फर्जी स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट से नौकरी के लिए ‘खेल’, महाराष्ट्र में पुलिस भर्ती घोटाले का पर्दाफाश
पुलिस की नौकरी हासिल करने के लिए तमाम लोगों ने बड़ी कीमत अदाकर नकली स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट हासिल किया। क्या है यह पूरा खेल और एक सर्टिफिकेट के लिए कितनी कीमत चुकाई गई? जानिए सबकुछ…

पुणे में पुलिस भर्ती में बड़े खेल का पर्दाफाश हुआ है। आरोप है कि यहां पर फर्जी स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट लगाकर लोगों ने नौकरी हासिल की। पुणे क्राइम ब्रांच की जांच में अभी तक ऐसे 19 मामले सामने आए हैं। बताया जाता है कि इन सभी ने सरकारी खेल कोटे का दुरुपयोग करते हुए नौकरी हासिल की थी। इसके लिए इन लोगों ने कुराश और ड्रैगन बोट खेल के नकली सर्टिफिकेट जमा किए थे। यह भी सामने आया है कि यह जाली सर्टिफिकेट 3 से 5 लाख रुपए की कीमत पर बेचे गए। ऐसा अनुमान है कि करीब 500 से 600 लोगों ने यह सर्टिफिकेट खरीदे हैं।
10 साल से सक्रिय है रैकेट
इतना ही नहीं, यह भी दावा किया गया है कि नकली खेल सर्टिफिकेट बनाने वाला रैकेट पिछले दस साल से सक्रिय है। पुणे मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक यह सारा खेल 2016 से ही चल रहा है। अधिकारियों ने फिलहाल इस मामले में 70 लोगों से पूछताछ की है। फिलहाल पुणे क्राइम ब्रांच ने दो प्रमुख संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम अंकुश विट्ठल नागर और शिवाजी सालुंके हैं। अंकुश महाराष्ट्र स्टेट कुराश एसोसिएशन का अध्यक्ष है। वहीं, शिवाजी एसोसिएशन का सचिव है।
बड़े खेल अधिकारी के शामिल होने की आशंका
नकली स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करने वाले जितने उम्मीदवारों के नाम सामने आए हैं, उनमें से नौ पहले ही पुलिस ट्रेनिंग कर रहे हैं। अब जांच का दायरा बढ़ा दिया है। जांच करने वाली टीम अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि कहीं खेल विभाग का कोई बड़ा अधिकारी भी तो इस घपले में शामिल नहीं है। फिलहाल बड़े पैमाने पर जांच की जा रही है।
टास्क फोर्स का गठन
इस बीच, महाराष्ट्र सरकार ने एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है। यह विभिन्न डिविजनों में होने वाली भर्ती परिक्षाओं का रिव्यू करेग। एक अधिकारी ने बताया कि यह प्रक्रिया 12 सितंबर से शुरू होगी। यह टास्क फोर्स बताएगी कि भर्ती परीक्षाओं को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी, भरोसेमंद और उम्मीदवारों के अनुकूल बनाने के लिए क्या-क्या उपाय अपनाए जाएं। सरकारी प्रस्ताव के जरिए 4 सितंबर को गठित टास्क फोर्स इस महीने सभी छह प्रशासनिक विभागों का दौरा करेगी और छात्रों, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों, माता-पिता, शिक्षकों, शैक्षिक संस्थानों और अन्य हितधारकों से सीधे बातचीत करेगी।
डिविजन-वार परामर्श पुणे में 12 सितंबर को सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी में शुरू होंगे। इसके बाद यह 16 सितंबर को नागपुर, 17 सितंबर को अमरावती, 21 सितंबर को छत्रपति संभाजनगर, 29 सितंबर को कोंकण और 30 सितंबर को नासिक पहुंचेगा। परामर्श के दौरान, स्टेकहोल्डर्स को भर्ती परीक्षा प्रणाली से संबंधित अपने सुझाव, परेशानियां और फीडबैक शेयर करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा, रिलीज में कहा गया।


