राहुल गांधी को बड़ी राहत, सावरकर पर टिप्पणी मामले में आपराधिक मानहानि केस बंद
राहुल गांधी के खिलाफ ये शिकायत नासिक स्थित निर्भया फाउंडेशन के अध्यक्ष देवेंद्र भुटाडा ने दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 15 और 16 जून, 2022 को हिंगोली और अकोले में रैलियों में गांधी की टिप्पणियां मानहानि करने वाली थीं।

महाराष्ट्र के नासिक जिले की एक आपराधिक अदालत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को बुधवार, 11 मार्च को बड़ी राहत दी है। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आर.एल. नरवाडे की अदालत ने गांधी के खिलाफ दायर मानहानि के एक मामले को बंद कर दिया है। यह मामला उनके द्वारा हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर को लेकर की गई टिप्पणियों से जुड़ा था, जो उन्होंने 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान की थीं। अकोला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सावरकर से जुड़े कुछ ऐतिहासिक दस्तावेज दिखाते हुए टिप्पणी की थी।
राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत नासिक स्थित निर्भया फाउंडेशन के अध्यक्ष देवेंद्र भुटाडा ने दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 15 और 16 जून, 2022 को हिंगोली और अकोला में रैलियों में गांधी की टिप्पणियां मानहानि करने वाली और अपमानजनक थीं।
किन धाराओं में मामला दर्ज हुआ था
भुटाडा की शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 499 (मानहानि) और 504 (जानबूझकर अपमान) के तहत मामला दर्ज किया गया था। सितंबर 2024 में नासिक अदालत ने राहुल गांधी को इस मामले में समन भी जारी किया था। बाद में राहुल गांधी को अदालत से जमानत मिल गई और उन्हें कार्यवाही में वर्चुअल माध्यम से उपस्थित होने की अनुमति भी दी गई। सुनवाई के दौरान उन्होंने खुद को निर्दोष बताया था।
शिकायतकर्ता ने वापस ली शिकायत
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने पहले दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 202 के तहत जांच के आदेश दिए थे। पुलिस की रिपोर्ट आने के बाद शिकायतकर्ता ने अदालत में आवेदन देकर मामला वापस लेने की मांग की थी। इसके बाद ट्रायल जज ने मानहानि से जुड़ी पूरी कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया।
लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।


