को लाभार्थियों तक पहुंचाए जाने, सामाजिक व वैचारिक गठबंधन, राजनीतिक संदेश और अंतिम वोट पड़ने तक समर्पित प्रबंधन को दर्शाते हैं।’

मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि इंडिया गठबंधन के नेता अनुभवी हैं, जो संदेश को समझने और उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए रणनीतिक योजना बनाने में सक्षम हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग की आलोचना करते हुए कहा, ‘इस चुनाव के नतीजे निर्वाचन आयोग के कुकृत्यों और लापरवाह कार्यों को नहीं छिपा सकते। निर्वाचन आयोग की प्रतिष्ठा अपने सबसे निचले स्तर पर है।’
निर्वाचन आयोग पर स्टालिन क्या बोले
एमके स्टालिन ने कहा कि देश के नागरिक ऐसे मजबूत और अधिक निष्पक्ष निर्वाचन आयोग के हकदार हैं, जिसके चुनाव संचालन से उन लोगों में भी विश्वास पैदा हो जिनकी जीत नहीं हुई। 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 243 सीटों में से 202 सीटें जीत लीं, जो राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय रच गया। जदयू के नेतृत्व वाले नीतीश कुमार ने अपनी 20 साल पुरानी सरकार को मजबूत आधार दिया, जबकि भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। विपक्षी महागठबंधन को मात्र 35 सीटें मिलीं, जो उनकी उम्मीदों पर पानी फेर गई।





